समाज फुटपाथ पर ज़िंदगी: विकास के साए में बेघर भारत December 23, 2025 / December 23, 2025 by अजीत लाड़ | Leave a Comment बेघर होने की समस्या का चेहरा ग्रामीण कम और शहरी अधिक है। अनुमान है कि भारत के लगभग 85 प्रतिशत बेघर लोग शहरों में रहते हैं। शहर अवसरों का वादा करते हैं। Read more » Life on the Footpath फुटपाथ पर ज़िंदगी विकास के साए में बेघर भारत
शख्सियत समाज अयोध्या आंदोलन में सड़क से संसद तक लड़ने वाले योद्धा रामविलास दास वेदांती December 22, 2025 / December 22, 2025 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में से एक, पूर्व सांसद और वरिष्ठ संत डॉ रामविलास दास वेदांती का 15 दिसंबर 2025 सुबह 77 साल की उम्र में निधन हो गया। मध्य प्रदेश के रीवा में रामकथा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी थी। वेदांती जी का पार्थिव शरीर अयोध्या लाया गया है जहाँ उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए संतों, नेताओं और श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा था। Read more »
शख्सियत समाज गणित को अनुभूति बनाने वाला अमर साधक श्रीनिवास रामानुजन December 22, 2025 / December 22, 2025 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment भारत में प्रतिवर्ष 22 दिसम्बर को ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस भारतीय गणित की गौरवशाली परंपरा और विश्वविख्यात गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से उनके जन्मदिवस पर Read more » राष्ट्रीय गणित दिवस
समाज भारत: जनसंहारों से चिंतित दुनिया को प्रेरणा देता एक उजला देश December 22, 2025 / December 22, 2025 by अमरपाल सिंह वर्मा | Leave a Comment कश्मीरी पंडितों का नरसंहार Read more » कश्मीरी पंडितों का नरसंहार भारत
समाज संघ का प्रत्येक कार्यकर्ता स्वयं में “संघ” है December 19, 2025 / December 19, 2025 by पवन शुक्ला | Leave a Comment संघ की कार्यप्रणाली का मूल मंत्र है- 'व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण'। यह प्रक्रिया एक कार्यकर्ता से शुरू होती है। जब एक व्यक्ति शाखा में आता है, तो वह केवल शारीरिक व्यायाम या खेल के लिए नहीं आता, बल्कि वह अपने 'मैं' को विसर्जित कर 'हम' की भावना को आत्मसात करने आता है। Read more »
समाज तलाक : बदलती प्रवृत्ति और न्यायपालिका December 19, 2025 / December 19, 2025 by पवन शुक्ला | Leave a Comment भारत में तलाक अब केवल निजी निर्णय या पारिवारिक विफलता की कहानी नहीं रहा। यह एक ऐसा सामाजिक यथार्थ बन चुका है, जो न्यायपालिका के कक्षों, बच्चों के मनोविज्ञान और समाज की सामूहिक चेतना—तीनों को एक साथ प्रभावित कर रहा है। अब यह प्रवृत्ति छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों तक फैल रही है। Read more » तलाक
शख्सियत समाज पत्थरों को प्राण देने वाले कलाकार का अंत: राम वनजी सुतार December 19, 2025 / December 19, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment राम सुतार का जन्म महाराष्ट्र के गोंडूर गांव में एक साधारण,गरीब कारीगर (सुतार) परिवार में 19 फ़रवरी 1925 को हुआ था। बचपन में उन्होंने लकड़ी पर नक्काशी का काम पारिवारिक परंपरा से सीखा-यहीं से मूर्तिकला की नींव पड़ी।उन्होंने जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट, मुंबई से पढ़ाई की, लेकिन उनकी कला में शुद्ध अकादमिक शैली के साथ भारतीय लोक और ग्रामीण संवेदना भी साफ दिखती है। Read more » राम वनजी सुतार
समाज हमें नकल छोड़नी होगी December 18, 2025 / December 18, 2025 by डॉ. नीरज भारद्वाज | Leave a Comment किस्से-कहानी हमारे समाज का ही अंग होते हैं और उसमें मनोरंजन, कल्पना, संवेदना सभी कुछ मिलाकर लिखा जाता और सुनाया जाता है। एक कहानी याद आती है कि एक बार एक भालू शहद खा रहा था, बंदर भी वहीं पर उछल-कूद कर रहा था। भालू को पता था कि बंदर नकलची होता है। Read more » हमें नकल छोड़नी होगी
शख्सियत समाज बिहार भाजपा के भीष्म पितामह कैलाशपति मिश्रा की राजनीतिक विरासत को बखूबी विस्तार दे रहे हैं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा December 18, 2025 / December 18, 2025 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment वे अपनी पार्टी के लिए जातीय संतुलन के प्रतीक बन चुके हैं, खासकर बीजेपी के लिए ऊपरी जातियों (भूमिहार ब्राह्मण) का प्रतिनिधित्व करते हुए जबकि उपमुख्यमंत्री प्रथम और सूबाई गृहमंत्री सम्राट चौधरी ओबीसी समुदाय का। Read more » उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
विधि-कानून समाज आतंक पर निर्णायक सख़्ती ज़रूरी December 18, 2025 / December 18, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment यह स्वीकार करना होगा कि आतंकवाद अब पुरानी सीमाओं से निकलकर नई तकनीकी दुनिया में प्रवेश कर चुका है। पहले जहाँ उसका संबंध बंदूक, प्रशिक्षण शिविर और सीमा पार से आने वाले गुरिल्ला नेटवर्क से होता था, वहीं अब उसका संचालन सोशल मीडिया, डार्क वेब, एन्क्रिप्टेड चैट, क्रिप्टो करेंसी और फर्जी पहचान के माध्यम से हो रहा है। Read more » Decisive action against terrorism is necessary आतंक पर निर्णायक सख़्ती
समाज लड़कियों के लिए शिक्षा के अवसर सीमित हो जाते हैं December 16, 2025 / December 16, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment काग़ज़ों में साक्षरता का अर्थ सिर्फ़ नाम लिखना या पढ़ लेना नहीं होता। असली सवाल यह है कि कितनी लड़कियां पढ़ाई पूरी कर पाती हैं, कितनी आगे बढ़ पाती हैं और कितनी को अपने जीवन के फैसले खुद लेने का अवसर मिलता है। NFHS-5 (2019–21) के अनुसार बागेश्वर में लगभग 52 प्रतिशत महिलाएं ही ऐसी हैं जिन्होंने 10 वर्ष Read more » Educational opportunities for girls are limited. लड़कियों के लिए शिक्षा के अवसर
समाज इच्छा मृत्युः संवेदना एवं संविधान के बीच फंसा मानवीय प्रश्न December 16, 2025 / December 16, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment इच्छा मृत्यु यानी व्यक्ति की अपनी इच्छा के अनुसार जीवन का अंत, भारत में लंबे समय से सामाजिक, नैतिक और कानूनी विमर्श का विषय रही है। यह प्रश्न केवल मृत्यु से जुड़ा नहीं है, बल्कि असहनीय पीड़ा, मानवीय गरिमा, Read more » इच्छा मृत्युः