राजनीति

अब्दुल नासिर मदनी की गिरफ़्तारी नौटंकी – वामपंथी पाखण्ड और मीडिया का पक्षपात फ़िर से उजागर

यदि कर्नाटक पुलिस चाहती है कि वह मुझे गिरफ्तार किए बगैर वापस नहीं जाएगी तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन इसके बाद हालात अस्थिर हो जाएंगे।’ (ऐसी ही धमकी पूरे भारत को कश्मीर की तरफ़ से भी दी जाती है कि अफ़ज़ल गुरु को फ़ाँसी दी तो ठीक नहीं होगा… और “तथाकथित महाशक्ति भारत” के नेता सिर्फ़ हें हें हें हें हें करते रहते हैं…)। खैर… केरल पुलिस (यानी सेकुलर सरकार द्वारा आदेशित पुलिस) ने भी सरेआम “गिड़गिड़ाते हुए” मदनी से कहा कि अदालत के आदेश को देखते हुए वह गिरफ़्तारी में “सहयोग”(?) प्रदान करे…।