लेखक परिचय

अनिल अनूप

अनिल अनूप

लेखक स्‍वतंत्र टिप्‍पणीकार व ब्लॉगर हैं।

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-अनिल अनूप
#नोटबंदी के बाद काली कमाई को ठिकाने लगाने के कई दिलचस्प किस्से सामने आए. कहीं जुगाड़ से काले धन को बैंक में जमा करा लिया तो कहीं पर पैसों को दान-दक्षिणा में बांट दिया…लेकिन, जब इतने से भी मामला सेट नहीं हुआ तो धन कुबेरों को पानी में बहाना पड़ा काली कमाई का खजाना. कोलकता से सटे 24 परगना से लोग आए तो थे मछलियां पकड़ने के लिए लेकिन मछलियों की बजाय इनके जाल में फंस गया नोटों से भरा एक बैग..बैन हो चुके 500 रुपए के पुराने नोटों का बैग. और फिर तो देखते ही देखते वहां मानो लूट सी मच गई…नोटों की तलाश में लोग गंदे पानी में उतर गए. बताने की जरूरत नहीं है कि इस गंदे और बदबूदार पानी में किसी कालेधन के कुबेर ने अपने पाप की कमाई को ठिकाने लगाया था…अब जिसे भी मौका मिल रहा था वो इस पाप की कमाई पर हाथ साफ कर रहा था…कीचड़ और गंदगी की परवाह किये बगैर इन लोगों ने बाकायदा नोटों का सर्च ऑपरेशन ही शुरू कर दिया..
उधर, नहर के किनारे तमाशबीनों की भीड़ जुट गई. लोग अपना काम-धाम छोड़कर गंदे पानी से निकलने वाले नोटों को देखने के लिए जुटे थे.
दक्षिणा..
पंडित जी परेशान हैं, पंडित जी गुस्से में हैं. दक्षिणा पाने के बाद भी उनके चेहरे तमतमाए हुए हैं. और ऐसा इसलिए है कि पूजा के बाद भक्तों ने पुजारियों को थमा दिए हजार-हजार के पुराने नोट.
घटना हरियाणा के भिवानी की है जहां चार दिसंबर को एक महायज्ञ शुरु हुआ था. लक्षचंडी नाम के इस महायज्ञ में सौ दो सौ नहीं, बल्कि दो से ढाई हजार पंडितों का जमावड़ा लगा था…मथुरा और उज्जैन तक के पंडित इस महायज्ञ में शामिल होने आए थे. महायज्ञ में हऱियाणा के कई बड़े नेता और वीआईपी जुटे थे…लेकिन जब इस महायज्ञ के समापन का वक्त आया तो पंडितों ने यहां बवाल खड़ा कर दिया. इस बवाल की वजह थी गुरुदक्षिणा में मिले नोट…दरअसल, महायज्ञ के आयोजकों ने यहां आए ढाई हजार पंडितों को कैश में गुरु दक्षिणा देने का फैसला किया था. उन्हें हर पंडित को 35 सौ रूपये यानी साढ़े तीन हजार देने थे,लेकिन जब गुरु दक्षिणा देने की बारी आई तो आयोजकों ने पंडितों को थमा दिए हजार और पांच सौ के पुराने नोट. फिर क्या था, गुरुदक्षिणा में मिले पुराने नोट से सारे पंडित जी इतने बौखला गए कि उन्होंने महायज्ञ के समापन पर हंगामा शुरू कर दिया..
कई पंडितों के पास तो किराए के पैसे तक नहीं थे. पंडितों का आरोप तो यहां तक है कि ये महाय़ज्ञ ही कालेधन से करवाया गया था और दक्षिणा में भी कालाधन ही बांट दिया गया…
एक ओर जहां लोग नोटों के लिए परेशान हैं. बैंकों के सामने लंबी लंबी कतारें लगी हैं. लेकिन यहां न तो नोटों का रोना है, न नोटों की कमी. यहां तो नोटों की बारिश हो रही है…
मध्यप्रदेश के धार जिले में डांसर्स के साथ मंच पर नेताजी , उनका नाम है कल्याण पटेल. बीजेपी के जिला पंचायत उपाध्यक्ष हैं कल्याण पटेल…धार जिले के घाटा-बिल्लौद में एक विवाह समारोह में आए थे. जब समारोह के दौरान मंच पर डांस शुरु हुआ तो नेताजी खुद को रोक नहीं पाए…
नेताजी पर डांस का ऐसा खुमार चढ़ा कि वो नाचते नाचते नोट उड़ाने लगे.
