जिंदगी में सफलता के लिए सकारात्मक विचार के साथ दिल से मेहनत जरूरी – अभिनेता मोहित त्यागी

दीपक कुमार त्यागी

थियेटर व फिल्मी दुनिया के एक उभरते स्ट्रगलिंग कलाकार अभिनेता मोहित त्यागी उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद का नाम फिल्मी दुनिया में रोशन कर रहे हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने विश्व प्रसिद्ध अयोध्या के दीपोत्सव महापर्व में “भरत” की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तर प्रदेश सरकार के अन्य आला अधिकारी उपस्थित थे। वैसे तो मोहित त्यागी ने विभिन्न नाटकों, सीरियल व फिल्मों में कार्य किया है, लेकिन मोहित त्यागी का मानना है कि दिल्ली की विश्व प्रसिद्ध “लव-कुश रामलीला” में लक्ष्मण की भूमिका निभाने के बाद उन्हें अभिनय की दुनिया में विशेष पहचान मिली है रामलीला में अपने अभिनय से विशेष आत्मसंतुष्टि मिली है। अभिनेता मोहित त्यागी वैसे तो मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के भटौला गांव के निवासी हैं, वह क्षेत्र के एक बेहद सम्मानित मध्यवर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनकी कर्मभूमि गाजियाबाद जनपद है, वह वसुंधरा कॉलोनी में लगभग पिछले 20 वर्षों से अपने परिजनों के साथ निवास करते हैं। वैसे तो मोहित त्यागी ने थियेटर, फिल्म व सीरियलों में अभिनय के अलावा न्यूज चैनलों के क्राइम शो और पिछले कई वर्षों से रामलीला मंचन जैसे बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रमों में लगातार अभिनय किया है। वह “लव-कुश रामलीला” दिल्ली में भगवान शिव का किरदार भी सफलता पूर्वक निभा चुकें हैं। आज हम उनसे जुड़े कुछ सवालों का जवाब खुद अभिनेता मोहित त्यागी से ही जानते हैं।

सवाल :- सबसे पहले आप अपनी पारवारिक पृष्ठभूमि के बारे में हमारे सम्मानित पाठकों को जानकारी प्रदान करें।

जवाब :- मैं बुलंदशहर जनपद के भटौला गांव के मूलनिवासी चौधरी श्री महेंद्र सिंह त्यागी जी व श्रीमती राजिन्द्री देवी जी के चार सपुत्रों में तीसरे नम्बर की संतान हूँ। हमारा परिवार क्षेत्र क एक प्रतिष्ठित मध्यवर्गीय किसान परिवार है, जिसका अभिनय के क्षेत्र से दूर-दूर तक कभी कोई नाता नहीं रहा है। मैं बचपन से ही जिंदगी में कुछ बड़ा करके अपने आदरणीय माता-पिता प्रिय चाचा श्री सुरेंद्र त्यागी जी व अन्य घर परिवार वालों बाबा स्वर्गीय चौधरी श्री रणवीर सिंह त्यागी जी व दादी स्वर्गीय श्रीमती प्रकाशवती देवी जी और गाजियाबाद जनपद के मंडौला गांव निवासी अपने नाना जी स्वर्गीय चौधरी श्री जगदीश्वर त्यागी जी व नानी श्रीमती सावित्री देवी जी, मामा श्री राजेन्द्र त्यागी, श्री जितेन्द्र त्यागी जी व श्री ब्रजभूषण त्यागी जी का नाम रोशन करना चाहता हूँ। अपने आदरणीय परिजनों का नाम रोशन करने के लिए मेरा हमेशा अपने कार्यक्षेत्र में शौहरत हासिल करना ही जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा है, मेरा लिए कभी भी अभिनय करके अथाह धन-दौलत कमाना उद्देश्य नहीं रहा है।

सवाल :- आपने ने अभिनय के क्षेत्र का चुनाव कैरियर के रूप में क्यों किया?

