रूक जाओ अभी अपने घरो में

रूक जाओ अभी अपने घरो में, देश को राख मत होने दो |
पहुँच गयी है संख्या हजारो में,इसे लाखो में मत आने दो ||

ले लो सबक दुसरे देशो से,जो मृत्यु के कागार पर खड़े हुए |
शक्तिशाली होते हुये भी,मृत्यु के आगे लाचार हुये ||

पता नहीं कोरोना कितने प्राणियों को अपने साथ ले जाएगा |
लाखो की जाने ले ली है उसने.क्या करोड़ो को यह ले जाएगा ||

वक्त अभी है सभल जाओ,कोरोंना को मत अब आने दो |
रूक जाओ अभी अपने घरो में देश को राख मत होने दो ||

बची रही अगर जान तुम्हारी,जहान का लुत्फ़ भी ले लोगे |
अगर नहीं रहे इस जहान में ,फिर किसको क्या तुम दोगे ||

कुछ दिन की बात और है,जरा तसल्ली मन में रक्खो |
करना है नियन्त्रण कोरोना पर,पहले अपने पर रक्खो ||

भले ही यह बुरा समय है,अच्छा समय भी आयेगा |
जानते है सभी लोग,अँधेरे के बाद उजाला आयेगा ||

रक्खो मन में ये विश्वास,विश्वास ही जीत दिलायेगा |
कोरोना कुछ दिन का मेहमान,ये लौट के नहीं आयेगा ||

बनाओ सकारत्मक अपने को,नकारत्मक मत होने दो |
यही मूल मन्त्र अब बचने का,कोरोना को अब मरने दो ||

रूक जाओ अभी अपने घरो में देश को राख मत होने दो |
अभी तक संख्या हजारो में पहुंची,लाखो में मत आने दो ||

आर के रस्तोगी

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