बार -बार दादाजी मेरा ,
बस्ता यूँ न छुआ करें।
धूल लगी है करूँ सफाई,
यह कहकर बस्ता छूते।
साफ सफाई बड़ी उमर में,
नहीं आपके है बूते।
काम कर सकूँ मैं खुद अपने,
यही आप बस दुआ करें।
मैं शाळा जाती हूँ बस से,
उससे ही वापस आती।
टीचर देख रेख करते हैं,
पूर्ण सुरक्षित रह पाती।
मेरे बारे में बिलकुल भी,
चिंतित अब मत हुआ करें।
पापाजी और चाचाजी ने,
निर्भय मुझे बनाया है।
जूडो और कराटे वाला,
शिक्षण मुझे दिलाया है।
व्यर्थ कुशंकाओं की बातें,
दादाजी न सुना करे।

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