राजनीति विकसित भारत : संकल्प का प्रथम कदम June 2, 2025 / June 2, 2025 by डॉ. नीरज भारद्वाज | Leave a Comment डॉ. नीरज भारद्वाज इतिहास के कुछ पन्ने हमें यह भी बताते हैं कि जब हमारा देश स्वतंत्र हुआ तो पाश्चात्य देश यह कहते थे कि भारतवर्ष स्वतंत्रता को ज्यादा दिन तक संभाल नहीं पाएगा। इस देश का विकास होना संभव नहीं है। माना कि यह बात उस समय और परिस्थिति के आधार पर कुछ समीक्षकों और बुद्धिजीवियों […] Read more » Developed India : First step towards resolution विकसित भारत
राजनीति भारतीय राजनीति का सकारात्मक पक्ष सामने आया June 2, 2025 / June 2, 2025 by राजेश कुमार पासी | Leave a Comment राजेश कुमार पासी राजनीति में सिर्फ नकारात्मकता ही बची है ऐसा लगता है लेकिन सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने दिखाया है कि भारतीय राजनीति का एक सकारात्मक पहलू यह है कि जब भारत का नेता विदेश में जाता है तो वो सिर्फ भारतीय रह जाता है और उसके लिए अपनी दलगत राजनीति पीछे छूट जाती है । यह बात सभी के लिए नहीं कही जा सकती लेकिन इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में गए हुए विपक्षी नेताओं के लिए जरूर कही जा सकती है । राजनीति में नकारात्मकता के पीछे भागने वाले समाज और मीडिया के लिए ये अंचभा है कि विपक्षी नेता विदेशी धरती से मोदी की भाषा बोल रहे हैं । सोशल मीडिया के लिए तो यह ज्यादा परेशानी की बात है क्योंकि सोशल मीडिया में सिर्फ नकारात्मकता ही बची हुई है । वहां हर आदमी को अपने नेता और पार्टी के अलावा सब कुछ बुरा ही दिखाई देता है । सोशल मीडिया में कोई सच न तो देखता है और न ही समझता है । तर्क और तथ्य की बात सोशल मीडिया में करना बेमानी होता जा रहा है । ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान की ऐसी बुरी गत बना दी थी कि न तो वो अपनी रक्षा करने के काबिल रहा और न ही उसके पास भारत पर आक्रमण करने की क्षमता बची । इसके बावजूद आज भी सोशल मीडिया में ज्यादातर वामपंथी, सेकुलर और मुस्लिम बुद्धिजीवी भारत को पाकिस्तान का डर दिखा रहे हैं । जब विदेशी मीडिया और विदेशी रक्षा विशेषज्ञ भी मान चुके हैं कि इस युद्ध में भारत की एकतरफा जीत हुई है तो ये लोग सोशल मीडिया में बता रहे हैं कि चीन के युद्धक विमानों से पाकिस्तान ने भारत के कई राफेल मार गिराए हैं । ये लोग आज भी भारत को पाकिस्तान को मिले चीनी हथियारों का डर दिखा रहे हैं । चीन ने पाकिस्तान को अपने स्टेल्थ विमान देने की बात कही है, इससे यह लोग इतना डरे हुए हैं कि अगर यह विमान पाकिस्तान में आ जाते हैं तो भारत को तबाह कर देंगे । भारत ने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली समाप्त कर दी थी और इसके बाद भारत का हर विमान स्टेल्थ हो गया था । जब आप किसी के आकाश पर कब्जा कर लेते हैं तो आपका हर विमान स्टेल्थ बन जाता है और भारत ने ऐसा ही किया था । जहां भारत में भारत-पाक युद्ध को लेकर अलग ही राग अलापा जा रहा है, वही दूसरी तरफ सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में विपक्षी नेताओं ने पूरी दुनिया में भारत का पक्ष इस मुखरता और निष्पक्षता के साथ रखा है कि दुनिया को सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं में अंतर समझना मुश्किल हो रहा है । ऐसा लगता है कि ये भूल गए हैं कि विपक्षी नेता हैं और उनकी पार्टी देश मे कुछ और ही लाइन पर चल रही है । विशेष तौर पर कांग्रेस के नेताओं के बारे में तो ऐसा कहा ही जा सकता है कि विदेशी धरती पर ये नेता अलग भाषा बोल रहे हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस देश में अलग लाइन पर चल रही है । इन नेताओं को इससे कोई मतलब नहीं है कि देश में उनकी पार्टी किस लाइन पर चल रही है । उनके बयानों से ऐसा लगता है कि वो अपने मन की बात बोल रहे हैं । ये अजीब है कि जब यही नेता भारत में बोलते हैं तो लगता है कि ये कुछ देखना नहीं चाहते, समझना नहीं चाहते या इन्हें समझ नहीं आ रहा है । विदेशी धरती पर इनके भाषणों