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प्रवक्‍ता ब्यूरो

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budgetलोकसभा में विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट को सत्ता पक्ष ने आम आदमी का बजट बताया है, जबकि विपक्षी पार्टियों ने इसे जन विरोधी करार दिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने अंतरिम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के पांच वर्षो के शासनकाल के दौरान आम आदमी की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। इस सरकार ने तो सिर्फ संपन्न लोगों का ध्यान रखा है।

उन्होंने कहा, “शुरू में अर्थव्यवस्था में कुप्रबंधन की वजह से और बाद में वैश्विक मंदी के कारण देश में बेरोजगारी की समस्या तेजी से बढ़ी है। इसके लिए काफी हद तक संप्रग सरकार जिम्मेदार है।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि कार्यकारी वित्त मंत्री आर्थिक मंदी का मुकाबला करने में विफल साबित हुए हैं। अंतरिम बजट ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर वैश्विक मंदी के खतरनाक प्रभाव से निपटने के लिए संप्रग सरकार के अपर्याप्त उपायों को बेनकाब किया है।

जबकि केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने कहा कि यह एक कठिन वर्ष है। फिर भी यह अपने आप में संतोषजनक है कि वैश्विक मंदी का भारत पर उतना प्रभाव नहीं पड़ा हैउन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष (2008-09) में देश की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत बने रहने की पूरी संभावना है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ने इसे चुनावी बजट बताया। गुरुदास गुप्ता ने कहा कि यह सोनिया गांधी का बजट है और इसके लिए लोकसभा जैसे सार्वजनिक मंच का बेजा इस्तेमाल किया गया।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मंदी के इस दौर में देश की अर्थव्यवस्था को दिशा देने के लिए इस बजट में प्रयास किए जाने चाहिए थेलेकिन ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। इस बजट से मध्य प्रदेश को कुछ भी हासिल नहीं हुआ है।

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