राजनीति संभलकर खेलिए केजरीवालजी …! February 15, 2014 / February 15, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | 1 Comment on संभलकर खेलिए केजरीवालजी …! -तारकेश कुमार ओझा- क्रिकेट के खेल में कई ऐसे बल्लेबाज रहे, जो न सिर्फ अच्छा खेलते थे, बल्कि टीम को जिताने का असाधारण जज्बा में भी उनमें रहा। लेकिन हर गेंद पर चौके – छक्के मारने की बेताबी ने न सिर्फ टीम की उम्मीदों पर पानी फेरा, बल्कि खुद उनके करियर को भी बर्बाद कर […] Read more » Arvind Kejrival Arvind kejrival politics संभलकर खेलिए केजरीवालजी ...!
राजनीति शेम, शेम February 13, 2014 / February 13, 2014 by कुमार सुशांत | 1 Comment on शेम, शेम टीवी मीडिया में, अखबारों में, वेबसाइटों पर खबरें पटी हैं। लोकसभा के लिए यह गुरुवार सबसे काला दिन था। लेकिन हकीकत में ऐसे गुरु-घंटालों ने लोकतंत्र की आत्मा पर इससे पहले भी कई वार किए हैं। कभी नोटों को लहराया गया, कभी मार-पीट हुई, कभी लात-घूसे चले। फिर आज का दिन भी काला थोड़ी हुआ। […] Read more » शेम
राजनीति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमले के पीछे सोनिया गान्धी की पार्टी का एजेंडा क्या है ? February 13, 2014 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment -डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- दिल्ली की एक अंग्रेज़ी पत्रिका कारवां ने जेल में वन्द स्वामी असीमानन्द के हवाले से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर यह आरोप लगाया है कि संघ ने उन्हें हिंसात्मक गतिविधियों की अनुमति प्रदान की थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उन शक्तियों के निशाने पर अपने जन्म काल से ही रहा है, जो […] Read more » Sonia is blaming RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राजनीति उदारीकरण ने आखिर दिया क्या ? February 13, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- विकास के लिए देश में विदेशी पूंजी निवेश की चाह लिए दो दशक पहले जिस उदारीकरण का सपना देश की जनता को तत्कालीन नरसिंह राव की कांग्रेस सरकार ने दिखाया था उसने आम आदमी को आखिर दिया क्या ? आज जबकि उदारीकरण को 23 साल से ऊपर हो चुके हैं तो सबसे […] Read more » liberalization in India उदारीकरण ने आखिर दिया क्या ?
राजनीति हंगामे के बीच रेल बजट February 13, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- दाक्षिण भारत से जुड़े रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने दाक्षिण भारतीय सांसदों द्वारा किए हंगामे के बीच अंतरिम रेल बजट पेश किया। तेलंगाना को लेकर हंगामा मचा रहे सांसदों में कांग्रेस के सांसद भी थे। इस कारण मल्किार्जुन बजट-भाषण पूरा नहीं पढ़ सके। रेल बजट के दौरान यह शर्मनाक स्थिति शायद पहली […] Read more » rail budget 2014 UPA last rail budget हंगामे के बीच रेल बजट
राजनीति बिहार में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा की हकीकत February 12, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- बिहार में सुशासन का प्रचार तो खूब किया जाता है पर बिहार की जमीनी हकीकत ठीक इस प्रचार के विपरीत है। आईए बात की जाए सुशासन के एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू “प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा” की। बिहार में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा की दिशा और दशा दोनों ठीक नहीं है। माध्यमिक शिक्षा की […] Read more » reality of primary and middle education in Bihar बिहार में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा की हकीकत
राजनीति सांप्रदायिक हिंसा कानून ठंडे बस्ते में February 11, 2014 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on सांप्रदायिक हिंसा कानून ठंडे बस्ते में संदर्भ- सांप्रदायिक और लक्षित हिंसा रोकथाम (न्याय एवं क्षतिपूर्ति) विधेयक 2011 -प्रमोद भार्गव- विपक्ष ने एक सुर में सुर मिलाकर सांप्रदायिक और लक्षित हिंसा रोकथाम (न्याय एवं क्षतिपूर्ति) विधेयक 2011 को ठंडे बस्ते के हवाले कर दिया। इस विधेयक के जरिए केंद्र की यूपीए सरकार विशुद्ध रूप से वोट बैंक मजबूत करने की […] Read more » Communal violence bill सांप्रदायिक हिंसा कानून ठंडे बस्ते में
राजनीति राजनीति की एक नई पारी February 9, 2014 / February 10, 2014 by अंकित पांडेय | 1 Comment on राजनीति की एक नई पारी -अंकित कुमार पांडेय- आम आदमी पार्टी की सरकार आने से राजनीतिक गलियारों में एक नई और सकारात्मक सोंच उभरने लगी। मगर नए वर्श और नए राजनीतिक समीकरणों के बीच पुरानी स्थिती आज भी वैसे ही डरा रही है। हमारे आस-पास हर राजनीतिक गतिविधि को एक परिप्रेक्ष्य में परखा जाना चाहिए। आम आदमी पार्टी को […] Read more » politics of AAP राजनीति की एक नई पारी
राजनीति ‘अराजकता का पैरोकार बनकर ‘सुराज’ का सपना नहीं देखा जा सकता’ February 9, 2014 by आलोक कुमार | 1 Comment on ‘अराजकता का पैरोकार बनकर ‘सुराज’ का सपना नहीं देखा जा सकता’ -आलोक कुमार- संविधान पर आस्था, लोकतंत्र पर विश्वास, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जैसे शब्द अभी भी हमारे देश में काफी मायने रखते हैं। इनका उपहास उड़ाकर ‘हासिल’ करने की प्रवृत्ति से प्रेरित राजनीति से तात्कालिक रूप से ‘सुर्खियां’ तो बटोरीं जा सकती हैं लेकिन किसी दूरगामी लक्ष्य की प्राप्ति कदापि […] Read more » Problems with indian politics अराजकता का पैरोकार बनकर ‘सुराज’ का सपना नहीं देखा जा सकता
राजनीति पारसाई दिखाते सांप्रदायिक दंगों के ये विशेषज्ञ February 9, 2014 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on पारसाई दिखाते सांप्रदायिक दंगों के ये विशेषज्ञ -तनवीर जाफरी- कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए 2009 में उन्हें मौत का सौदागर कहा था। राजनीति में इस प्रकार की भाषा निश्चित रूप से नहीं बोली जानी चाहिए। मोदी ने इस आरोप के विरुद्ध एक कोहराम खड़ा कर दिया। आज भी यदाकदा वे […] Read more » communalism in India पारसाई दिखाते सांप्रदायिक दंगों के ये विशेषज्ञ
राजनीति भारत ही नहीं पूरी दुनिया में नरेंद्र मोदी की चर्चा February 9, 2014 / June 9, 2022 by अरूण कुमार जैन | Leave a Comment भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्राी पद के लिए घोषित प्रत्याशी एवं गुजरात के मुख्यमंत्राी नरेंद्र मोदी के बारे में कांग्रेस पार्टी एवं अन्य विपक्षी दलों के नेता चाहे कुछ भी कहें किंतु वास्तविकता तो यह है कि आज वे सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। 