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सरसंघचालक परंपरा के आदर्श हैं डॉक्टर साहब

– लोकेन्द्र सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष 2025 में शतायु हो जाएगा। अपनी सुदीर्घ यात्रा में संघ ने…

फर्क डी.एन.ए. का है

संघ का डी.एन.ए. सौ प्रतिशत भारतीय है। उसने अपने प्रतीक और आदर्श भारत से ही लिये। भगवे झंडे को गुरु माना। देश, धर्म और समाज की सेवा में अपना तन, मन और धन लगाने वाले सभी जाति, वर्ग, क्षेत्र, आयु और लिंग के महामानवों को अपने दिल में जगह दी। हिन्दू संगठन होते हुए भी अन्य मजहब या विचार वालों से द्वेष नहीं किया। उन्हें समझने तथा शिष्टता से अपनी बात समझाने का प्रयास किया। शाखा के साथ-साथ निर्धन और निर्बल बस्तियों में सेवा के लाखों प्रकल्प खोले। अतः संघ धीरे-धीरे पूरे भारत में छा गया और लगातार बढ़ रहा है।

अमित शाह के लिए 11 सूत्र

उन्होंने भाजपा कार्यकर्त्ताओं से कहा है कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्त्ताओं की तरह पूर्णकालिक बनें। उनके इस प्रस्ताव की स्वीकृति में लगभग 4 लाख कार्यकर्त्ताओं ने हाथ उठाए। कुछ ने एक साल, कुछ दस माह और कुछ ने 15 दिन पूर्णकालिक बनने का संकल्प किया। यह अमित शाह की अदभुत पहल है।

असलम साहब, अकेले राष्ट्रीय कांग्रेस स्वयंसेवक संघ बनाने से काम नहीं चलेगा

वैसे भी देखा जाए तो कांग्रेस को इस वक्‍त सबसे ज्‍यादा शु्द्ध हवा की जरूरत है जोकि कठोर सेवा-श्रम के बूते उसके शरीर को मिलेगी और इसके लिए कांग्रेस में कोई स्‍वयंसेवक संघ होना ही चाहिए था, जिसकी जरूरत लम्‍बे समय से महसूस भी की जा रही है। किंतु इसी के साथ जो प्रश्‍न उठ रहा है वह यह है कि क्‍या नया कांग्रेसी संघ आरएसएस जैसा त्‍याग, समर्पण और सादगीभरे जीवन का भाव भी अपने स्‍वयंसेवकों में संचारित कर पाएगा ? प्रतिक्रिया स्‍वरूप कोई कार्य खड़ा किया जाए तो कहीं इसका भी हश्र पूर्व में कांग्रेस द्वारा किए गए प्रयोगों की तरह ही न हो?