समाज शादी की बदलती तस्वीर: दिखावे, अहंकार और टूटते रिश्ते February 23, 2026 / February 23, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment – डॉ० प्रियंका सौरभ भारतीय समाज में शादी केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं रही है, बल्कि इसे हमेशा से परिवार, समाज और संस्कारों से जुड़ी एक पवित्र संस्था माना गया है। विवाह को जीवनभर का साथ, सुख-दुख में एक-दूसरे का संबल और सामाजिक स्थिरता की आधारशिला समझा जाता रहा है। लेकिन बीते कुछ वर्षों […] Read more » अहंकार और टूटते रिश्ते शादी की बदलती तस्वीर शादी की बदलती तस्वीर: दिखावे
विधि-कानून समाज कचरे पर कड़ा रुख: न्यायपालिका के निर्देश और ज़मीनी सच्चाई February 23, 2026 / February 23, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment -सुनील कुमार महला ठोस कचरे का प्रबंधन आज के समय की एक बहुत बड़ी आवश्यकता बन चुका है। कहना ग़लत नहीं होगा कि आज लगातार बढ़ती जनसंख्या, बढ़ते शहरीकरण, औधोगिकीकरण और उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण धरती पर ठोस कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जिससे हमारे पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र, मानव व जीवों […] Read more » कचरे पर कड़ा रुख: न्यायपालिका के निर्देश और ज़मीनी सच्चाई
समाज रफ्तार की कीमत: सड़क पर बुझता युवाओं का भविष्य February 22, 2026 / February 22, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment सड़क हादसे केवल दुर्घटनाएँ नहीं, बल्कि हमारी लापरवाही और गैर-जिम्मेदार सोच का परिणाम हैं। तेज़ रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और मोबाइल का इस्तेमाल युवाओं की ज़िंदगी निगल रहा है। नियमों का पालन कोई मजबूरी नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का आधार है। ज़रूरत है कि हम सड़क सुरक्षा को आदत और संस्कार बनाएं। एक छोटी-सी […] Read more » : सड़क पर बुझता युवाओं का भविष्य रफ्तार की कीमत
समाज छात्रों और चूल्हे के बीच खड़ी शिक्षिका February 19, 2026 / February 19, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment — डॉ. प्रियंका सौरभ समाज में कुछ धारणाएँ इतनी गहरी पैठ बना लेती हैं कि वे सवालों से परे सत्य मान ली जाती हैं। “अध्यापिका की नौकरी तो सबसे आराम की है”—यह वाक्य भी ऐसी ही एक सामाजिक मान्यता है, जिसे दोहराते हुए लोग शायद कभी ठहरकर यह नहीं सोचते कि इसके पीछे कितनी अधूरी […] Read more » शिक्षिका
समाज विदेशी नागरिकता, विदेशी जुड़ाव और लोकतांत्रिक जवाबदेही February 19, 2026 / February 19, 2026 by गजेंद्र सिंह | Leave a Comment गजेंद्र सिंहलोक नीति विश्लेषक हाल के दिनों में आसाम से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न की विदेशी नागरिकता और उनके पेशेवर संबंधों को लेकर चर्चा हुई है। इसी के साथ यह सवाल भी उठा है कि उनके दोनों बच्चों की नागरिकता को लेकर कोई स्पष्ट और सार्वजनिक जानकारी अब तक क्यों सामने नहीं […] Read more » विदेशी जुड़ाव और लोकतांत्रिक जवाबदेही विदेशी नागरिकता
समाज शक की बीमारी : प्रेम से हत्या तक का खौफनाक सफ़र February 19, 2026 / February 19, 2026 by शम्भू शरण सत्यार्थी | Leave a Comment शम्भू शरण सत्यार्थी एक अख़बार की सुर्ख़ी है— “हफ्ते भर तक काट-काटकर जलाता रहा पत्नी का शव”. यह पंक्ति पढ़ते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं. सोच पाना भी कठिन है कि कोई इंसान, जो कभी किसी औरत को अपनी कहकर दुनिया से लड़ने का दावा करता था, वही इंसान शक की आग में इतना […] Read more » शक की बीमारी
