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    Homeसाहित्‍यकवितापिता नीम का पेड़

    पिता नीम का पेड़

    हम कच्चे से है घड़े, और पिता कुम्हार !
    ठोक पीट जो डांट से, हमको दे आकार !!
    ★★★★
    सिर पे ठंडी छाँव-सा, पिता नीम का पेड़ !
    कड़वा लगता है मगर, है जीवन की मेड़ !!
    ★★★★
    पाई-पाई जोड़ता, पिता यहाँ दिन रात !
    देता हैं औलाद को, खुशियों की सौगात !!
    ★★★★
    पापा ही अभिमान है, पापा ही संसार !
    नगपति से अविचल खड़े, पापा है आधार !!
    ★★★★
    मन में भावों को भरे, पिता रहें गंभीर !
    मां जैसा है प्यार लिए , किंतु अलग तस्वीर !!
    ★★★★
    सूरज से होते पिता, लगते गरम जरूर !
    अँधेरा सा छा उठे, अगर न हो ये नूर !!
    ★★★★
    एक पिता के कर्ज को, समझे क्या संतान !
    चुपचाप आँसूँ पिये, करता सब बलिदान !!
    ★★★★
    रौनक इनसे ही जुड़ी, इनसे शोहरत शान !
    साहस, ताकत है पिता, है मेरी पहचान !!
    ★★★★
    ✍डॉo सत्यवान सौरभ

    डॉ. सत्यवान सौरभ
    डॉ. सत्यवान सौरभ
    रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवर्सिटी, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार

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