को सुनकर महसूस होता है कि उनकी राजनीतिक समझ कहीं से भी कम नहीं है लेकिन घरेलू राजनीति इनकी वास्तविक समझ का बाहर नहीं आने देती, पार्टी के अनुशासन के कारण उन्हें वही बोलना होता है जो इन्हें पार्टी ने कहा होता है । मेरा मानना है कि बहुत मुश्किल हो रहा होगा इन नेताओं के लिए कि विदेशी धरती पर उन्हें अपनी पार्टी लाइन से विपरीत जाकर अपने देश की बात को रखना पड़ रहा है । ऐसी मुश्किल भाजपा और एनडीए के दूसरे नेताओं की नहीं है क्योंकि उन्हें वही बोलना पड़ रहा है जो उनकी पार्टी की लाइन है । यही कारण है कि विपक्षी नेताओं के बयानों की मीडिया में बहुत ज्यादा चर्चा हो रही है लेकिन भाजपा नेताओं की कोई बात भी नहीं कर रहा है । भाजपा नेता जब वापिस आयेंगे तो उन्हें कोई समस्या नहीं आने वाली है लेकिन विपक्षी नेताओं को भारत आकर दोबारा अपनी बात से अलग हटकर बोलना मुश्किल होने वाला है । सवाल यह है कि क्या ये नेता यह नहीं जानते होंगे कि जो कुछ वो यहां बोल रहे हैं उन्हें इसके विपरीत जाकर देश में बोलना मुश्किल होगा । वास्तव में यह नेता जानते हैं कि विदेश में वो अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उनके कंधों पर देश ने बड़ी जिम्मेदारी डाली हुई है । ये नेता अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए वही कर रहे हैं जो उन्हें करना चाहिए । ये विदेशी मीडिया और जनता के लिए बड़ा अजीब है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के स्वर में कहीं भी विभिन्नता दिखाई नहीं दे रही है, सभी एक स्वर में अपनी बात रख रहे हैं। विदेशियों के लिए ये फर्क करना मुश्किल हो रहा है कि कौन सत्ता पक्ष से है और कौन विपक्ष से आया है । जहां भारत में मोदी सरकार की विदेश नीति को असफल करार दिया जा रहा है, वहीं ये नेता भारत की विदेश नीति को सफल बनाने का काम कर रहे हैं । देखा जाए तो ये नेता देश के लिए भी बड़ा मुश्किल काम कर रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान को भारत पर हुए आतंकवादी हमलों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना इतना आसान काम नहीं है। जो लोग भारत की विदेश नीति को असफल करार दे रहे हैं उन्हें अहसास नहीं है कि अपने ही देश के आतंकियों द्वारा हमला करने पर किसी दूसरे देश की संप्रभुता को दरकिनार करके उसके इलाकों पर हमला किया गया है। जो लोग कहते हैं कि दुनिया भारत के साथ नहीं खड़ी हुई उन्हें यह दिखाई नहीं दे रहा है कि पाकिस्तान पर हमला करने के बावजूद दुनिया भारत के खिलाफ खड़ी नहीं हुई है । यही भारत की विदेश नीति की सबसे बड़ी सफलता है लेकिन कोई यह समझने को तैयार नहीं है । सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इसी काम को बेहतर तरीके से करने गया है कि भारत ने पाकिस्तान पर हमला नहीं किया है उसने सिर्फ उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है जहां से भारत पर वर्षों पर हमला किया जा रहा है । भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो सैन्य कार्यवाही की है वो पाकिस्तानी हमले के जवाब में की गई है । जहां तक चीन, तुर्की और अजरबाइजान का सवाल है कि वो पाकिस्तान के साथ खड़े हैं तो भारत भी चीन के दुश्मन देशों के साथ पिछले कई वर्षों से खड़ा हुआ है और दूसरी तरफ भारत तुर्की और अजरबाइजान के विरोध में आर्मेनिया के साथ खड़ा हुआ है। भारत पर तो यहां तक आरोप लगाया जा रहा है कि भारत ही आर्मेनिया की रक्षा रणनीतियां बना रहा है और उसी के अनुसार हथियारों की सप्लाई कर रहा है जिसके कारण तुर्की और अजरबाइजान हताश हैं । इसके अलावा भारत में भी कई विपक्षी नेताओं ने भारत की कार्यवाही का समर्थन किया है । फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का जैसा विरोध पहलगाम हमले के बाद किया है और ऑपरेशन सिंदूर का जैसा समर्थन किया है, वो उनकी अब तक की राजनीति से बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा है । महबूबा मुफ्ती के बयानों का विरोध करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वो