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    Homeविश्ववार्ताचीन को अपने किए की माफी विश्व समुदाय से मांगनी ही होगी

    चीन को अपने किए की माफी विश्व समुदाय से मांगनी ही होगी

    डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
    चीन अब विश्व स्तर पर अपनी होती बेइज्जती को समझने लगा है । उसे पता चल गया है कि दुनिया को खत्म कर दुनिया पर हुकूमत करने की जो उसने योजना बनाई थी, वह कितनी गलत हो सकती है ? और उसकी इस योजना के चलते उसे विश्व स्तर पर कितना अपमान झेलना पड़ रहा है ? अपने देश की इस हकीकत को समझ कर अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने देश की सरकारी मीडिया को विश्व स्तर पर देश की अच्छी छवि बनाने के लिए अपनी क्षमताओं को बढ़ाने का आदेश दिया है ।

    श्री जिनपिंग ने कहा कि उनके देश को वैश्विक दर्शकों को अपने देश की कहानियां बताने के तरीकों में सुधार करना चाहिए । ध्यान रहे कि चीन की विस्तार वादी नीति और संसार में उन देशों या संगठनों को प्रोत्साहित करने की चीनी नेताओं की हरकतें लोगों के लिए चिंता का विषय रही है जो दूसरे देशों को तोड़ने फोड़ने या खून खराबा करने के लिए जाने जाते हैं। कोरोनावायरस को लेकर चीन ने जिस प्रकार अपनी भूमिका निभाई है और उसकी भूमिका को लेकर नित्य प्रति जिस प्रकार सनसनीखेज बातों का पता चलता जा रहा है, उनके दृष्टिगत भी चीन को विश्व स्तर पर अपमान झेलना पड़ रहा है। प्रत्येक देश के जनसाधारण में भी चीन की छवि अब अच्छी नहीं रही है।
    चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने कहा है कि जिनपिंग ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की एक स्टडी मीटिंग में कहा कि हमारे लिए सच्चे, सटीक और प्रभावी चीन को दुनिया के सामने पेश करने के लिए विश्व स्तर पर अपने संदेशों को फैलाने की क्षमता में सुधार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन को अपनी राष्ट्रीय ताकत और वैश्विक स्थिति से मेल खाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय आवाज विकसित करने की जरूरत है।
    जिनपिंग ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी जिस तरह से यहां के लोगों को खुश करने का प्रयास करती है, इन सभी बातों को विदेशी लोगों को बताने के लिए अधिक प्रयास करने की जरूरत है। लोगों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को लेकर समझ बढ़ाने के लिए प्रचार प्रयासों को मजबूत करने की भी आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए देश को पेशेवर और ट्रेंड लोगों की एक टीम बनाने और विभिन्न क्षेत्रों के लिए सटीक संचार विधियों को अपनाने की जरूरत है।
    वैसे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को यह समझ लेना चाहिए कि दुनिया के लोग कम्युनिस्ट शासन से ऊब चुके हैं। यहां तक कि उनके अपने देश के लोग भी नहीं लगता कि कम्युनिस्ट पार्टी के एकतंत्रीय शासन से खुश हैं। विश्व के इतने बड़े विशाल क्षेत्रफल पर एक पार्टी एक आदमी को खतरनाक अधिकार देकर जिस प्रकार शासन करवा रही है , तानाशाही के अत्याचारों के मामले में वह मध्यकालीन तानाशाह बादशाहों को भी बहुत पीछे छोड़ चुकी है। यदि चीन के भीतरी समाज की आवाज सही अर्थों में बाहर आनी आरंभ हो जाए तो पता चलेगा कि चीन के लोग कम्युनिस्ट शासन से कितने दुखी हैं और उन पर कितने अत्याचार किए जाते रहे हैं ?
    हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि चीन के कभी भी विदेशी मीडिया के साथ अच्छे संबंध नहीं रहे हैं। चीन ने बीबीसी को अपने यहां की रिपोर्टिंग करने से प्रतिबंधित किया हुआ है। ग्लोबल टाइम्स जैसे चीन के सरकारी मीडिया अक्सर विदेशी पत्रकारों पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग करने का आरोप लगाते रहे हैं। इतना ही नहीं चीन में कितनी ही बार विदेशी मीडिया के लोगों को गिरफ्तार कर उनके साथ अमानवीय बर्ताव भी किया गया है ।
    हमें लगता है कि चीन जिस प्रकार दुनिया को अपनी चाल और भौतिक बल के आधार पर अपने कदमों में लाने की सोच रहा है उसकी वह योजना संसार के विनाश के लिए भस्मासुर तो सिद्ध हो सकती है परंतु उससे उसका अपना कोई लाभ नहीं होने वाला । उसको अपने किए पर शर्मिंदा होना चाहिए और मानवता से माफी मांग कर दुनिया की मुख्यधारा में अपने आप को लाने की पहल करनी चाहिए। यदि वह ऐसा नैतिक साहस दिखाएगा तो निश्चय ही उसका यह कार्य उसके अपने हित में होगा। धीरे-धीरे लोग उसकी बात पर विश्वास करेंगे उसे अपने आप को विस्तारवादी ना दिखाकर सबकी संप्रभुता का सम्मान करने वाले देश के रूप में दिखाना चाहिए। हमें नहीं लगता कि चीन ऐसा कुछ कर सकेगा।

    डॉ राकेश कुमार आर्य

    राकेश कुमार आर्य
    राकेश कुमार आर्यhttps://www.pravakta.com/author/rakesharyaprawakta-com
    उगता भारत’ साप्ताहिक / दैनिक समाचारपत्र के संपादक; बी.ए. ,एलएल.बी. तक की शिक्षा, पेशे से अधिवक्ता। राकेश आर्य जी कई वर्षों से देश के विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। अब तक चालीस से अधिक पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। वर्तमान में ' 'राष्ट्रीय प्रेस महासंघ ' के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं । उत्कृष्ट लेखन के लिए राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह जी सहित कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं । सामाजिक रूप से सक्रिय राकेश जी अखिल भारत हिन्दू महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति के राष्ट्रीय सलाहकार भी हैं। ग्रेटर नोएडा , जनपद गौतमबुध नगर दादरी, उ.प्र. के निवासी हैं।

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