एक ओर जहां लोग नोटों के लिए परेशान हैं. बैंकों के सामने लंबी लंबी कतारें लगी हैं. लेकिन यहां न तो नोटों का रोना है, न नोटों की कमी. यहां तो नोटों की बारिश हो रही है…
कि मंच पर नाचने से पहले बीजेपी नेता कल्याण पटेल ने समारोह में लाए गए वीडियो कैमरे बंद करवा दिए थे. ताकि उनकी हरकत कैमरे में रिकार्ड न हो जाए. लेकिन, उन्हें क्या मालूम था कि इसी समारोह में आए एक युवक ने नेताजी की पूरी तस्वीर अपने मोबाइल फोन में कैद कर ली…
बताया जा रहा है कि ये डांस कार्यक्रम देर रात चलता रहा जबकि इलाके में ग्यारह बजे के बाद तेज संगीत चलाने पर पाबंदी थी. वैसे भी बात सिर्फ नेताजी के डांस की नहीं है. हैरानी इस बात को लेकर है कि नोटों की किल्लत जिस तरह से यहां नोट उड़ाए गए- वो नोट आए कहां से.
सीबीआई ने यहां भारतीय रिजर्व बैंक के एक अधिकारी को अवैध तरीके से नोट बदलने के जुर्म में गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये के पुराने नोट बदले हैं. सीबीआई के एक अधिकारी ने यहां बताया, ‘#सीबीआई ने प्रतिबंधित नोट बदलने में मदद कर रहे #आरबीआई के एक अधिकारी को बेंगलूरू से गिरफ्तार कर लिया.’ अधिकारी ने बताया, ‘दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया हैlअधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, ‘भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के नोट जारी करने वाले विभाग के वरिष्ठ विशेष सहायक के. माइकल को गिरफ्तार किया गया है.’ अधिकारी ने कहा कि कोल्लेगल शाखा एसबीएम की करेंसी चेस्ट है. इसमें छोटे नोटों के साथ बड़ी मात्रा में 2000 और 500 रुपये के नोट बैंक की दूसरी शाखाओं और जिले के कोषागारों में भेजने के लिए रखे हुए थे.
आगे बताया गया कि ‘उस पर छह लाख रुपये के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट को चामराजपेट जिले की कोल्लेगल स्थित स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम) शाखा में 100 रुपये के नोट से बदलने में शामिल रहने का आरोप है.’ कर्नाटक के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में स्थित कोल्लेगल, बेंगलुरु से 145 किलोमीटर की दूरी पर है. एक हफ्ते पहले छह दिसम्बर को #सीबीआई ने बैंक के वरिष्ठ रोकड़िया पाराशिवामूर्ति के खिलाफ पुराने नोट से 1.51 करोड़ रुपये बदलने के आरोप में मामला दर्ज किया था.
असम पुलिस ने आज एक व्यापारी के घर पर छापा मारा. उसके यहां से 2000 और 500 रुपये के नये नोटों का जखीरा मिला. अधिकारी दंग थे क्योंकि पूरी रकम एक करोड़ 55 लाख रुपए थी. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) अनिल कुमार झा ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर सीआईडी टीम ने हार्दी सिंह बेदी के घर से यह रकम जब्त की.
बेदी का एक होटल एवं बार है और उसने शहर में किराये पर दुकानें दे रखी है. झा ने बताया कि शहर के बेलटोला में उसके मकान पर छापे के दौरान पुलिस ने नये नोटों में 1 करोड़ 54 लाख 81 हजार रुपए जब्त किए गए. ये नोट नोटबंदी के बाद जारी किए गए थे.
उन्होंने कहा, ‘कुछ धनराशि में, 1,54,06,000 रुपये 2000 रुपये के नोटों में थे और बाकी 75 हजार 500 रुपये के नोटों में थे.’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने यह मामला आयकर विभाग को सौंप दिया है और उसके उपायुक्त पी बोरा इसकी जांच कर रहे हैं.
