लेखक परिचय

रोहित श्रीवास्तव

रोहित श्रीवास्तव

रोहित श्रीवास्तव एक कवि, लेखक, व्यंगकार के साथ मे अध्यापक भी है। पूर्व मे वह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के निजी सहायक के तौर पर कार्य कर चुके है। वह बहुराष्ट्रीय कंपनी मे पूर्व प्रबंधकारिणी सहायक के पद पर भी कार्यरत थे। वर्तमान के ज्वलंत एवं अहम मुद्दो पर लिखना पसंद करते है। राजनीति के विषयों मे अपनी ख़ासी रूचि के साथ वह व्यंगकार और टिपण्णीकार भी है।

Posted On by &filed under व्यंग्य.


india and pakistan  भारत और पाकिस्तान मे सच मायनों मे खूनीरिश्ता है

 

आइये देखते है कैसे:-

 

1॰ हमारे पास राहुल-बाबातो उनके पास बिलावल भुगतो

 

2॰ उनके पास इमरान-कदरीतो हमारे पास अन्ना-केजरी

 

3॰ उनके पास वीणा मालिकतो हमारे पास सावंत-बहिन

 

4॰ उनके पास आसिफ अली ज़रदारी तो हमारे यहाँ भी बहुत जुआडी

 

5॰ उनके यहाँ नवाज़ शरीफ तो हमारे यहाँ ख्वाजा अजमेर शरीफ

 

6॰ उधर के आवाम मे गरीब… इधर भारत गरीबीसे जंग जीतने के करीब…ढूँढने से मिलेंगे तो आपको केवल फेस्बूकीया मरीज।

 

7॰ उनके पास भी रिमोट वाला वाला वज़ीर-ए-आज़म…. हमारे पास मोदी राजम

 

8॰ उधर भी हजारो मौलाना…इधर मुलायममौलाना और चच्चा आज़म

 

9 ॰ उनके पास शोएब अख्तर तो हमारे पास जावेद अख्तर… एक की बॉल तो एक की बात ऊपर से जाती ।

 

10॰ उनके पास आतंकियों की भरमार हमारे यहाँ इंसानियत की पुकार। एक ‘इन्दिरा’ शहीद तो दूसरी तरह ‘बेनज़ीर’।

 

11॰ उनके पास अमीर शहजाद तो हमारे यहाँ विराट कोहली

 

12॰ उनके यहाँ रोज़ खेलते खून की होली हमारे यहाँ औरते रचती समृद्धि की रंगोली

 

13॰ उनके यहाँ चलती गोली हमारे यहाँ जनता भोली

 

14॰ वो हमे एटम बम से डराते तो हम उन्हे अरनब गोस्वामी की आवाज़ सुनाते….”INDIA WANTS TO KNOW” सुनते ही वो जहन्नुमको चले जाते।

 

15॰ वो अपने यहाँ 2-4 फिल्मे बनाते हमारे यहाँ उनके भूखे-नंगे कलाकार काम मांगने आते।

 

16॰ जितनी उनकी सेना नहीं उतने हमारे यहाँ बेरोजगार नौजवान। सबकी भर्तियाँ कर ली भारतीय सेना मे तो शायद न बचेगा पाकिस्तानका नामो-निशान।

 

17॰ उनके यहाँ जिन्ना का गुणगान हमारे यहाँ बापूमहान

 

18॰ वो अपने बापको आँख दिखाता… भारत उसे अपने अब्बाहोने का एहसास 1965.1971….कारगिल हर जगह बार-बार कराता।

 

19॰ उधर वो 1947 के बाद भी लड़ता अपने अस्तित्व की लड़ाई इधर पाक को जन्म देकर भारत माता बार-बार पछताई।

 

20॰ न सुधरा वो तो अबकी उसकी शामत है आई क्योकि हिंदुस्तान मे मोदी सरकार ने पैर जमाई…न मिलगी इस बार मौन-मोहन वाली मलाई…..

