राजनीति तार-तार होती राजनीति April 28, 2012 / April 28, 2012 by शशांक शेखर | 1 Comment on तार-तार होती राजनीति शशांक शेखर भारतीय राजनीतिक इतिहास में इससे बुड़ी बात क्या होगी जब कहे जाने वाले स्टाम्प को वास्तविक रॉबोट की तरह खुद सरकार ने दिखाया है। मामला सचिन तेंदूलकर के राज्यसभा सदस्य के तौर पर मनोनित होने पर है। फिलहाल, भारतीय संविधान के अनु. 80 (3) के तहत राज्यसभा में 12 सदस्य राष्ट्रपति के द्वारा […] Read more » politics राजनीति
राजनीति बढ़ सकता है भाजपा पर संघ का नियंत्रण April 27, 2012 / April 27, 2012 by सुनील अमर | 1 Comment on बढ़ सकता है भाजपा पर संघ का नियंत्रण सुनील अमर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी का कार्यकाल पूरा होने के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी उनका स्थान ले सकते हैं, ऐसी चर्चा है। श्री गडकरी का मनोनयन जिस प्रकार से हुआ था उससे यह साफ हो गया था कि भाजपा की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब […] Read more » भाजपा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान April 27, 2012 by लिमटी खरे | 1 Comment on ये है दिल्ली मेरी जान लिमटी खरे अंधविश्वासी राजमाता और युवराज! जनता के सामने भले ही अंधविश्वास पर घंटों भाषण देने में राजनेताओं को महारथ हासिल हो पर जमीनी हकीकत इससे ठीक उलट ही है। टोने टोटकों के मामले में जनसेवकों का कोई सानी नहीं है। कांग्रेस की राजमाता श्रीमती सोनिया गांधी और युवराज राहुल गांधी भी अंधविश्वास से परे […] Read more » राहुल गांधी सोनिया गांधी
राजनीति घिर चुकी है कांग्रेस और उसकी सरकार April 26, 2012 / April 26, 2012 by विनायक शर्मा | 2 Comments on घिर चुकी है कांग्रेस और उसकी सरकार विनायक शर्मा संगठन पर कमजोर होती पकड़ और दिशाहीन गठबंधन सरकार का नेतृत्व करती कांग्रेस अपनी स्थापना और देश की स्वतंत्रता के बाद सबसे बुरा वक्त देख रही है. असमंजस की स्थिति तो कांग्रेस के विघटनकाल 1969 और 1978 में भी कांग्रेस जनों ने देखी थीं. 1974 में इलाहबाद उच्च न्यायालय के एक फैसले जिसमें […] Read more » congress in danger घिर चुकी है कांग्रेस
राजनीति क्या हैं राजनीति के गिरते स्तर के कारण? April 26, 2012 / April 26, 2012 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी ‘राज करने’ अथवा राज चलाने सम्बन्धी नीति को ही राजनीति कहा जाता है। लिहाज़ा स्पष्ट है कि राज करने या चलाने जैसी अति संवेदनशील एवं गम्भीर जिम्मेदारी को अंजाम देने के लिए इस पेशे में शामिल व्यक्ति को अत्याधिक योग्य, दक्ष, ईमानदार तथा कुशल नेतृत्व प्रदान कर पाने की क्षमता रखने वाला व्यक्ति […] Read more » downfall in the standard of politics राजनीति के गिरते स्तर
राजनीति ऐसा क्या रिकार्ड कर लिया था शमून काजमी ने! April 26, 2012 / April 26, 2012 by तेजवानी गिरधर | 8 Comments on ऐसा क्या रिकार्ड कर लिया था शमून काजमी ने! तेजवानी गिरधर अन्ना से उसके कथित फाउंडर मेंबर मुफ्ती शमून काजमी की छुट्टी के साथ एक यक्ष प्रश्न उठ खड़ा हुआ है कि आखिर टीम की बैठक में ऐसा क्या अति गोपनीय हो रहा था, जिसे रिकार्ड करने की वजह से काजमी को बाहर होना पड़ा? मेरे एक सोशल नेटवर्किंग मित्र ऐतेजाद अहमद खान ने […] Read more » shamun kazmi and anna शमून काजमी
