समाज यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म May 25, 2026 / May 25, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment वास्तव में यह अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि जिस मां ने नौ महीने गर्भ में रखकर संतान को जीवन दिया, जिसने अपना रक्त, ममता और त्याग देकर उसे पाला, उसी मां को अपने ही घर में रहने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़े। Read more » courts explain the religion of relationhips? in which the courts explain the religion of relationships What kind of society is this अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म
समाज एक आसन्न वैश्विक महासंकट की आहट और भविष्य की अंतिम आशा May 22, 2026 / May 22, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment गौधन (The Cownomics) एवंरूफटॉप फार्मिंग Read more » गौधन गौधन (The Cownomics) रूफटॉप फार्मिंग
विधि-कानून समाज सह-अस्तित्व की तलाश: अदालती आदेशों और जमीनी हकीकत के बीच आखिर कैसे रेबीज-मुक्त और सुरक्षित बनेंगे हमारे शहर ? May 22, 2026 / May 22, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment आवारा और खूंखार कुत्तों की बढ़ती समस्या पर गंभीर चिंता Read more » आवारा और खूंखार कुत्तों की बढ़ती समस्या आवारा और खूंखार कुत्तों की बढ़ती समस्या पर गंभीर चिंता रेबीज-मुक्त और सुरक्षित शहर
पर्यावरण समाज तपती धरती, झुलसता जीवन: हीटवेव की चुनौती May 22, 2026 / May 22, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment हीटवेव का सबसे बड़ा कारण केवल बढ़ता तापमान नहीं, बल्कि वह विकास मॉडल है जिसने धरती की प्राकृतिक ढाल को कमजोर कर दिया। जंगल सदियों से पृथ्वी के प्राकृतिक एयर कंडीशनर रहे हैं। Read more » झुलसता जीवन तपती धरती
लेख समाज डिजिटल दौर में पाठकों का सूखता संसार May 22, 2026 / May 22, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment वास्तव में आज साहित्य के क्षेत्र में रचनाकारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हर दिन हजारों कविताएँ, लेख, कहानियाँ और विचार सोशल मीडिया पर साझा किए जाते हैं। Read more » The drying world of readers in the digital age डिजिटल दौर में पाठकों का सूखता संसार
शख्सियत समाज आदिवासी मौन क्रांति के महानायक: गणि राजेन्द्र विजय May 21, 2026 / May 21, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment गणि राजेन्द्र विजय Read more » गणि राजेन्द्र विजय
समाज क्या झारखंड की सलाखों के पीछे कैद है महिलाओं की सुरक्षा और इंसाफ? May 19, 2026 / May 19, 2026 by अशोक कुमार झा | Leave a Comment महिलाओं की सुरक्षा और इंसाफ Read more » महिलाओं की सुरक्षा और इंसाफ
विज्ञान समाज टूटता भरोसा, दबाव में भविष्य: नीट संकट का लंबा साया May 19, 2026 / May 19, 2026 by मणिमाला शर्मा | Leave a Comment इस झटके को केवल “री-एग्ज़ाम” कहकर कम नहीं आँका जा सकता। करीब 24 लाख अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा जीवन की दिशा तय करने वाला मोड़ है। ऐसे में परीक्षा का रद्द होना या इसमें महीनों की देरी होना सिर्फ एक तारीख बदलना नहीं, बल्कि एक छात्र के पूरे भविष्य को अनिश्चितता में धकेल देना है। Read more » नीट संकट
आर्थिकी समाज कार पर सस्ता, शिक्षा पर ब्याज भारी क्यों ? May 19, 2026 / May 19, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment शिक्षा पर ब्याज भारी क्यों Read more » शिक्षा पर ब्याज भारी क्यों
समाज जेंडर भेदभाव में कैद लड़कियों के सपने May 19, 2026 / May 19, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अभिलाषा कुमारीसीतामढ़ी, बिहार देश आज विकास, डिजिटल इंडिया, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की बात कर रहा है। शहरों में लड़कियाँ इंजीनियर, डॉक्टर, पुलिस अधिकारी और वैज्ञानिक बन रही हैं। लेकिन भारत के अनेक ग्रामीण इलाकों में आज भी हजारों लड़कियों के सपने घर की चौखट से बाहर नहीं निकल पाते। स्कूल की ड्रेस पहनकर बड़े […] Read more » जेंडर भेदभाव में कैद लड़कियों के सपने
लेख शख्सियत समाज नदी और पहाड़ बचाने से जल, जलवायु और भविष्य को सुरक्षित रहेंगे May 18, 2026 / May 18, 2026 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment राजेंद्र सिंह सूखी नदियों को जीवन देने वाले और रेगिस्तान में पानी का जादू बिखेरने वाले 'जल पुरुष' के रूप में विख्यात हैं। उनका स्पष्ट रुप से मानना है कि-"धरती की प्यास तभी बुझेगी और मानवता तभी बचेगी, Read more » magic of water in the desert Rajendra Singh the 'Water Man' राजेंद्र सिंह
लेख समाज कृत्रिम क्रांति के कालखंड में संस्कृति, संवेदना और सनातन ज्ञान की संगति May 18, 2026 / May 18, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment भारतीय ज्ञान परंपरा का सबसे बड़ा वैशिष्ट्य यह है कि उसने ज्ञान को कभी भी नैतिकता से अलग नहीं माना। आधुनिक तकनीकी व्यवस्था में ज्ञान का अर्थ प्रायः सूचना और नियंत्रण की क्षमता तक सीमित हो गया है, जबकि भारतीय दृष्टि में ज्ञान वह है जो मनुष्य को विवेक, संयम और लोककल्याण की ओर ले जाए। Read more » कृत्रिम क्रांति