दोस्ती पर दोहे

दोस्ती उससे कीजिये,जिसके हो पैसा पास |
पैसा पास न हो,उगती नहीं अब तो घास ||

बिन पैसे के आज तो,दोस्त भी लगे उदास |
दोस्त सब बन जायेगे,जब पैसा होगा पास ||

दारु के सब दोस्त है,बिन दारु पूछे न कोय |
दारु तुम्हारे पास है,भीड़ इकठ्ठी घर पर होय ||

दारु में गुण बहुत है,सदा राखिये साथ |
कही भी बैठ जाओ,मिल जायेगा साथ ||

दारु बिन दोस्ती,होती नही अब आज |
दारु पिलाने से बन जाते है सब काज ||

दारु में गुण बहुत है,सभी करे इसे सलाम |
दारु नहीं है तो,कोई दोस्त न आवे काम ||

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम (हरियाणा)

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