राजनीति राष्ट्रपति पद के चुनाव में किसका है पलड़ा भारी? April 24, 2012 / April 24, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 3 Comments on राष्ट्रपति पद के चुनाव में किसका है पलड़ा भारी? सिद्धार्थ शंकर गौतम देश काकैसा हो? अधिकाँश भारतीयों के मन-मस्तिष्क में यह सवाल कौंधता होगा? क्या राष्ट्रपति को मात्र रबर स्टाम्प जैसा होना चाहिए जैसा उदाहरण वर्तमान राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने पेश किया है| जिस प्रकार मीडिया में सोनिया गाँधी को मूक गुड़िया की संज्ञा दी जाती है, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को […] Read more » राष्ट्रपति पद के चुनाव
राजनीति कश्मीर : समस्या बनते समाधान April 24, 2012 / April 24, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment दिनेश परमार संसार में लोग कर्इ प्रकार के होते है। रंग-भेद की दृषिट से काले-गोरे,मानसिक दृषिट से मेधावी-मंदबुद्धि वाले,संस्कारों की दृषिट से सभ्य-असभ्य या और भी कोर्इ प्रकार हो सकता है। यह उनकी प्रकृति के अनुरुप ही तय होता है। ठीक उसी प्रकार इस माया के संसार में, जिसमें कोर्इ भी सत्य सर्वदा सत्य रहेगा […] Read more » kashmir issue कश्मीर समस्या
राजनीति क्या देश की सुरक्षा से क्रिकेट अधिक महत्वपूर्ण है ? April 24, 2012 by विनायक शर्मा | Leave a Comment विनायक शर्मा चुनावी वर्ष में हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सरकार और भाजपा को एक नए विवाद में उलझा लिया है. ताजा तरीन मामला है प्रदेश की राजधानी शिमला के को लेकर सेना और सरकार में छिड़ी जंग का. द्वितीय विश्व युद्ध से ही सेना के कब्जे में […] Read more » annadel maaidan अन्नाडेल मैदान
मीडिया राजनीति कुछ यूं उतर रही है अन्ना के आंदोलन की खुमारी April 23, 2012 / April 24, 2012 by आशीष महर्षि | 7 Comments on कुछ यूं उतर रही है अन्ना के आंदोलन की खुमारी आशीष महर्षि तेरे इश्क की खुमारी जब उतरी तो हम कहीं के न रहे। तेरे पे इकबाल करके हम कहीं के न रहे। तुने हमें किया बर्बाद तो हम कहीं के न रहे। ऐसा ही कुछ इनदिनों अन्ना के आंदोलन के साथ हो रहा है। जिस आंदोलन पर करोड़ों ने आंख बंद कर के विश्वास […] Read more » movement led by aanna अन्ना के आंदोलन
राजनीति क्या एकजुट रह पाएंगे अन्ना व बाबा! April 23, 2012 / April 23, 2012 by तेजवानी गिरधर | 9 Comments on क्या एकजुट रह पाएंगे अन्ना व बाबा! तेजवानी गिरधर कैसा अजब संयोग है कि आज जब कि देश में गठबंधन सरकारों का दौर चल रहा है, आंदोलन भी गठबंधन से चलाने की नौबत आ गई है। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और बाबा रामदेव सरकार से अलग-अलग लड़ कर देख चुके, मगर जब कामयाबी हाथ लगती नजर आई तो दोनों ने गठबंधन कर […] Read more » ramdev and anna hazare अन्ना व बाबा
राजनीति जनता की आवाज कब होगी बुलंद? April 22, 2012 / April 22, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment मंगलवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के उत्तरार्द्ध के हंगामेदार रहने की प्रबल संभावनाएं हैं| यानी बजट सत्र के पूर्वार्द्ध की भांति जनहित के मुद्दों को बिसरा कर तमाम राजनीतिक दल सियासी रोटियाँ सेंकने की तैयारियां कर चुके हैं| वैसे भी बजट सत्र के पहले भाग में तेलंगाना, एनसीटीसी एवं अन्य मुद्दों इतने हावी […] Read more » voice raise aginst corruption जनता की आवाज कब होगी बुलंद