दहाड़ एक योगी की !

कार्यालयों में कार्य संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने केन्द्र के कार्यालयों की भांति बायोमैट्रिक प्रणाली अपनाने पर जोर दिया ताकि हाजरी लगाकर अनुपस्थिति होने की प्रवृत्ति पर अंकुश लग सके। कौन नहीं जानता कि आज अनेक विभागों की हालत यह है कि अधिकारी कर्मचारी ११-१२ बजे तक आते है और ३-४ बजे तक घर निकल जाते है।

शिव शरण त्रिपाठी

लखनऊ। १९ मार्च दिन रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले श्री योगी आदित्यनाथ ने पखवाड़े भीतर जिस तरह एक के बाद ताबड़तोड़ निर्णय लिये है। इसी बीच जिस तरह गोरखपुर का दौरा कर डाला,औचक निरीक्षणों की झड़ी लगा दी उससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कम्प जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। पुलिस प्रशासन सिर के बल खड़ा होते दिखने लगा है। भ्रष्टाचारियों व गुण्डों के चेहरों पर दहशत की लकीरें साफ दीखने लगी है।
एक संयासी के सत्ता संभालने पर उंगुली उठाने वाले लोग इस कदर भौचक है कि उन्हे कुछ समझ में नहीं आ रहा है। इस कदर चकाचौंध है कि उन्हे कुछ सुझायी नहीं दे रहा है। सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार की कमर तोडऩे की पहल सभी मंत्रियों को अपनी सम्पत्ति की १० दिनों के भीतर घोषणा करने से की। इसके तत्काल बाद उन्होने नौकरशाहों को ताकीद दी कि वे अपनी सम्पत्तियों का ब्यौरा दें। नौकरशाहों के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय सेवा के अधिकारियों/कर्मचारियों को भी ऐसा करने का निर्देश देकर मानों इनकी नींद हराम कर दी है।
सत्ता संभालते ही दूसरा बड़ा निर्णय मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त बनाने के सम्बन्ध में लिया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक व प्रमुख सचिव गृह को सख्त ताकीद दी कि यदि प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार न हुआ तो किसी की खैर नहीं होगी। उन्होने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है इससे किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। फरमान जारी करने के बाद मुख्यमंत्री शांत नहीं बैठे वह औचक निरीक्षण पर हजरतगंज थाने जा धमके तो वहां पुलिस जनों की घिघ्घी ही बंध गई। इसी तरह तेजाब हमले की शिकार महिला का हाल-चाल लेने केजीएमयू पहुंच गये तथा अपराधियों को तुरंत सीखचों में डालने के निर्देश दिये। उनके निर्देश पर पुलिस ने आनन फ ानन में दो अपराधी गिरफतार कर जेल भेज दिये तो चार पुलिस कर्मियों को निलंम्बित कर दिया गया है।
लड़कियों/महिलाओं को शोहदों व मनचलों से महफूज कराने के लिये एंटी रोमियो दस्ते को सक्रिय करने के निर्देश देते हुये श्री योगी ने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जाये ताकि कोई भी महिला रात १२ बजे भी अकेले सड़क पर निकले तो उसे असुरक्षा महसूस न हो। उनके इन आदेशों के नतीजे भी दिखने लगे है। लड़कियों/ महिलाओं ने राहत की सांस ली है और मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया है। यही हाल रहा तो कोई भी शोहदा महिलाओं पर आंख उठाने से पहले सौ बार सोचेगा।
मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ ने तीसरा बड़ा निर्णय प्रदेश में चल रहे अवैध बूचडख़ानों को सख्ती से बंद करने का फरमान सुना दिया। नतीजा यह निकला कि देखते ही देखते प्रदेश में सैकड़ो अवैध बूचडख़ानों पर ताले लटक गये। अनेक के खिलाफ मुकदमें भी दर्ज किये गये और बड़ी संख्या में पशुओं की जाने बचायी गई। इसी आदेश के साथ उन्होने गौ तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के कड़े निर्देश भी जारी कर दिये। उक्त कार्यवाही से घबराये अवैध बूचडख़ाना चलाने वाले व अवैध मांस बेचने वालों ने सरकार पर दबाव बनाने हेतु सोमवार को हड़ताल भी की पर उसका उन्हे कुछ भी लाभ मिलता नहीं दिखाई दे रहा है।
कार्यालयों में कार्य संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने केन्द्र के कार्यालयों की भांति बायोमैट्रिक प्रणाली अपनाने पर जोर दिया ताकि हाजरी लगाकर अनुपस्थिति होने की प्रवृत्ति पर अंकुश लग सके। कौन नहीं जानता कि आज अनेक विभागों की हालत यह है कि अधिकारी कर्मचारी ११-१२ बजे तक आते है और ३-४ बजे तक घर निकल जाते है। मुख्यमंत्री श्री योगी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की तर्ज पर स्वच्छता अभियान चलाने का फरमान जारी कर दिया है। उन्होने अपने मंत्रियों व नौकरशाहों को स्वच्छता की जहां शपथ दिलाई वहीं सारे विभागों में यहीं प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिये। नतीजतन सभी कार्यालयों व थानों तक में अधिकारी/कर्मचारी साफ सफ ाई में तेजी से जुटे दिखने लगे है। इसी क्रम में उन्होने सरकारी कार्यालयों के साथ चिकित्सालयों तथा शिक्षण संस्थानों में पान गुटखा, तम्बाकू पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये है। उनके इस फ रमान का पालन करने में सूबे के लघु उद्योग व खादी ग्रामोंद्योग मंत्री श्री सत्यदेव पचौरी ने मानो बाजी ही मार ली। उन्होने तत्काल पान व पान मसाला खाना ही छोड़ दिया। आशा की जानी चाहिये कि पान मसालों की पीकों से रंगे कार्यालय, अस्पताल व थाने आदि स्वच्छ हो सकेगें।
मुख्यमंत्री के धड़ाधड़ जारी होने वाले निर्णयों व उन पर तेजी से होते अमल से लोगो को भरोसा हो चला है कि नि:संदेह पांच वर्षो में उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनकर रहेगा। यह न केवल बीमारू राज्य की बदनामी से मुक्त होगा वरन् आर्थिक प्रगति कर देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। खराब कानून व्यवस्था व गुण्डागर्दी के लिये कुख्यात हो चुका प्रदेश भविष्य में गुजरात महाराष्ट्र जैसे प्रदेशों में शामिल हो जाय तो आश्चर्य न होगा।

