लेखक परिचय

बीनू भटनागर

बीनू भटनागर

मनोविज्ञान में एमए की डिग्री हासिल करनेवाली व हिन्दी में रुचि रखने वाली बीनू जी ने रचनात्मक लेखन जीवन में बहुत देर से आरंभ किया, 52 वर्ष की उम्र के बाद कुछ पत्रिकाओं मे जैसे सरिता, गृहलक्ष्मी, जान्हवी और माधुरी सहित कुछ ग़ैर व्यवसायी पत्रिकाओं मे कई कवितायें और लेख प्रकाशित हो चुके हैं। लेखों के विषय सामाजिक, सांसकृतिक, मनोवैज्ञानिक, सामयिक, साहित्यिक धार्मिक, अंधविश्वास और आध्यात्मिकता से जुडे हैं।

Posted On by &filed under जन-जागरण, बच्चों का पन्ना.


cicadaएक कीड़ा जो आमतौर पर सत्रह साल बाद  ज़मीन से बाहर आता है

यह कीड़ा संयुक्त राज्य अमरीका के पूर्वी तट के आसपास के इलाकों मे सत्रह साल बाद ज़मीन के बाहर आता है।इस साल इसका आना शुरू हो चुका है वाशिंगटन   के आस पास के इलाकों मे ये मई के अंत मे आ चुका है।अपनी चरम सीमा र 1000 से 2000 कीड़े एक वर्ग मीटर जगह पर रह सकते हैं।ये कीड़े दुनियाँ के और हिस्सों मे भी देखे गये हैं परन्तु सत्रह साल बाद एक साथ निकलना सिर्फ अमरीका के पूर्वी आधे भाग मे ही होता है। सिकाडा इस साल न्यूयोर्क से लेकर नौर्थ कैरोलीना तक देखे जा सकते हैं।

विशेषज्ञों  का मानना है कि जैसे  ही ज़मीन के अन्दर वह अपनी त्वचा की बाहरी पर्त छोड़ते हैं बाहर निकल आते हैं।ये कीड़े बाहर आकर नर मादा संसर्ग करते हैं, फिर  मादा अण्डे देती है। ये अण्डे भी ज़मीन के नीचे 20 सैं. मीं. दबा देते हैं, उनमे से निकलने वाला कीड़ा सत्रह साल ज़मीन के नीचे ही रहता है।ये कीड़े बहुत आवाज़ करते हैं।ये 120 डैसिबल तक की आवाज़ कर सकते हैं। किसी को नहीं काटते,केवल छोटे छोट पौधों को नुकसान पंहुचा सकते हैं। इस वर्ष सिकाडा से आधा अमरीका परेशान होने की संभावना है वहाँ का मीडिया भी इसके बारे मे बहुत जानकारी दे रहा है। सत्रह साल तक ज़मीन के अंदर वो पेड़ों का गूदा खाकर रहते हैं।वह अपने अंदर की घड़ी से लगभग एक साथ बाहर निकलते हैं, जो आगे पीछे आते हैं वो जीवित नहीं रह पाते।ये कीड़े दोबारा ज़मीन के भीतर नहीं जाते बाहर ही मर जाते हैं।

2 Responses to “सिकाडा [Cicada]”

  1. मनोज श्रीवास्‍तव 'मौन'

    MANOJ MAUN

    १७ साल काफी लम्बी उम्र है इस कीडे की इस प्रकार की जानकारी देने का बहुत बहुत धन्यवाद

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *