जानिए धनतेरस 2016 के पूजन मुहूर्त को–

इस दिन नये उपहार, सिक्का, बर्तन व गहनों की खरीदारी करना शुभ रहता है। शुभ मुहूर्त समय में पूजन करने के साथ सात धान्यों की पूजा की जाती है। सात धान्य गेंहूं, उडद, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर है. सात धान्यों के साथ ही पूजन सामग्री में विशेष रुप से स्वर्णपुष्पा के पुष्प से भगवती का पूजन करना लाभकारी रहता है । इस दिन पूजा में भोग लगाने के लिये नैवेद्ध के रुप में श्वेत मिष्ठान्न का प्रयोग किया जाता है. साथ ही इस दिन स्थिर लक्ष्मी का पूजन करने का विशेष महत्व है।

dhanteras

प्रिय पाठकों/मित्रों, शास्त्रों के अनुसार मां लक्ष्मी और भगवान धन्वतरि को धन को देवता माना जाता है। इसके चलते लोग धनतेरस पर के मौके पर कुबेर और यम की पूजा करते है।

उत्तरी भारत में कार्तिक कृ्ष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस का पर्व पूरी श्रद्धा व विश्वास से मनाया जाता है ।  पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार देव धनवन्तरी के अलावा इस दिन, देवी लक्ष्मी जी और धन के देवता कुबेर के पूजन की परम्परा है. इस दिन कुबेर के अलावा यमदेव को भी दीपदान किया जाता है । इस दिन यमदेव की पूजा करने के विषय में एक मान्यता है कि इस दिन यमदेव की पूजा करने से घर में असमय मृ्त्यु का भय नहीं रहता है। धन त्रयोदशी के दिन यमदेव की पूजा करने के बाद घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख वाला दीपक पूरी रात्रि जलाना चाहिए । इस दीपक में कुछ पैसा व कौडी भी डाली जाती है।

ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन सोना और चांदी करना काफी शुभ माना जाता है। यहां तक कुछ जगह तो यह कहावत है कि धनतेरस पर खरीदी गई वस्तु में तेरह गुनी वृद्धि होती है। हर खास और आम इंसान भी यह चाहता है कि मां लक्ष्मी और भगवान धन्वतरि की कृपा उन पर बनी रहे। लेकिन क्या आपको पता है इस शुभ अवसर किस चीज की खरीददारी करने से आपको धन में वृद्धि होगी और किस चीज को खरीददारी से आपको नुकसान होगा।

इस दिन नये उपहार, सिक्का, बर्तन व गहनों की खरीदारी करना शुभ रहता है। शुभ मुहूर्त समय में पूजन करने के साथ सात धान्यों की पूजा की जाती है। सात धान्य गेंहूं, उडद, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर है. सात धान्यों के साथ ही पूजन सामग्री में विशेष रुप से स्वर्णपुष्पा के पुष्प से भगवती का पूजन करना लाभकारी रहता है । इस दिन पूजा में भोग लगाने के लिये नैवेद्ध के रुप में श्वेत मिष्ठान्न का प्रयोग किया जाता है. साथ ही इस दिन स्थिर लक्ष्मी का पूजन करने का विशेष महत्व है।

धन त्रयोदशी के दिन देव धनवंतरी देव का जन्म हुआ था। धनवंतरी देव, देवताओं के चिकित्सकों के देव है। यही कारण है कि इस दिन चिकित्सा जगत में बडी-बडी योजनाएं प्रारम्भ की जाती है। धनतेरस के दिन चांदी खरीदना शुभ रहता है।

इस वर्ष (कार्तिक त्रयोदशी) धनतेरस का पर्व 28 अक्टूबर 2016 को बड़ी धूम धाम से मनाया जाएगा। इस धनतेरस पर गुरु कन्या राशि में चंद्रमा के साथ कल्याणकारी हस्त नक्षत्र में होने से गज केसरी योग बन रहा है।

गज केसरी योग को अत्यन्त शुभ माना गया है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के पर्व पर गजकेसरी योग में खरीदे गए आभूषण व अन्य सामान सौभाग्यशाली सिद्ध होते हैं।

इस दिन गुरु कन्या राशि में चंद्रमा के साथ कल्याणकारी हस्त नक्षत्र में होने से गज केसरी योग बन रहा है। इस दिन पडऩे वाले अमृत योग में की गई खरीदारी स्थाई एवं समृद्धिकारक रहकर शुभता प्रदान करेगी। धनतेरस पर दीपदान शाम 5 से 6:22 बजे तक किया जा सकेगा।