 

भारत-पाकभाई-भाई का नारा भी न चलेगा अबकी मेरे बेटे

हम भारतीय है जो लोगो की कह कर लेते

 

(रोहित श्रीवास्तव ने भारत-पाकिस्तान के खूनी रिश्ते का गहराई से अध्ययन किया है जिससे उन्होने कुछ बिन्दु निष्कर्ष के रूप मे व्याखित किए है )

6 Responses to “भारत और पाकिस्तान”

  1. रोहित श्रीवास्तव

    रोहित श्रीवास्तव

    इकबाल भाई। पाकिस्तान नहीं सुधरा तो वो वक़्त भी आयेगा। कभी-कभी जोश मे नहीं होश से कम लेना होता है। मोदी सरकार वही कर रही है। पाकिस्तान हमारी ही संतान है कुछ तो दया भाव रहेगा ही उसके प्रति।

    श्रीकृष्ण ने शिशुपाल की 100 गलतिया माफ करने के बाद ही उसका वध किया था। अगर पाकिस्तान नहीं सुधरा तो उसका भी वही हश्र होगा। 🙂

    जय हिन्द… जय भारत

    Reply
  2. इक़बाल हिंदुस्तानी

    Iqbal hindustani

    पाकिस्तान पिद्दी न पिद्दी का शोरबा……
    दुस्साहस और शरारतों की सज़ा कई बार भुगत चुका है।
    अब देर किस बात की है पाक सीमा पर गोलीबारी से अपनी मौत को पुकार रहा है।
    केंद्र में मोदी जी की बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार है।
    मौक़ा है संघ परिवार इस समस्या का फाइनल सलूशन पाक को सबक सिखाकर समय रहते कर क्यों नहीं देता?
    अगर 5 साल ऐसे ही पूरे हो गये और पाक न सुधरा तो ये माना जाएगा कि हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और होते हैं…..
    और बीजेपी भी सत्ता में आने को ही पाक को पानी पी पी कर कोसती थी…..
    नहीं करो शुभारम्भ।

    Reply
  3. रोहित श्रीवास्तव

    रोहित श्रीवास्तव

    सचिन जी आपकी बातों से पूर्णत: सहमत। आपने बहुत अच्छे से पाकिस्तान की तारीफ मे कसीदे कसे हैं । 🙂

    Reply
  4. Sachin Malusare

    पाकिस्तान एक कृत्रिम राष्ट्र है, जिसे बरतानिया और पश्चिमी ताकतों नें अपने छद्म उद्देशों को पूरा करने के लिए अखंड भारत का छलकपट से विभाजन करके बनाया है. पाकिस्तान की मानसिकता हिंदूविरोधी, अरबपरस्त, आंतकवादी और नाजायज है. नौबत यहाँ तक आ गई है कि पाकिस्तान में मानवतावाद परास्त हो गया है, उसकी लगभग सारी जनता मानसिक उन्माद और आतंकवाद से ग्रस्त हो गई है. सलमान तासिर के हत्यारे पर फूल बरसाकर पाकिस्तानी वकिलों नें इसका सबूत सारी दुनिया के सामने उजागर किया है. ऐसे राष्ट्र से बातचित का तरिका कभी कामयाब नहीं हो सकता. पाकिस्तान नामक विषैले पेड को जड से नष्ट करना जरूरी हो गया है. अब ऐसी नष्टता में शायद सिंधु संस्कृति मिट जाए या तक्षक्षिला खंडहर का नामोनिशान मिट जाएं, लेकिन भारत को कठोर होकर यह काम अवश्य करना जरूरी होगा. अन्यथा पाकिस्तान का यह नासूर हमारी आनेवाली पिढीयों के लिए हमेशा त्रासदी का कारण बना रहेगा. आज सारी दुनिया रेलरोड और रेल नेटवर्क से जुडी है. लेकिन भारत अब भी मध्य एशिया से रेलरोड से नहीं जुड पाया, क्योंकि बिच में यह पाकिस्तान नामक कट्टर धर्मांधों का प्रदेश आता है. आज भारत को मध्य एशिया से खनिज स्त्रोत इरान के रास्ते समुद्र के बंदरों पर और वहाँ से जहाजों द्वारा पश्चिमी तट पर लाना मजबूरी है, जो पाकिस्तान को मिटाने से शायद दूर हो जाए. या फिर भारत बलुचिस्तान की आजादी को सहायता देकर और सिंध को भारत में शामील करके बलुचिस्तान, सिंध का मार्ग खुला करके मध्य एशिया और युरोप तक तो कोई जमिनी रास्ता तैयार कर ही सकता है.

    Reply
  5. रोहित श्रीवास्तव

    रोहित श्रीवास्तव

    जी शुक्रिया महेंद्र गुप्ता जी। भारत सदा आगे था सर्वदा आगे रहेगा। 🙂

    Reply
  6. mahendra gupta

    सुन्दर ,पलड़ा तो भारत का ही भारी है

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *