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    Homeसाहित्‍यकवितापाकिस्तान निर्माता जिन्ना अरबी तुर्की मुस्लिम नहीं गुजराती हिन्दू था

    पाकिस्तान निर्माता जिन्ना अरबी तुर्की मुस्लिम नहीं गुजराती हिन्दू था

    —विनय कुमार विनायक

    पाकिस्तान निर्माता जिन्ना अरबी तुर्की मुस्लिम नहीं

    काठियावाड़ का एक गुजराती हिन्दू राजपूत लोहाना था!

    पूंजाभाई ठक्कर का पोता और जेनाभाई ठक्कर का बेटा

    मोहम्मद अली जेनाभाई उर्फ मोहम्मद अली जिन्ना बना!

    पूंजाभाई ठक्कर को गैर पारंपरिक हिंसाचारी मछली के

    व्यवसाय के कारण जाति से बहिष्कार का दण्ड मिला था!

    जिसने क्षोभ से खोजा शिया मुस्लिम मजहब स्वीकार लिया

    यद्यपि घरवापसी का प्रयास किया पर जाति ने नकार दिया!

    देश में जातिवादी कट्टरता से ही इस्लाम को पनाह मिला

    भारत विभाजनकर्ता जिन्ना पाकिस्तानी कायदे आजम हुआ!

    मोहनदास गांधी और मो. अली जिन्ना में बहुत समानता थी

    भारत का राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी भी था गुजराती!

    दोनों काठियावाड़ गुजरात के,एक पोरबंदर दूसरे पानेली गांव के

    दोनों की मातृभाषा भी गुजराती औ दोनों ब्रिटेन में पढ़े लिखे थे!

    गांधी की माता पुतलीबाई और जिन्ना की अम्मा मिठीबाई ने

    विदेश जाने के पहले दोनों को नाबालिग उम्र में शादी करा दी!

    गांधी की धर्मपत्नी कस्तूरबा और जिन्ना की बीबी एमीबाई थी

    पत्नी होते गांधी ब्रह्मचर्य प्रयोगी, विधुर जिन्ना मित्रपुत्रीभोगी थे!

    पारसी मित्र की कन्या रतिबाई से मु. जिन्ना ने शादी कर ली

    गांधी वर्णवादी हिन्दू,जिन्ना शराबी कबाबी गैरनमाजी मुस्लिम थे!

    महात्मा गांधी को जितना प्रेम नेहरू से था उतना जिन्ना से भी

    गांधीजी नेहरू के बजाय जिन्ना को प्रधान मंत्री बनाना चाहते थे!

    गांधी के दो प्यारे नेहरू और जिन्ना के झगड़े से देश बंट गया

    भारत का प्रधानमंत्री नेहरू नहीं जिन्ना बनते तो देश नहीं बंटता!

    जिन्ना और नेहरू की महात्वाकांक्षा के कारण देश का बंटवारा हुआ

    गर पूंजाभाई को मिल जाती गृहवापसी तो जेनाभाई जिन्ना ना होता!

    भारत की सारी समस्याओं का जड़ वर्ण व्यवस्था और जातिवाद है

    गर हिन्दुओं में जातिवाद नहीं होता तो विदेशी मजहब उदय ना होता!

    —विनय कुमार विनायक

    विनायक शर्मा
    विनायक शर्मा
    संपादक, साप्ताहिक " अमर ज्वाला " परिचय : लेखन का शौक बचपन से ही था. बचपन से ही बहुत से समाचार पत्रों और पाक्षिक और मासिक पत्रिकाओं में लेख व कवितायेँ आदि प्रकाशित होते रहते थे. दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षा के दौरान युववाणी और दूरदर्शन आदि के विभिन्न कार्यक्रमों और परिचर्चाओं में भाग लेने व बहुत कुछ सीखने का सुअवसर प्राप्त हुआ. विगत पांच वर्षों से पत्रकारिता और लेखन कार्यों के अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर के अनेक सामाजिक संगठनों में पदभार संभाल रहे हैं. वर्तमान में मंडी, हिमाचल प्रदेश से प्रकाशित होने वाले एक साप्ताहिक समाचार पत्र में संपादक का कार्यभार. ३० नवम्बर २०११ को हुए हिमाचल में रेणुका और नालागढ़ के उपचुनाव के नतीजों का स्पष्ट पूर्वानुमान १ दिसंबर को अपने सम्पादकीय में करने वाले हिमाचल के अकेले पत्रकार.

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