राजनीति जीवन में कोशिश किए बिना सिर्फ डैंड्रफ ही मिल सकता है:सिद्धू January 18, 2017 by अनिल अनूप | Leave a Comment पंजाब प्रदेश कांग्रेस के करीबी सूत्र ने बताया कि,'पार्टी फेसबुक, ट्विटर और वॉट्स ऐप के जरिए पंजाबियत के साथ-साथ ‘इनसाइडर बनाम आउटसाइडर सीएम’ के बहस को भी जोर शोर से प्रचारित करेगी. हम सभी जन सभाओं और रैलियों में लोगों से इस बात के लिए रायशुमारी कराने जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री पंजाबी होना चाहिए या फिर बाहरी? Read more » सिद्धू
राजनीति दागी नेताओं की स्वच्छ राजनीति January 17, 2017 by शालिनी तिवारी | Leave a Comment एक नजरिया यह भी: राजनीति ( पॉलिटिक्स ) यूनानी भाषा के ‘पोलिस’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ है – समुदाय, जनता या समाज .आमतौर पर हम लोग जनता की नुमाइंदगी करके सत्ता तक पहुँचने, बड़ा ओहदा हथियाने , जनता और सरकार का बिचौलिया बनकर अपने छल बल से जनता का पैसा अपने खाते में […] Read more » clean politics clean politics of tainted politicians Featured tainted politicians दागी नेताओं की स्वच्छ राजनीति
राजनीति बिहार से यूपी तक पिछलग्गू बनती कांगे्रस January 17, 2017 by संजय सक्सेना | Leave a Comment दरअसल, 2009 के बाद से कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिर रहा है। कांग्रेस के हाथ से राज्यों की सत्ता छिटक रही है। लिहाजा यूपी में सत्ता में होना कांग्रेस की राजनीतिक मजबूरी माना जा रहा है। कांग्रेस सत्ता में तो आना चाहती है। इसके अलावा एक मकसद बीजेपी को यूपी की सत्ता से दूर रखना भी है। कांगे्रस की दुर्दशा के कारणों पर नजर डाली जाये तो जटिल जातीय समीकरण वाले इस सूबे में कांग्रेस के पास अपना परंपरागत वोट बैंक नही बचा है। ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम अब कांग्रेस के वोटर नहीं रह गये हैं। Read more » Featured कांगे्रस के गठबंधन कांग्रेस का चेहरा बनी शीला दीक्षित प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर बीजेपी को यूपी की सत्ता से दूर मुख्यमंत्री पद की दावेदार शीला दीक्षित शीला दीक्षित समाजवादी पार्टी
आर्थिकी राजनीति तस्वीर की जगह गांधी विचार पर बहस होनी चाहिए January 16, 2017 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 2 Comments on तस्वीर की जगह गांधी विचार पर बहस होनी चाहिए बहरहाल, हंगामा खड़ा कर रहे राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों से एक प्रश्न यह जरूर पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने खादी और गांधी के विचार के लिए अब तक क्या किया है? जो लोग गांधीजी के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा पर संदेह कर रहे हैं, उन्हें ध्यान करना चाहिए कि नरेन्द्र मोदी ने अपने सबसे महत्वाकांक्षी और सबसे अधिक प्रचारित 'स्वच्छ भारत अभियान' को महात्मा गांधी को ही समर्पित किया है। इस अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए गांधीजी के चित्र और उसके प्रतीकों का ही उपयोग किया जाता है। Read more » Featured कैलेंडर और डायरी पर महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर खादी के प्रचार-प्रसार के लिए 'ब्रांड मोदी' गांधी तस्वीर गांधी विचार गांधी विचार पर बहस गांधी विचार पर बहस होनी चाहिए
राजनीति अखिलेश 19 को आगरा से फूकंेगे चुनावी बिगुल January 16, 2017 by संजय सक्सेना | Leave a Comment आगरा सहित पश्चिमी यूपी मेें कल से नामांकन प्रक्रिया संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहले चरण में 15 जिलों की 73 सीटों के लिए कल (17जनवरी) से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। इसके लिये चुनाव आयोग ने इन जिलों में नामांकन की तैयारियां पूरी कर ली है। पहले चरण में पश्चिमी यूपी में चुनाव […] Read more » Akhilesh yadav Mulayam Yadav samajwadi party अखिलेश
राजनीति सबको सम्मति दे भगवान January 16, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment यह सही है कि लफ्जों में इतनी ताकत होती है कि किसी पुरानी डायरी के पन्नों पर कुछ समय पहले चली हुई कलम आज कोई तूफान लाने की क्षमता रखती है लेकिन किसी डायरी के खाली पन्ने भी आँधियाँ ला सकते हैं ऐसा शायद पहली बार हो रहा है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के 2017 […] Read more » Featured सबको सम्मति दे भगवान