2002 में हुए गुजरात के दंगों के बाद जिन देशों ने अपने यहां आने के लिए श्री नरेंद्र मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया था, आज वे भी मोदी के साथ काम करने को तैयार हैं और ऐसे देशों ने गुजरात राज्य के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित रैलियों में श्री मोदी जिस साहस एवं निडरता से अपनी बात रखते हैं उससे भाजपा कार्यकर्ता उनके दीवाने बनते जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं को लगता है कि भाजपा को एक ऐसे ही नेता की जरूरत थी जो विपक्षी दलों को आक्रामक शैली में जवाब दे सके। कहना होगा कि यह काम श्री नरेंद्र मोदी बखूबी कर रहे हैं। आज सर्वत्रा देखने में आ रहा है कि श्री नरेंद्र मोदी की आक्रामक शैली कार्यकर्ताओं एवं देश की जनता को खूब पसंद आ रही है। जहां तक कांग्रेस की बात है तो उसकी इच्छा यही होती है कि उसके सामने कोई तगड़ा विपक्ष एवं आक्रामक नेता न रहे। कांग्रेस पार्टी का शुरू से ही यह इतिहास रहा है कि वह अपने विरोधियों को दबाने एवं उनका मनोबल तोड़ने के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है। कहने का आशय यही है कि अपने विरोधियों के खिलाफ कांग्रेस सत्ता का दुरुपयोग जमकर करती है। इस काम में पहले कांग्रेस पार्टी सीबीआई एवं अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करती थी किंतु अब वह आयकर विभाग का भी दुरुपयोग करने लगी है किंतु श्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस एवं सत्ता के हथकंडों से बेखौफ अपने काम किए जा रहे हैं। श्री मोदी की किसी भी बात का जवाब देने में कांग्रेस अपने आप को समर्थ नहीं पा रही है। इससे पूरी कांग्रेस पार्टी बौखलाई हुई है और श्री मोदी के खिलाफ ऊल-जुलूल बयान दिये जा रही है। जहां तक कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बात है तो वे श्री मोदी के मुकाबले कहीं टिक ही नहीं रहे हैं। जिस दबंगई के साथ श्री नरेंद्र मोदी अपनी बात रखते हैं वह भाजपा कार्यकर्ताओं एवं देश की जनता को काफी भा रही है। श्री नरेंद्र मोदी लोगों को भली-ति यह समझाने में कामयाब हो रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी ने किस प्रकार देश को लूटने का काम किया है। भारतीय जनता पार्टी की जो भी रैलियां आयोजित हो रही हैं, उसमें किस प्रकार लोगों को निमंत्राण दिया जा है, किस प्रकार आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, कैसे लोगों को श्री मोदी के बारे में समझाया जा रहा है। यह सब पूरे देश में चर्चा का विषय है। दीपावली के शुभ अवसर पर श्री नरेंद्र मोदी के नाम पर पटाखे बनने लगे हैं। उनके नाम पर बच्चों के खिलौने बन रहे हैं। श्री मोदी के समर्थकों ने तमाम तरह के यंत्रों का निर्माण करना शुरू कर दिया है। युवा उनके जैसी दाढ़ी रख रहे हैं, उनकी तरह बोलने लगे हैं, उनकी स्पष्टवादिता से युवा काफी प्रभावित हैं। आखिर यह सब क्या है। यह सब श्री मोदी के प्रति दीवानगी नहीं है तो और क्या है? यह सब किसी व्यक्ति की लोकप्रियता का प्रमाण है। अमेरिका की एक कंपनी ने श्री नरेंद्र मोदी के नाम पर एक एंड्रायड गेम बनाया है, जिसका नाम ‘मोदी रन’ है। इस गेम में भाषण देने वाले मोदी के चिर-परिचित अंदाज से दूर मोबाइल वाले मोदी ताजमहल और चार मीनार के बैकग्राउंड पर चट्टानों से छलांग लगाते हैं। गेम में मोदी लालकिले की ओर भागते नजर आते हैं। एंड्रायड पर इस एप्लीकेशन को डाउनलोड करके फ्री में खेला जा सकता है। इस गेम के 12 लेबल में, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, राजस्थान, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, असम और मध्य प्रदेश हैं। मोदी को इन सभी राज्यों में आने वाली चुनौतियों को दौड़ते हुए पार करना होता है तथा बैलेट बाक्स तक पहुंचना होता है। अलग-अलग लेबल पर श्री मोदी हीरे इकट्ठा करते हुए नजर आ रहे हैं। मोदी सिर्फ भागते नहीं हैं, बल्कि बड़े ही नाटकीय ढंग से लहराते हुए लंबी छलांगे भी मारते हैं। हर स्टेज के अंत में वह बीजेपी बैलेट बाक्स में पड़े वोट गिनते हैं। यह गेम मोबाइल एप्स डेवलपर कंपनी डेग्जैटी ने बनाया है। कंपनी का कहना है कि अगर आप बीजेपी या मोदी के फैन हैं तो यह एप्लीकेशन आप के लिए है। कंपनी डेग्जैटी के अनुसार आप गेम में उन्हें चुनाव जीतते हुए देखा जा सकते हैं। यह गेम तो मात्रा एक नमूनाभर है। इस प्रकार के तमाम गेम और बन रहे हैं। गेम के लिए और भी तमाम बातें ऐसी हैं जो मोदी को एक ब्रांड के रूप में स्थापित कर रही है। हिन्दुस्तान के इतिहास में एक लंबे अरसे बाद ऐसा देखने को मिल रहा है कि किसी राजनेता को इतनी अधिक लोकप्रियता मिल रही है। पूरे देश में देखने को मिल रहा है कि जहां श्रीमती सोनिया गांधी एवं राहुल के लिए बड़े मुश्किल से भीड़ जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं श्री नरेंद्र मोदी की रैलियों में स्वतः लोगों का हुजूम आ रहा है। जहां लोग स्वतः आयें, आखिर देश का वास्तविक लीडर तो उसे ही कहा जायेगा। आज देश में मोदी के नाम पर कुरता, चश्मा और चाय भी बन रही है। मोदी चाय की चुस्कियां लेते हुए लोग कहते हैं कि एक ऐसे ही नेता की काफी अरसे से जरूरत महसूस की जा रही थी। कहना न होगा कि आज नरेंद्र मोदी के कारण भारतीय जनता पार्टी के हौंसले काफी बुलंद हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्राी आज यदि यह कह रहे हैं कि उन्हें ही नरेंद्र मोदी के साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं है तो इसका मतलब यह है कि मोदी के प्रति ब्रिटेन सहित पूरी दुनिया का भी नजरिया बदला है। अमेरिका को भी अब मोदी से कोई ऐतराज नहीं है। संभवतः अब दुनिया के तमाम देशों को लगने लगा है कि आने वाला वक्त श्री नरेंद्र मोदी का है तथा उन्हें यह लगने लगा है कि जब देश की जनता मोदी को चाहती एवं पसंद करती है तो हम उनके रास्ते का रोड़ा ज्यादा दिनों तक नहीं बन सकते हैं। अतः आज बिना किसी संदेह के यह बात कही जा सकती है कि श्री नरेंद्र मोदी पूरी दुनिया के लिए एक ब्रांड बनते जा रहे हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि उनकी इस प्रकार की छवि मात्रा कुछ ही दिनों में बनी है बल्कि इसके लिए एक लंबा समय लगा है। गुजरात के मुख्यमंत्राी के रूप में रहते हुए उन्होंने अपने आपको प्रमाणित किया है। उनके प्रति देशवासियों एव पार्टी के कार्यकर्ताओं में आज भी यदि विश्वसनीयता कायम है तो उन्होंने हर स्तर से अपने को साबित करके दिखाया है। यदि इस प्रकार श्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ती रही तो पूरी दुनिया में वे लगातार एक ब्रांड के रूप में मास्टर ब्रांड बन जायेंगे। Read more » दुनिया में नरेंद्र मोदी की चर्चा
राजनीति इतालवी झूठ से संघ को घेरने की राष्ट्रघाती साज़िश February 8, 2014 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on इतालवी झूठ से संघ को घेरने की राष्ट्रघाती साज़िश -डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- आज तक झूठ दो प्रकार के माने जाते थे। झूठ और सफ़ेद झूठ। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से भारतीय राजनीति में एक तीसरा झूठ प्रचलित हुआ – इतालवी झूठ । अपने तहलका वाले तरुण तेजपाल के जेल में चले जाने के बाद लगता था कि भारतीय राजनीति में इतालवी […] Read more » conspiracy against RSS RSS इतालवी झूठ से संघ को घेरने की राष्ट्रघाती साज़िश