समाज असमानताओं पर प्रहार, समानता का विस्तारः एक सार्थक पुकार February 19, 2026 / February 19, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व सामाजिक न्याय दिवस- 20 फरवरी, 2026– ललित गर्ग-संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष 20 फरवरी को मनाया जाने वाला विश्व सामाजिक न्याय दिवस आज के समय में केवल असमानताओं पर प्रहार एवं समानता के विस्तार की एक सार्थक पुकार का अंतरराष्ट्रीय आयोजन ही नहीं, बल्कि वैश्विक चेतना का आह्वान है। वर्ष 2026 में यह दिवस विशेष […] Read more » Attacking inequalities expanding equality: A meaningful call असमानताओं पर प्रहार
समाज भूतों की उछलकूद: अंधविश्वास का महा नाटक February 18, 2026 / February 18, 2026 by सुरेश गोयल धूप वाला | Leave a Comment गत दिवस सुबह एक टीवी प्रसारण में देश के एक लोकप्रिय बाबा को भूत-प्रेत और आत्माएँ भगाने का दावा करते देखा। मंच पर बैठे भयभीत लोग, तेज़ ढोल-नगाड़े, मंत्रोच्चार, चीख-पुकार और बाबा के तथाकथित चमत्कार—यह पूरा दृश्य किसी धारावाहिक या नाटक से कम नहीं लगा। कैमरे की रोशनी में डर और चमत्कार का यह प्रदर्शन […] Read more » Ghosts भूतों की उछलकूद
बच्चों का पन्ना समाज नोमोफोबिया: फोन छूटने का डर February 18, 2026 / February 18, 2026 by डा. शिवानी कटारा | Leave a Comment डा. शिवानी कटारा हमारे हाथ में हर समय मौजूद स्मार्टफोन अब केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं रहा। वह हमारी अलार्म घड़ी है, पढ़ाई का सहारा है, दोस्तों से जुड़ने का माध्यम है और कई बार अकेलेपन का विकल्प भी। लेकिन जब यही फोन न हो और उसके बिना रहने का विचार ही बेचैनी, घबराहट या […] Read more » fear of missing the phone Nomophobia नोमोफोबिया
मीडिया समाज एआई इम्पैक्ट सम्मिट 2026 के नीतिगत-समूहगत वैश्विक मायने February 16, 2026 / February 16, 2026 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment कमलेश पांडेय एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में 16-20 फरवरी 2026 को आयोजित एक प्रमुख वैश्विक आयोजन है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार और समावेशी विकास पर केंद्रित है। यह समिट ग्लोबल साउथ के लिए पहला बड़ा AI शिखर सम्मेलन है, जो 100+ देशों से 35,000+ प्रतिनिधियों को एकजुट कर […] Read more » AI Impact Summit 2026 एआई इम्पैक्ट सम्मिट 2026
समाज भारतीयता के विस्तार का महत्त्वपूर्ण आधार है परिवार February 16, 2026 / February 16, 2026 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ समाज की सक्रियता और राष्ट्र के निर्माण की प्राथमिक इकाई के तौर पर सम्पूर्ण ब्रह्मांड में स्वीकार्य चेतना का नाम, सशक्तिकरण का एकाधिकार, सामंजस्य की भूमिका और समन्वय का अनूठा उदाहरण यदि सृष्टि पर कहीं है, तो वह परिवार है। देश, समाज की सबसे छोटी इकाई परिवार के सशक्त होने से ही राष्ट्र की […] Read more » Family is an important basis for the expansion of Indianness. परिवार
समाज हाथ से लिखना: तेज़ रफ्तार समय में मन का ठहराव February 16, 2026 / February 16, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment – डॉ. प्रियंका सौरभ आज का समय गति का है। सुबह आँख खुलते ही मोबाइल स्क्रीन चमकने लगती है, सूचनाओं की बाढ़ हमारे भीतर उतरने लगती है और दिन कब शुरू होकर कब थकान में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। ई-मेल, व्हाट्सऐप, नोटिफिकेशन और सोशल मीडिया—सब मिलकर हमारे ध्यान, हमारी भावनाओं और हमारे […] Read more » हाथ से लिखना