राजनीति शख्सियत दलितों में आज भी है मायावती की लोकप्रियता January 14, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment (मायावती के 61वें जन्मदिवस 15 जनवरी 2017 पर विशेष) उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को दिल्ली में एक दलित परिवार में हुआ था। मायावती के पिता का नाम प्रभुदयाल और माता का नाम रामरती था। मायावती के छः भाई और दो बहनें हैं। इनका पैतृक गाँव बादलपुर है जो […] Read more » कांशीराम पहली दलित मुख्यमंत्री बसपा बसपा के संस्थापक कांशीराम मायावती
राजनीति डर काहे का January 14, 2017 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार सी.बी.आई. ने 17 हजार करोड़ रू. के रोजवैली चिटफंड घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोपी सुदीप बंद्योपध्याय को गिरफ्तार क्या किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल काॅग्रेस ने सारी मर्यादाएॅ तोड़ दी। ज्ञातव्य है कि 30 दिसम्बर को सी.बी.आई. पांेजी योजना घोटाला में ऋणमूल के एक […] Read more » Featured तृणमूल काॅग्रेस पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी पश्चिम बंगाल में मुस्लिम-बाहुल्य क्षेत्रों में हिन्दुओं का जीना दूभर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुस्लिम-प्रेम रोजवैली चिटफंड घोटाले सुदीप बद्योपध्याय
राजनीति प्रधान मंत्री के खिलाफ “राजनैतिक जिहाद” का फतवा – कठमुल्ले मानते हैं देश में आज भी मुग़ल सल्तनत ! January 14, 2017 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment सत्ताधीशों की लगातार कुर्सीपरस्त तुष्टीकरण की राजनीति के कारण भारत के कतिपय कट्टरपंथियों के मन में यह धारणा घर कर चुकी है कि अंग्रेजों के जाने के बाद अब भारत पर उनका ही शासन है ! जीहाँ इसका ताजा तरीन उदाहरण है कोलकाता की टीपू सुल्तान मस्जिद के बदनाम इमाम सैयद नूरउररहमान बरकाती का वह […] Read more » Featured टीपू सुल्तान मस्जिद के बदनाम इमाम सैयद नूरउररहमान बरकाती देश में आज भी मुग़ल सल्तनत ! नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनैतिक जिहाद का आव्हान प्रधान मंत्री प्रधान मंत्री के खिलाफ "राजनैतिक जिहाद" राजनैतिक जिहाद
राजनीति राजनीतिक का ‘शुद्धिकरण’ जरूरी January 14, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment सर्वोच्च अदालत ने दागियों को विधायिका से बाहर रखने के तकाजे से जो पहल की है उसका लाभ पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में तो नहीं मिल पाएगा, पर उम्मीद की जा सकती है कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले जरूर कुछ ऐसी वैधानिक व्यवस्था बन पाएगी जिससे आपराधिक तत्त्व उम्मीदवार न हो सकें। एक समय था जब ऐसे किसी नियम-कानून की जरूरत महसूस नहीं की जाती थी, क्योंकि तब देश-सेवा और समाज-सेवा की भावना वाले लोग ही राजनीति में आते थे। पर अब हालत यह है कि हर चुनाव के साथ विधायिका में ऐसे लोगों की तादाद और बढ़ी हुई दिखती है जिन पर आपराधिक मामले चल रहे हों। हमारे लोकतंत्र के लिए इससे अधिक शोचनीय बात और क्या हो सकती है! Read more » Featured राजनीतिक का ‘शुद्धिकरण’ जरूरी राजनीतिक शुद्धिकरण
राजनीति दिल्ली का मौहम्मद तुगलक और अरविन्द केजरीवाल January 13, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment पंजाब की जनता अपने लिए किसे चुनेगी यह तो समय ही बताएगा-पर हम यहां की जनता के निर्णय की परिपक्वता पर आज ही संतुष्ट हैं कि वह जो भी निर्णय लेगी उसे सोच समझकर ही लेगी। केजरीवाल यह भूल जाएं कि जनता कुछ भी नहीं जानती, इसके विपरीत यह मान लें कि यह जनता सब कुछ जानती है। दिल्ली पर शासन करके और अब यह मानकर कि दिल्ली की जनता तुझसे असंतुष्ट है और वह तुझे आगे शायद ही पसंद करे - पंजाब की ओर केजरीवाल का भागना उनकी अवसरवादी राजनीति का एक अंग है, जिसमें वह अपना भविष्य सुरक्षित देख रहे हैं। उनका यह निर्णय मौहम्मद तुगलक की याद दिलाता है जिसने राजधानी दिल्ली से दौलताबाद बनाने का निर्णय लिया था, पर अपनी फजीहत कराके वापस दिल्ली ही आ गया था। केजरीवाल को आना तो दिल्ली में ही है-पर अच्छा हो कि फजीहत कराके ना आयें। Read more » Featured अरविन्द केजरीवाल दिल्ली दिल्ली भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश मौहम्मद तुगलक
राजनीति थॉमस का राजनीतिक पूर्वाग्रह January 12, 2017 by प्रवीण दुबे | Leave a Comment प्रवीण दुबे संसद की लोकलेखा समिति के अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केवी थॉमस ने #नोटबंदी मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समिति के सामने सवाल-जवाब करने के लिए बुलाने की बात कहकर सबको चौंका दिया है। श्री थॉमस का यह बयान उसी समय सामने आया है जब कांग्रेस के ही एक अन्य वरिष्ठ […] Read more » Featured K V Thomas political prejudice वरिष्ठ नेता केवी थॉमस