#नोटबंदी का ऐलान दिल्ली के बदमाशों के लिए किसी सर्जिकल स्ट्राइक से कम नजर नहीं रहा है. आलम ये है कि दिल्ली की सड़कों पर होने वाले अपराधों में कमी आई है और इससे पुलिस अधिकारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं.पिछले एक महीने में यानि 9 नवम्बर से 8 दिसम्बर 2016 तक दिल्ली के क्राइम में रिकॉड तोड़ गिरावट दर्ज की गई है. साल 2015 में इसी समय में जहां क्राइम का आंकड़ा काफी ऊँचा था, वहीं इस बार कई अपराधों में ये आंकड़ा काफी हद तक कम नजर रहा हैं.
एक महीने की बात करे तो नोटबंदी के ऐलान के बाद से ही दिल्ली में अब तक बड़ी लूटपाट व झपटमारी की घटना सामने नहीं आई है. ऐसा माना जा रहा है क्राइम के इस ग्राफ का गिरना नोट बंदी का एक असर है जो पूरी दिल्ली में देखने को मिल रहा है.
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों की माने तो पिछले साल 9 नवम्बर से 8 दिसम्बर 2015 तक दिल्ली शहर में हत्या की कोशिश 66, लूटपाट के 561, स्नैचिंग के 843, किडनैपिंग के 498 और उगाही के 20 मामले दर्ज किए गए थे. कुल जघन्य अपराध का आंकड़ा 842 था.
साल 2016 में ये आंकड़ा काफी कम हो गया है. हत्या की कोशिश 36, लूटपाट के 315, स्नैचिंग के 734, किडनैपिंग के 426 और उगाही के 9 मामले सामने आए हैं. कुल जघन्य अपराध का आंकड़ा 560 रहा है.
यही नहीं कुछ जुर्म के मामले ऐसे भी हैं जिनमें पिछले साल के मुकाबले इस साल 9 नवम्बर से 8 दिसम्बर की तारीख के बीच इजाफा भी देखने को मिला है. पिछले साल 2015 में 1075 सेंधमारियां हुई थीं, जो इस बार बढ़ कर 1136 हो गईं. घरों में चोरियां भी 990 से बढ़ कर 1021 हो गईं. अवैध शराब के खिलाफ दर्ज केसों की संख्या 141 से बढ़ कर 202 हो गई.
कोलकाता के उपनगरों की अलग-अलग बैंकों से करीब 40 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने अरिंदम घोष दस्तीदार को दक्षिणी कोलकाता में धकुरिया स्थित उसके आवास से पकड़ा. अरिंदम ने कर्ज के तौर पर विभिन्न बैंकों से 40 करोड़ रूपये की कथित तौर पर ठगी की थी.
पुलिस ने बताया कि उसके पास से 17 क्रेडिट कार्ड और कई नकली पैन कार्ड बरामद हुआ.
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. कोऑपरेटिव बैंक और उससे जुड़ी संस्था से एक करोड़ अड़तीस लाख के नए नोट और दो किलो सोना बरामद हुआ है.
जयपुर के मानसरोवर में विल्फ्रेड शिक्षण संस्था ने 8 दिसम्बर को इंटीग्रल को-आपरेटिव बैंक में एक करोड तीस लाख रुपये के नये नोट जमा करवाये थे. इसके बाद आज आयकर विभाग ने बैंक अधिकारियों से पूछताछ की और विल्फ्रेड संस्था के केशव बड़ाया के एक करोड 38 लाख रुपये जब्त कर लिये.
आयकर विभाग ने बताया कि केशव बड़ाया ने ये राशि किसी दूसरे बैंक खाते से अवैध रूप से निकालकर इंटीग्रल को-आपरेटिव बैंक में जमा करवा दी. बैंक की शाखा भी इसी शिक्षण संस्था के परिसर में है. जब्त किए गई राशी में 2 हजार रूपए के करीब 7 हजार नोट मिले. केशव बड़ाया फिलहाल फरार है.
जयपुर में सीबीसीआईडी ने भी एक गाड़ी से 60 लाख के नोट बरामद किए हैं जिनमें 56 लाख रुपए के नए दो हज़ार के नोट शामिल है. ये लोग सड़क पर खड़े होकर कमीशन पर नोटबदली का धंधा कर रहे थेl

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