ये कश्मीर में तिरंगे की जीत है

विवेक कुमार पाठक 

कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक था फिर  दो झण्डे किस बात के रहे। क्या भारत और भारत का मस्तक कश्मीर अलग हो सकता था। फिर सोचिए कि किसी का मस्तक और शरीर अलग अलग हो सकते हैं मगर रहे। खैर छोड़िए और उल्लास मनाइए। आज देश की सरकार ने सारे अंतर मिटा दिए हैं।  अब भारत का झंडा ही कश्मीर का झंडा है। ये असल में तिरंगे की जीत है। 
भारत ने कई दशकों की राजनैतिक रुग्णता का आज विखंडन कर दिया है। पूरा देश जानता है आजादी के बाद कश्मीर का आतंकवाद भारत के लिए नासूर बना हुआ है। इस नासूर के पनपने की अपनी वजह रही हैं। कश्मीर का भारत में विलय भी तत्कालीन शासकों के कारण त्रुटिपूर्ण रहा। आज जिसे पीओके मतलब पाक अधिकृत कश्मीर बोला जाता है वो उस समय की राजनैतिक अदूरदर्शिता थी। अफसोस की गलतियों से कभी सबक नहीं लिया गया। दो राजनैतिक दोस्तों ने अपनी दोस्ती को निभाने भारत के मुकुट के साथ मजाक कर दिया। धारा 370 के रुप में कुछ ऐसा प्रावधान रचा कि भारत का हिस्सा होकर भी कश्मीर भारत का लगा नहीं। जिसे सवा अरब़ देशवासी अपने भारत का मुकुट मानते रहे वो तिरंगे के लिए तरसता रहा। वहां झंडा दूसरा रहा। एक देश दो विधान कश्मीर का कष्ट रहे मगर आज उल्लास और हर्ष का दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में  उस दागी राजनैतिक इतिहास को बदल दिया है। कश्मीर को धारा 370 के कई कलंकों से पहले ही दिन से मुक्त कर दिया है। पूरे देश को कश्मीर के लिए खोल दिया है। अब कश्मीर भी बहुत हद तक हम भारतीयों के लिए शेष भारत जैसा हो गया है। अब हम तमिलनाडु की तरह कश्मीर में भी रह सकते हैं। नौकरी कर सकते हैं और जमीन भी खरीद सकते हैं। कुल मिलाकर आज राज्यसभा से मोदी सरकार ने एक भारत का जयघोष किया है। ये भारतभाल का प्रक्षालन है। ये वसुधैव कुटुम्बकम का मंत्र देने वाले राष्ट्र का वंदन अभिनंदन है। 
आज संसद में जब देश के गृह मंत्री का ऐतिहासिक उद्बोधन चल रहा था तो सारे देश में जश्न मनाया जा रहा था। हर शहर और गांव गांव में तिरंगे को लहराया जा रहा था। ये भारतीय जनता पार्टी के लिए भी ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। भाजपा ने आज अपने पितृपुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्प को पूरा कर बड़ी राजनैतिक विजय हांसिल की है। आगे पीएम नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह हमेशा धारा 370 के समापन पर मजबूत इच्छाशक्ति के लिए भारत ही नहीं देशदुनिया में जाने जाएंगे। ये दुनिया के चौधरी अमरीका के लिए भारत की तरफ से सबक है। ट्रम्प की मध्यस्थता की पेशकश का वाकई मोदी सरकार ने बहुत ही तगड़ा और पूरे विश्व को सुनाई देने वाला जवाब दिया है।   

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