राजनीति चुनावी बिसात पर जाति के मुहरे September 28, 2015 by हिमकर श्याम | Leave a Comment हिमकर श्याम जाति की राजनीति बिहार की ख़ासियत रही है। बिहार का चुनाव जातिगत समीकरण के लिए ही जाना जाता है। जातिगत समीकरणों के आधार पर ही सूबे की चुनावी राजनीति का विश्लेषण किया जाता है। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी राजनीतिक दल, गठबंधन जातीय समीकरण दुरुस्त करने में जुट गए हैं। जातियों की […] Read more » Featured चुनावी बिसात चुनावी बिसात पर जाति के मुहरे जाति की राजनीति जेडीयू-बीजेपी गठबंधन बिहार की ख़ासियत
राजनीति क्या मोदी की विदेश यात्राओं के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं? September 27, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | 1 Comment on क्या मोदी की विदेश यात्राओं के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं? शैलेन्द्र चौहान एक ओर तो मीडिया के शहंशाह कहे जाने वाले रुपर्ट मर्डोक भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज़ाद भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ नेता’ बता रहे हैं. वहीँ अमरीकी उद्योग जगत के एक प्रतिनिधि ने कुछ दिन पहले ही यह बयान दिया कि भारत की नौकरशाही में अबतक कोई बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है […] Read more » Featured मोदी की विदेश यात्राओं के सकारात्मक परिणाम
राजनीति बिहार में राजनीतिक घमासान तेज September 27, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्थानी बिहार विधानसभा के चुनावों में चल रहे टिकट वितरण की प्रक्रिया के बाद आरोप प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है। लालू प्रसाद यादव और नीतीश की पार्टी में घमासान मचा हुआ है, तो भाजपा और कांग्रेस भी इस समय अंदरखाने की लड़ाई से जूझ रहीं हैं। इन सभी दलों की अंदरूनी लड़ाई […] Read more » Featured बिहार बिहार में राजनीतिक घमासान बिहार विधानसभा राजनीतिक घमासान
राजनीति समाज समसामयिक संदर्भ में भगत सिंह के विचार September 27, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान भगत सिंह को भारत के सभी विचारों वाले लोग बहुत श्रद्धा और सम्मान से याद करते हैं। वे उन्हें देश पर कुर्बान होने वाले एक जज़बाती हीरो और उनके बलिदान को याद करके उनके आगे विनत होते हैं। वे उन्हें देवत्व प्रदान कर तुष्ट हो जाते हैं और अपने कर्तव्य की इतिश्री मान […] Read more » Featured भगत सिंह भगत सिंह के विचार समसामयिक संदर्भ में भगत सिंह के विचार
राजनीति समाज ये बेचारे जाति के मारे September 26, 2015 by वीरेंदर परिहार | 3 Comments on ये बेचारे जाति के मारे बीरेन्द्र सिंह परिहार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघंचालक ने आरक्षण के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि एक समिति बनाई जानी चाहिए जो यह तय करे कि किन लोगों को और कितनों दिनों तक आरक्षण की आवश्यकता है । उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी समिति में राजनीतिज्ञों […] Read more » Featured
राजनीति भागवत ने क्या गलत कहा ? September 25, 2015 by रवि श्रीवास्तव | 1 Comment on भागवत ने क्या गलत कहा ? देश में आरक्षण को लेकर हमेशा माहौल गरमाया रहता है. कभी जाट समुदाय के लोग तो कभी दूसरे समुदाय के लोग आए दिन आंदोलन करते रहते है. आरक्षण की मांग करते रहते हैं. हाल में गुजरात में पटेल समुदाय के लोग भी लाखों की संख्या में सड़कों पर उतर आए. जिसका नेतृत्व ह्रादिक पटेल […] Read more » Featured भागवत ने क्या गलत कहा ?