जवाब :- मैं एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकला हुआ मेहनतकश जुनूनी नौजवान हूँ, जब में अपने प्यारे गांव भटौला से गाजियाबाद आया था, तो दिल में अपनी व अपने परिवार की एक अलग सम्मानजनक पहचान बनाने का एक बड़ा सपना संजोकर रखा हुआ था, उसको पूरा करने की चाह ने ही बीबीए की पढ़ाई खत्म होने के बाद मेरी दिलचस्पी एक्टिंग के क्षेत्र में करवाई। मुझे फिल्मी दुनिया ने अपनी तरफ आकर्षित किया, मैं दिल्ली गाजियाबाद में अक्सर देखता था कि लोग किस तरह फिल्मी जगत से जुड़े लोगों के दिवाने हैं, बस उसी दिन मैंने भी अपने आप ठान लिया की मुझको भी एक दिन अभिनय के क्षेत्र में जाकर परिवार का नाम रोशन करना है और फिर अभिनय की कठिन राह पर मैं भी पूर्ण हौसले के साथ चल पड़ा। मैंने तय कर लिया था कि अब इसी क्षेत्र में कुछ बड़ा करके अपने परिवार व अपने प्यारे गृहराज्य उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करना है। इसके लिए मैंने अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए दिनरात कड़ी मेहनत करनी शुरू कर दी।

सवाल :- अभिनय के बेहद कठिन क्षेत्र में आपके लंबे संघर्ष की दास्तान क्या है।

जवाब :- पढ़ाई खत्म होने के बाद मैंने अभिनय के क्षेत्र में आने के लिए वर्ष 2003 में अपना फोटोशूट करवा कर विभिन्न लोगों व ऐजेंसियों को भेजने शुरू किये। साथ ही अभिनय सीखने के लिए मैंने अपने अंदर छिपे एक्टिंग के हुनर को समय से पहचान कर दिनरात मेहनत से तैयारी करनी शुरू कर दी। इसके लिए मैंने मुबंई जाकर अनुपम खेर जी के इंस्टीट्यूट से अभिनय से संबंधित कोर्स किया और फिर काम की तलाश में अभिनय की दुनिया में स्ट्रगल करने की यात्रा पर निकल पड़ा। आपको बता दूं कि मुझको 12 साल के लम्बे संघर्ष के बाद पहला ब्रेक फिल्म “तलवार” में मिला था, 12 साल के लम्बे स्ट्रगल के पीरियड के दौरान मैंने अपने जीवन में कभी भी हिम्मत नहीं हारी। समय के साथ-साथ मैंने थियेटर व अन्य कार्यक्रम में काम करके अपनी कड़ी मेहनत के बल पर अपने अभिनय के हुनर को निखारने का काम किया। अपने इस हुनर को सम्मानित दर्शकों तक पहुंचाने के लिए मैंने न्यूज चैनलों पर आने वाले क्राइम सीरियल, थियेटर, फिल्म और रामलीला आदि में कार्य करना शुरू कर दिया और आज में अपने प्रसंशकों के प्यार व अनमोल आशिर्वाद से कामयाबी की सीढियां दिनप्रतिदिन चढ़़ने का प्रयास कर रहा हूँ। मुझको जब 12 वर्ष के लम्बे संघर्ष के बाद वर्ष 2015 में पहला ब्रेक फिल्म “तलवार” में मिला था तब मेरी व मेरे सभी सम्मानित शुभचिंतकों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, इस फिल्म में मैंने सीआईडी ऑफिसर की भूमिका निभाई थी। उसके बाद मैंने फिर कभी पीछे मुडकर नहीं देखा और अब केवल लॉकडाउन व उसके बाद हालफिलहाल के समय को छोड़कर में लगातार फिल्मों में निरंतरता के साथ काम कर रहा हूँ।

सवाल :- हर वर्ष रामलीला में अभिनय करने की क्या कोई विशेष वजह है?

जवाब :- अभिनय मेरी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। थियेटर मुझे जीवन में हर पल सीखते रहने का मौका देते हुए, जीवन में नयी ऊर्जा व सुकून प्रदान करता है। इससे मेरी जिंदगी में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उसी के चलते मैं पिछले कई वर्षों से विश्व प्रसिद्ध “लव-कुश रामलीला” में देश के दिग्गज अभिनेताओं के साथ विभिन्न किरदार निभाता रहा हूँ, क्योंकि जिंदगी में आत्मसंतुष्टि से बढ़कर कुछ भी नहीं है। वैसे भी हमारे आराध्य भगवान श्री राम से जुड़ी किसी भी प्रकार की लीला मंचन के कार्यक्रम में अभिनय करना मेरे लिए या किसी भी अन्य सनातन धर्म के अनुयायी कलाकार के लिए बहुत ही गर्व की बात हैं। इस अवसर को मुझे बार-बार उपलब्ध करवाने के लिए “लव-कुश रामलीला” कमेटी के सम्मानित अध्यक्ष श्री अशोक अग्रवाल जी, मंत्री श्री अर्जुन सिंह जी, श्री अशोक कुमार जी व समस्त अन्य प्रबंधन कमेटी का मैं हमेशा बहुत आभारी रहुंगा।