पाकिस्तान के लिए बात कर रही है लेकिन ये ऐसा वक्त है जब हमें देश के साथ खड़े होना है । असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के खिलाफ जो मुहिम चलाई है उससे पाकिस्तान में सबसे ज्यादा चर्चा उन्हीं की हो रही है । पाकिस्तान में मोदी के बाद सबसे ज्यादा आलोचना ओवैसी की ही हो रही है । कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मोदी सरकार के लिए वो काम किया है जो भाजपा के दूसरा नेता भी नहीं कर पाए हैं । थरूर का कहना है कि देश जिस दौर से गुजर रहा है उसमें देश के साथ खड़े होने के अलावा कोई रास्ता नहीं है । वो अपने आपको खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें इस समय देश की सेवा करने का अवसर मिला है और इससे वो खुद को सम्मानित महसूस करते हैं । कांग्रेस ने भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी जी को देश का पक्ष रखने के लिए विदेशी धरती पर भेजा था लेकिन मोदी जी ने तो एक नहीं बल्कि कई विपक्षी नेताओं को यह मौका दिया है । बड़ी बात यह है कि इन नेताओं ने न तो मोदी जी को निराश किया और न ही देश को निराश किया बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश चला गया कि संकट के समय पूरा भारत एक है । दुनिया ने यह भी देखा कि भारत का लोकतंत्र कितना मजबूत है, जहां सत्ताधारी दल विपक्षी नेताओं को देश का पक्ष रखने के लिए भेज देता है और विपक्षी नेता घरेलू राजनीति को दरकिनार करके सरकार की बात बेहतर तरीके से दुनिया के सामने रखते हैं । जो काम भारत के लिए असदुद्दीन औवेसी, शशि थरूर, प्रियंका चतुर्वेदी, सलमान खुर्शीद, कनिमोझी, सुप्रिया फूले जैसे कई विपक्षी नेताओं ने किया है उसके कारण पूरी दुनिया को पता चल गया है कि दुश्मन के खिलाफ भारत एक है । Read more » The positive side of Indian politics came to the fore भारतीय राजनीति का सकारात्मक पक्ष
राजनीति आखिरकार बंगलादेश की कमजोर नसों को कब दबाएगा भारत? May 29, 2025 / May 29, 2025 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment कमलेश पांडेय कभी ‘ग्रेटर बंगलादेश’ का स्वप्न संजोने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता और बंगलादेश के कार्यवाहक सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस अब अपने ही देश में ऐसे घिरे हैं कि जब उन्हें आगे का कोई रास्ता नजर नहीं आया तो फिर अपने जन्मदाता भारत पर ही अनर्गल लांछन लगाने लगे। वह अमेरिका, चीन, पाकिस्तान की […] Read more »
राजनीति रक्षा में आत्मनिर्भरता के बढ़ते कदमों से बढ़ती सैन्य-ताकत May 29, 2025 / May 29, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –ऑपरेशन सिंदूर की शानदार कामयाबी, पाकिस्तान को करारी चोट पहुंचाने, विश्व को भारत की सैन्य ताकत दिखाने और अपने सैनिकों के अद्भुत पराक्रम के प्रदर्शन की गौरवपूर्ण स्थितियों के बीच एक बड़ी खुशखबरी है कि भारत सरकार ने पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी एएमसीए) के प्रोडक्शन […] Read more » रक्षा में आत्मनिर्भरता
राजनीति तो सेना अलग: सरकार अलग! May 28, 2025 / May 28, 2025 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार दिनांक 6-7 मई की रात्रि पाकिस्तानी आतंकी अड्डो पर एयर स्ट्राइक किये जाने और बाद में पाकिस्तान के साथ खुले युद्ध में भारतीय सेना ने अनुपम शौर्य और कुशल रणनीति का परिचय दिया जिसके चलते पाकिस्तान में अधिकांश हवाई अड्डे तबाह हो गये, उसकी रक्षा प्रणाली एक तरह से ध्वस्त हो गई। […] Read more » पाकिस्तानी आतंकी अड्डो पर एयर स्ट्राइक
आर्थिकी राजनीति विश्ववार्ता अमेरिका के रेमिटेंस टैक्स से भारतीय प्रवासियों पर पड़ेगा बड़ा असर May 28, 2025 / May 28, 2025 by संजय सिन्हा | Leave a Comment संजय सिन्हा अमेरिका ने रेमिटेंस टैक्स लागू कर दिया है। दरअसल अमेरिका में भारतीयों सहित अमेरिकी गैर नागरिकों के धन विदेश भेजे जाने पर राशि पर प्रस्तावित शुल्क 5 प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत करने की योजना पेश की गई है। इससे अमेरिका में रह रहे भारतीयों को आंशिक राहत मिल सकती है। अमेरिका की […] Read more » US remittance tax अमेरिका के रेमिटेंस टैक्स