जन-जागरण मीडिया राजनीति लघु समाचार पत्रों का योगदान एवं चुनौतियां September 24, 2015 by बी.आर.कौंडल | Leave a Comment मनुष्य एक सामाजिक प्राणी होने के नाते एक-दूसरे से मिल-जुल कर रहना पसंद करता है तथा आस-पास क्या हो रहा है के जानने की जिज्ञासा रखता है। मनुष्य की इस इच्छा पूर्ति का काम करते हैं समाचार पत्र व मिडिया जिसे प्रजातन्त्र का चौथा स्तम्भ भी कहते हैं। प््राचीनकाल में समाचार जानने के साधन […] Read more » लघु समाचार पत्र लघु समाचार पत्रों का चुनौतियां लघु समाचार पत्रों का योगदान
राजनीति केरल में बदलते सामाजिक-राजनीतिक समीकरण – भाजपा की बढ़ती पैठ September 24, 2015 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment हालांकि अभी तक केरल में कम्युनिस्टों और कांग्रेस का ही बोलबाला रहा है, भारतीय जनता पार्टी ने तो अपना चुनावी खाता भी नहीं खोला है, लेकिन राजनैतिक समीक्षक पिछले कुछ वर्षों में भाजपा के वोट प्रतिशत में लगातार हो रही वृद्धि को उसके बढ़ते जनाधार का प्रमाण मान रहे हैं | हाल ही में हुए […] Read more » Featured केरल में बदलते सामाजिक-राजनीतिक समीकरण
राजनीति दफन जिन्न को जगाने पर तुली राजनीति…!! September 24, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा उस रोज न्यूज चैनल्स पर बिहार विधानसभा चुनाव का टिकट पाने से वंचित रह गए उस बुजुर्ग को फूट – फूट कर रोते देखना एक विचित्र अनुभव रहा। वह बुजुर्ग किसी के पैरों में गिर कर मिन्नतें करने से भी गुरेज नहीं कर रहा था… उसके मुंह से बार – बार निकल […] Read more » राजनीति
राजनीति आरक्षण: भागवत का सही सुझाव September 23, 2015 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on आरक्षण: भागवत का सही सुझाव डॉ. वेदप्रताप वैदिक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख श्री मोहन भागवत के बयान का मैं हार्दिक स्वागत करता हूं। उन्होंने वही बात कहने की हिम्मत दिखाई है, जो मैं पिछले कई वर्षों से लिख रहा हूं और कह रहा हूं। मोहनजी ने यही तो कहा है कि आरक्षण के आधार पर पुनर्विचार हो ताकि वास्तविक […] Read more » Featured आरक्षण भागवत
टॉप स्टोरी राजनीति नेताजी के सच को सामने लाना जरूरी September 23, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्थानी भारत के महानायक नेताजी सुभाष चंद बोस की मौत (?) के रहस्य खुलने की कवायद शुरू हो गई है। तीन आयोगों की जांच में क्या परिणाम आया, इस बात को देश की जनता के समक्ष आना ही चाहिए। अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाष […] Read more » Featured reaveal the truth behind sunbhash chandra bose death
राजनीति शख्सियत समाज बाबासाहेब की अंतर्दृष्टि के अनुरूप हैं संघप्रमुख के विचार September 22, 2015 by प्रवीण गुगनानी | 1 Comment on बाबासाहेब की अंतर्दृष्टि के अनुरूप हैं संघप्रमुख के विचार सरसंघचालक जी अर्थात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, प्रमुख मोहन रावजी भागवत के आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार की आवश्यकता व्यक्त करनें से वैचारिक तूफ़ान खड़ा हो गया है. संघप्रमुख ने आरक्षण के औचित्य पर प्रश्न कतई नहीं किया है, यह स्पष्ट है. मीडिया ने जानबूझकर उनसे बीते वर्षों में समय समय पर सार्वजनिक तौर पर उलझानें […] Read more » Featured बाबासाहेब की अंतर्दृष्टि के अनुरूप हैं संघप्रमुख के विचार