सांसत में भ्रष्ट नौकरशाह!
पूरे प्रदेश की निगाहे उन कथित भ्रष्ट नौकरशाहों पर लगी है जिन्होने अपनी आकाओं की कृपा से जमकर माल बटोरे हैं। एक सप्ताह बीत जाने पर भी जिस तरह सिर्फ पूर्व मंत्री श्री आजम खां के चहेते नगर विकास सचिव एसपी सिंह को पद से हटाया गया व दो और फ ेरबदल किये गये उससे किसी को यह समझ में नहीं आ रहा है कि मुख्यमंत्री जी की तबादला नीति क्या होगी।
समझा जा रहा है कि मुख्यमंत्री एक-एक नौकरशाह के बारे में पुख्ता जानकारी एकत्र कर रहे है उसके आधार पर ही वो कार्यवाही करेंगे। संकेत मिल रहे है कि भ्रष्टाचारों के आरोपों से गुथे नौकरशाहों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। उन्हे जहां पहले गैर महत्वपूर्ण विभागों में तैनात किया जायेगा वहीं उनकी जांच शुरू करा दी जायेगी। कहा तो यहां तक जा रहा है कि ऐसे कुछ अधिकारी तो अपनी सम्पत्ति की घोषणा करते ही जाल में फ ंस जायेगे।
नौकरशाहों के अलावा विशेषकर खनन, लोकनिर्माण, आबकारी व नोएडा/ग्रेटर नोएडा के बड़े अधिकारियों व इंजीनियरों के विरूद्ध भी अंदर खाने तेजी से जांच शुरू हो गई है।

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