यह रहेगा इस धनतेरस का खरीददारी हेतु शुभ मुहूर्त—

सुबह 8 से 9.30 बजे तक – अमृत चौघड़िया
सुबह 9.30 से 11 बजे तक – शुभ चौघड़िया
दोपहर 12 से 1.30 बजे तक – चर चौघड़िया
शाम 4.30 से 5.43 बजे तक – लाभ चौघड़िया

इस धन तेरस 2016 का प्रदोष काल मुहूर्त :-

सूर्यास्त के बाद के 2 घण्टे 24 की अवधि को प्रदोषकाल के नाम से जाना जाता है । प्रदोषकाल में दीपदान व लक्ष्मी पूजन करना शुभ रहता है ।

दिल्ली में 28 अक्टूबर 2016 को सूर्यास्त समय सायं 17:35 तक होगा. इस समय अवधि में स्थिर लग्न 18:35 से लेकर 20:30 के मध्य वृषभ काल रहेगा। मुहुर्त समय में होने के कारण घर-परिवार में स्थायी लक्ष्मी की प्राप्ति होती है ।

उपरोक्त में लाभ समय में पूजन करना लाभों में वृ्द्धि करता है. शुभ काल मुहूर्त की शुभता से धन, स्वास्थय व आयु में शुभता आती है ।सबसे अधिक शुभ अमृ्त काल में पूजा करने का होता है।

इस धन तेरस हेतु सांय काल में शुभ महूर्त–
17:35 से 18:20 तक का समय धन तेरस की पूजा के लिये विशेष शुभ रहेगा.

इस धन तेरस को भद्रा में भी होगी खरीदारी—

28 अक्टूबर 2016 को धनतेरस सुबह 6:32 से शाम 6:22 बजे तक रहेगी। इस दिन शाम 6:21 बजे से भद्रा भी लग रही है। वैसे तो भ्रदाकाल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं, लेकिन प्रदोष काल एवं स्थिर लग्न होने से इस भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा।

प्रिय मित्रों/पाठकों, यदि आप अपनी राशि में बताए अनुसार धनतेरस पर शापिंग करे तो निश्चित रूप से भगवान धन्वतरि की कृपा आपके ऊपर बरसेगी।

1. मेष: धनतरेस पर मेष राशि वालों को चांदी के बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना बेहद लाभदायक रहेगा। इस दिन कुछ न कुछ चांदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना चाहिए।
2. वृष: धनतरेस पर वृष राशि वाले अगर कपड़े खरीदेंगे तो उनके लिए बेहद लाभदायक रहेगा। इसके अलावा चाँदी या तांबे के बर्तन खरीदने से भी उन्हें फायदा होगा।
3. मिथुन: मिथुन राशि वालों को इस दिन सोने के आभूषण, हरे रंग के घरलू सामान जैसे पर्दा खरीदना अच्छा रहेगा।
4. कर्क: कर्क राशि वालों को चांदी के आभूषण, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना अच्छा रहेगा।
5. सिंह: सिंह राशि वाले अगर धनतेरस के दिन तांबे के बर्तन, कपडे, और सोने की कोई चीज जरूर खरीदनी चाहिए।
6. कन्या: कन्या राशि वालों को धनतेरस के दिन मरगज की श्री गणेश की मूर्ति या सोने के आभूषण खरीदना अच्छा रहेगा।
7. तुला: तुला राशि वाले अगर कपड़े, सौंदर्य सामान या सजावटी सामान और चांदी की कोई चीज खरीदेंगे तो उन्हें फायदा होगा।
8. वृश्चिक: धनतेरस के दिन अगर वृश्चिक राशि वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सोने के आभूषण खरीदेंगे तो उन्हें मां लक्ष्मी की कृपा मिलेगी।
9. धनु: धनु राशि वालों को इस दिन सोने के आभूषण या तांबे के बर्तन खरीदने चाहिए।
10. मकर: मकर राशि वालों को धनतेरस के दिन कपड़े, वाहन, चांदी के बर्तन या आभूषण खरीदना बेहद शुभ होता है।
11. कुम्भ: कुम्भ राशि वाले अगर धनतेरस के दिन सौंन्दर्य के सामान, स्वर्ण, फुटवियर (जूते-चप्पल) खरीदेंगे तो उन्हें लाभ होगा।
12. मीन: धनतेरस के दिन मीन राशि वालों को सोने के आभूषण, चांदी के बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जरूर खरीदने चाहिए।

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