राजनीति आतंकवाद को आतंकित करने की मोदी नीति May 28, 2025 / May 28, 2025 by राजेश कुमार पासी | Leave a Comment राजेश कुमार पासी सैन्य नीति में कहा जाता है, आक्रमण ही सबसे बढ़िया रक्षा है । अब ऐसा लगता है कि मोदी सरकार इस नीति पर चल पड़ी है । पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे आतंकवाद के खिलाफ हम पिछले 45 सालों से बचाव की नीति पर चल रहे थे । इसका नतीजा यह था कि आतंकवादी पूरे देश […] Read more » Modi's policy is to terrorise terrorism आतंकवाद को आतंकित आतंकवाद को आतंकित करने की मोदी नीति
राजनीति राष्ट्र रक्षा सभी का धर्म बने May 27, 2025 / May 27, 2025 by डॉ.वेदप्रकाश | Leave a Comment डा.वेदप्रकाश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ने एक मंत्र दिया- इदं राष्ट्राय इदं न मम् अर्थात् मेरा कुछ भी नहीं है, मेरा सब कुछ राष्ट्र के लिए है अथवा राष्ट्र को समर्पित है। क्या आज जब भारत सशक्त, समृद्ध , आत्मनिर्भर और विकसित भारत का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा […] Read more » National security should become everyone's religion
राजनीति सेना के शौर्य का यशोगान, विपक्ष क्यों परेशान? May 27, 2025 / May 27, 2025 by प्रदीप कुमार वर्मा | Leave a Comment प्रदीप कुमार वर्मा पाकिस्तानी आतंकवादियों के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर के जरिए निर्णायक कार्रवाई, आतंकियों का आका कहे जाने वाली पाकिस्तान सेना के ठिकानों पर प्रहार, शानदार कूटनीति के माध्यम से सिंधु जल समझौता रद्द करने के साथ अन्य व्यापारिक संबंधों पर पूर्ण विराम, पाकिस्तान के साथ अब सिर्फ पीओके और आतंकवादियों को सोंपने ही पर […] Read more » Praising the valour of the army why is the opposition worried about valour of army सेना के शौर्य का यशोगान
राजनीति कई ओबीसी जातियों पर होगा क्रीमी लेयर और जाति गणना का प्रभाव May 27, 2025 / May 27, 2025 by संदीप सृजन | Leave a Comment संदीप सृजन भारत में जाति आधारित जनगणना का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र रहा है। 1931 के बाद, भारत में व्यापक जाति जनगणना नहीं हुई है। 2011 की जनगणना में सामाजिक-आर्थिक और जाति सर्वेक्षण (SECC) किया गया था लेकिन इसके आंकड़े पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किए गए। हाल ही […] Read more » Creamy layer and caste census will have an impact on many OBC castes जाति गणना
राजनीति अंतिम सांसे गिन रहा है नक्सलवाद। May 26, 2025 / May 26, 2025 by शिवानंद मिश्रा | Leave a Comment शिवानन्द मिश्रा कौन था बसवराजू? कोई छोटा-मोटा नक्सली नहीं, नक्सलियों का हाफिज सईद था बसवराजू। सुरक्षाबलों ने जंगल में घुसकर किया ढेर। शीर्ष माओवादी नेता बसवराजू को सुरक्षाबलों ने किस रणनीति से किया ढेर? अब अंतिम चरण में है नक्सलवाद? 150 जवानों का हत्यारा, 1 करोड़ का इनाम, 70 घंटे का ऑपरेशन, आतंक के पर्याय […] Read more » नक्सलवाद
राजनीति बदलते विश्व में होगी भारत की बड़ी भूमिका, बशर्ते हम पिछलग्गू ना बनें May 26, 2025 / May 26, 2025 by ओंकारेश्वर पांडेय | Leave a Comment ट्रंप ने तोड़ा दिल, तो यूरोप को आई भारत की याद ईयू-यूके में हुआ ताजा समझौता ट्रंप के तानों से उपजा एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। यह समझौता कोई रीसेट नहीं, बल्कि एक हिसाब है। ट्रम्प के फैसलों ने यूरोप को करारा झटका और सदियों का सबक दिया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का विश्व, जो अमेरिका के […] Read more » India will have a big role in the changing world provided we do not become followers बदलते विश्व में होगी भारत की बड़ी भूमिका