राजनीति एमजे अकबर का भाजपा में आना! March 26, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 2 Comments on एमजे अकबर का भाजपा में आना! -फखरे आलम- एम.जे अकबर, मोबशीर जावेद अकबर किसी परिचय के मोहताज नहीं है। हाँ यह अलग बात है कि उन्होंने जितनी सफलता पत्रकारिता के माध्यम से प्राप्त की है। उतनी सपफलता उनहें राजनीति में हासिल नहीं हुई। मगर अकबर जैसे बुद्धिजीवी का भाजपा में आना किसी बड़ी घटना से कम नहीं। जिस प्रकार से उनके […] Read more » MJ Akbar in BJP means एमजे अकबर का भाजपा में आना!
मीडिया राजनीति क्या सचमुच इतने लाचार हैं हमारे कलाकार …!! March 25, 2014 / March 25, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा यह सचमुच विडंबना ही है कि एक अाइपीएल मैच खेल कर कोई क्रिकेट खिलाड़ी करोड़पति बन सकता है, और महज एक अंतरराष्ट्रीय मैच में भाग लेकर विख्यात। जबकि दूसरे कई खेलों के चैंपियन हमारे बगल में भी खड़े हों, तो शायद हम उन्हें पहचान न पाएं। इसी तरह बालीवुड की एक फिल्म […] Read more » क्या सचमुच इतने लाचार हैं हमारे कलाकार ...!!
राजनीति आप हो या बाप ! मलाई बांटने ‘ चालाक बंदर’ पहुंच ही जाते हैं…!! March 24, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | 2 Comments on आप हो या बाप ! मलाई बांटने ‘ चालाक बंदर’ पहुंच ही जाते हैं…!! अन्ना हजारे से अलग होकर अरविंद केजरीवाल ने जब आप नाम से नई पार्टी बनाई तो किसी को भी इस बात का भान नहीं था कि दिल्ली चुनाव में यह इतनी जबरदस्त सफलता हासिल करेगी। चुनाव बाद जब इसकी लोकप्रियता चरम पर थी, तब भी इसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह नई पार्टी […] Read more » मलाई बांटने ' चालाक बंदर' पहुंच ही जाते हैं.
राजनीति बेतुके बयानों के बादशाह और जनता जनार्दन March 21, 2014 by अरविन्द विद्रोही | Leave a Comment -अरविन्द विद्रोही- उच्च शिक्षा का ही व्यक्ति के व्यक्तित्व के ,चरित्र के निर्माण में योगदान नहीं होता है। व्यक्ति के संस्कार, निजी आचरण, उसके मुखारविंद से निकले शब्द उसके चरित्र-व्यक्तित्व के परिचायक होते हैं। एक छोटी सी घटना और उस घटना के पश्चात् उपजे जनसंवाद ने इस पहलू पर मेरा ध्यान पुनः आकृष्ट कराया। हुआ […] Read more » leaders' sleep of toungue बेतुके बयानों के बादशाह और जनता जनार्दन
राजनीति सियासी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति स्थली बनता पूर्वांचल March 21, 2014 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment -सिद्धार्थ शंकर गौतम- उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल क्षेत्र २०१४ के लोकसभा चुनाव में सबसे चर्चित और अलहदा तस्वीर पेश कर रहा है। एक ओर हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल काशी नगरी हिंदुत्व के पुरोधा और भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की सियासत की परीक्षा लेगी, वहीं कथित आतंक की नर्सरी के नामकरण से […] Read more » Purvanchal politics सियासी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति स्थली बनता पूर्वांचल
राजनीति बिहार में ‘जाति के वेंटिलेटर’ के सहारे ही जीवित है ‘राजनीति’ March 20, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- विकास की किसी भी अवधारणा का जाति या मजहब से जोड़ा जाना किसी भी दृष्टिकोण से जायज नहीं है, लेकिन बिहार में ऐसा नहीं है l लोकसभा चुनावों के परिदृश्य में ही अगर बात की जाए तो बिहार में अब भी जाति ही मुख्य चुनावी मुद्दा बनकर उभर रही है। हरेक पार्टी एक खास जाति को […] Read more » politics of Bihar बिहार में ‘जाति के वेंटिलेटर’ के सहारे ही जीवित है ‘राजनीति
राजनीति अराजकता के फ्रेम में फिट होती आप March 19, 2014 by अरविंद जयतिलक | 3 Comments on अराजकता के फ्रेम में फिट होती आप अरविंद जयतिलक यह बिडंबना कहा जाएगा कि आंदोलन की कोख से उपजी आम आदमी पार्टी जो देश में एक सकारात्मक राजनीति की उम्मीद बनी थी, चर्चा में बने रहने के लिए वह हर हथकंडा आजमा रही है जो न केवल अलोकतांत्रिक और अमर्यादित है बलिक अराजकता की श्रेणी में भी आता है। एक ओर वह […] Read more » अराजकता के फ्रेम में फिट होती आप
राजनीति बोलकर पलट क्यों जाते हैं बाबा? March 18, 2014 by शैलेंद्र जोशी | 4 Comments on बोलकर पलट क्यों जाते हैं बाबा? -शैलेंद्र जोशी- योग गुरु बाबा रामदेव कहने को तो बाबा हैं लेकिन उन्हें कभी व्यासपीठ नहीं भायी। वे व्यासपीठ पर बैठे भी तो चर्चा राजनीतिक ही करते रहे। कभी विदेशों में जमा धन को वापस लाने की बात कही तो कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ मुद्दा उठाया। बाबा ने जो भी किया व्यासपीठ के विषय अध्यात्म […] Read more » U-turn of Baba Ramdev बोलकर पलट क्यों जाते हैं बाबा?
राजनीति सांप्रदायिक कौन है? March 18, 2014 by अब्दुल रशीद | 3 Comments on सांप्रदायिक कौन है? -अब्दुल रशीद- संसद में व सड़क पर एक शब्द बार-बार उछाला जाता रहा है और वह शब्द है “सांप्रदायिक”। जब भी यह आवाज उठती है, चर्चा-ए-आम हो उठती है और आबोहवा के गर्म हो जाने का खतरा उठ जाता है। कांग्रेस हो या भाजपा, सपा हो, बसपा हो, या राजद, सभी ने इस शब्द का […] Read more » Question on communalism सांप्रदायिक कौन है?
राजनीति अश्वमेघ करते नमो बनाम तुष्टिकरण की नैया पर राहुल March 18, 2014 by प्रवीण गुगनानी | 1 Comment on अश्वमेघ करते नमो बनाम तुष्टिकरण की नैया पर राहुल प्रवीण गुगनानी शरद पवार ने स्पष्ट की गुजरात दंगों के निर्णय पर उनकी राय पिछले दिनों कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता सलमान खुर्शीद ने विदेशी धरती पर विदेशियों के बीच भारतीय संवैधानिक संस्थाओं को जी भर के धोया, कोसा और गरियाया था. ऐसा करते हुए वे संविधान के प्रति अपनी शपथ को भी विस्मृत […] Read more » अश्वमेघ करते नमो बनाम तुष्टिकरण की नैया पर राहुल
राजनीति विचारधारा कोई मायने नहीं March 15, 2014 / March 15, 2014 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on विचारधारा कोई मायने नहीं -सिद्धांत शंकर गौतम- न विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता, न लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा का भाव| बस सभी को अपनी राजनीतिक विरासत बचाने की चिंता, भले ही वह उसका दरवाजा कट्टर दुश्मन के घर की चारदीवारी से ही होकर क्यों न जाता हो? १६वीं लोकसभा के गठन के पूर्व ही इस तरह के नज़ारे आम हो […] Read more » thoughts does not matter in politics thoughts in politics विचारधारा कोई मायने नहीं रहती
राजनीति मोदी और मुसलमान March 15, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -फखरे आलम- चुनाव से पूर्व की स्थिति दर्शा रही है कि अभी तक की रेस में नरेन्द्र मोदी अन्यों की अपेक्षा आगे हैं और लगभग सभी पार्टियां और उनके नेता मोदी की आलोचना करने, उन्हें रोकने और आरोप लगाने में व्यस्त है। मगर लगातार भाजपा और मोदी अपनी तस्वीर बदलने और अपने उफपर लगते लगाते […] Read more » Narendra Modi and Muslims मोदी और मुसलमान