जगदीप साहब भी कह गये दुनियां को अलविदा……

81 साल की उम्र में अभ‍िनेता जगदीप साहब का न‍िधन, चेहरों की हंसी ले गया ‘सूरमा भोपाली’….शादाब जफर शादाब हिंदी फिल्मी इंडस्ट्री के लाडले हरदिल अज़ीज़ मशहूर हास्य अभिनेता जगदीप साहब ने भी आज दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने 81 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। जगदीप साहब ने कई चर्चित फिल्मों में अपनी एक्टिंग का जादू बिखेरा। उन्हें शोले फिल्म में सूरमा भोपाली के किरदार से काफी शोहरत मिली थी। उनका असली नाम सैयद इश्तियाक जाफरी था। फेमस बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी और नवेद जाफरी जगदीप साहब के बेटे हैं। जगदीप का जन्म ब्रिटिश इंडिया के दतिया सेंट्रल प्रोविंग में (अब मध्य प्रदेश) 29 मार्च 1939 को हुआ था. उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन साल 1994 में आई ‘अंदाज अपना अपना’, 1975 में आई ‘शोले’ और 1972 में आई ‘अपना देश’ में उनके अभिनय को काफी सराहा गया। जगदीप ने एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर साल 1951 में फिल्म ‘अफसाना’ से फिल्मी दुनिया में कदम रखा और एक कॉमेडियन के तौर पर उन्होंने ‘दो बीघा ज़मीन’ से डेब्यू किया था। जगदीप द्वारा फिल्म शोले में निभाया गया सुरमा भोपाली का किरदार उन्होंने अमर कर दिया था ।वही रोटी फिल्म में निभाया हवलदार कड़क सिंह का किरदार, जानी दुश्मन मै सुनार और फिल्म “अंदाज अपना अपना” के बांकेलाल भोपारी का किरदार जो सलमान खान के पिता का किरदार था उसके लिए जगदीप को हमेशा याद किया जाएगा। मामा भांजे की कॉमेडी लेकर वह छोटे पर्दे पर भी अपने पुत्र जावेद जाफरी के साथ नजर आए थे। उनका असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था लेकिन बॉलीवुड में पहले वे जगदीप और बाद में सूरमा भोपाली के नाम से प्रसिद्ध रहे। 1988 में उन्होंने अपने निर्देशन में फिल्म सूरमा भोपाली बनाई थी। उन की बेहतरीन अदाकारी के लिये फिल्म….. आज का एम एल ए राम अवतार,गृहस्थी,लव मैरिज,डिवोर्स,लाल चुनरिया,3हादसा,बड़े दिल वाला,वो सात दिन,सनम तेरी कसम,अनोखा बंधन,विधाता,भीगी पलकें,सुन सजना,शारदा,खून का रिश्ता,वारदात,साहस,सनसनी,जय यात्रा,खून और पानी,एक बार कहो,जल महल,मोर्चा,फ़िर वही रात,कुर्बानी,काली घटा,दो और दो पाँच,युवराज,जान-ए-बहार,तराना,सुरक्षा,सुनयन,सरकारी मेहमान,राधा और सीता,सावन के गीत,दो मुसाफ़िर,स्वर्ग नर्क,गंगा की सौगन्ध,दिल और दीवार,भोला भाला,अलीबाबा मरज़ीना,एक ही रास्ता,अगर,चला मुरारी हीरो बनने,दिलदार,जय विजय,दुल्हन वही जो पिया मन भाये,विश्वासघात,शराफत छोड़ दी मैंने,बुलेट,शोले,प्रतिज्ञा,राजा,धोती लोटा और चौपाटी,रानी और लालपरी,हमशक्ल,शानदार,विदाई,रोटी,इंटरनेशनल क्लॉक,सूरज और चंदा,आ गले लग जा,आँख मिचौली,वफ़ा,अपना देश,अनोखी पहचान,भाई हो तो ऐसा,गोरा और काला,आन बान,जानवर और इंसान,दिल दौलत दुनिया,रखवाला,एक नारी एक ब्रह्मचारी,आँसू और मुस्कान,शराफ़त,खिलौना,मेरे हमसफर,घर घर की कहानी,दर्पण,हिम्मत,इश्क पर ज़ोर नहीं,ज्योति,दो भाई,अनमोल मोती,जिगरी दोस्त,जीने की राह,ब्रह्मचारी,दो दिलों की दास्तान,हरियाली और रास्ता,बिन्दिया,सोलवाँ साल,भाभी,ढाके की मलमल,रेलवे प्लेटफ़ॉर्म,नौकरी,दो बीघा ज़मीन जैसी यादगार फिल्मो को उन के नाम से हमेशा याद किया जायेगा। जगदीप का जन्म 29 मार्च 1939 को हुआ था। उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। सबसे ज्यादा तारीफ फिल्म ‘शोले’ में निभाए गए उनके किरदार सूरमा भोपाली की होती थी। जगदीप ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत 1951 में बी आर चोपड़ा की फिल्म ‘अफसाना’ से की थी। इस फिल्म में जगदीप ने बतौर बाल कलाकार काम किया था। इसके बाद कई फिल्मों में नजर आए। उन्हें खिराज़ ए अकीदत।

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