सवाल :- आपने अभी तक किन-किन फिल्मों में अभिनय किया है।

जवाब :- सर्वशक्तिमान ईश्वर के आशीर्वाद और सम्मानित प्रशंसकों के प्यार से आज में 25 से अधिक फिल्मों में काम कर चुका हूँ। मेरे लिए गर्व की बात यह है कि मेरी फिल्म “कड़वी हवा” को तो नैशनल अवार्ड तक मिल चुका हैं। मैंने फिल्म तलवार में सीआईडी ऑफिसर की भूमिका, हिंदी मीडियम में एक पड़ोसी की भूमिका, एसपी चौहान द कॉमन मैन, ब्रजमोहन अमर रहे, पल पल दिल के पास, हल्का, दिल्ली काईम, चल जा बापू में सब इस्पेक्टर की भूमिका, डियर माया, फिल्म “मजमा” में गांव के लड़के की भूमिका, बेगम जान में गुंडे का किरदार निभा चुका हूँ। इसके अलावा भी में कई फिल्मों व नाटकों में काम कर चुका हूँ और मुझे उम्मीद है कि मुझको अपनी मेहनत के बलबूते व ईश्वर के आशीर्वाद से एकदिन बड़ा यादगार लीड़ रोल अवश्य मिलेगा।

सवाल :- आपके अनुसार जिंदगी में सफलता का मंत्र क्या है?

जवाब :- आज के व्यवसायिक दौर में अधिकांश लोगों के लिए अरबों खरबों की दौलत कमाना ही सबसे बड़ी सफलता है, उसको हासिल करने के लिए वो सही क्या है और गलत क्या है उसमें भी अंतर नहीं करना चाहते हैं, लेकिन मेरे लिए दौलत नहीं मेरा काम पूर्ण ईमानदारी के साथ करना बेहद महत्वपूर्ण है, आज जब लोग मेरे काम की प्रशंसा करते हैं, तो मुझको उससे काम करने के लिए बहुत ही जरूरी सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उस ऊर्जा के बलबूते ही आज मुझे साइड़ रोल मिल रहे हैं और मुझको पूर्ण भरोसा हैं कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से एकदिन जल्दी ही मुझको फिल्मों में मेन लीड़ रोल में काम करने का मौका अवश्य मिलेगा। मैं जिस भी फिल्म में काम करता हूँ हमेशा अपने सहयोगियों से अपने काम का फीडबैक जरूर लेता हूँ और उसके हिसाब से ही भविष्य में और बेहतर अभिनय करने के लिए अधिक मेहनत करता हूँ। मेरा जिंदगी में सफलता का मंत्र है कि व्यक्ति को हमेशा सकारात्मक सोच के साथ मेहनत करते रहना चाहिए और अगर सफलता मिलने में देर होती है तो भी बिना निराश हुए अपनी मेहनत लगातार जारी रखनी चाहिए ऐसा करने से कामयाबी एक दिन आपके अवश्य कदम चूमेगी। मेरा मानना है कि “जीवन में मेहनत व संघर्ष से ही कामयाबी का रास्ता निकलता हैं” और यही जीवन में सफलता हासिल करने का सबसे महत्वपूर्ण कारगर मंत्र हैं। हर व्यक्ति को सकारात्मक विचारों व ऊर्जा के साथ जिंदगी में अपनी मेहनत पर ध्यान देना चाहिए, व्यक्ति को परिणाम की फिक्र में कभी भी परेशान नहीं होना चाहिए। परिणाम हमेशा सर्वशक्तिमान ईश्वर पर छोड़कर उसके श्रीचरणों का ध्यान करते हुए जीवन पथ पर हमेशा अग्रसर रहने के लिए पूर्ण ईमानदारी व मेहनत से कर्म करना चाहिए।

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