लेखक परिचय

अनिल अनूप

अनिल अनूप

लेखक स्‍वतंत्र टिप्‍पणीकार व ब्लॉगर हैं।

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पुण्य तिथि २०जनवरी पर विशेष

-अनिल अनूप

बड़े पर्दे पर हमेशा ही डिफ्रेंट अंदाज में दिखने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस परवीन बॉबी का जीवन शुरू से ही रहस्यमयी रहा. उनकी जिंदगी हमेशा से तन्हाई में ही बीती और मौत भी उन्हें गुमनाम ही मिली. सन 2005 में 20 जनवरी को आज के ही दिन इस बिंदास एक्ट्रेस ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. परवीन की मौत के दो दिन बाद दुनिया को उसके मृत होने का पता चल सका. परवीन को बॉलीवुड की ऐसी अभिनेत्री के नाम पर याद किया जाता है, जो कभी भी परंपरागत ढर्रे पर न चलकर अपने बोल्ड और खास अंदाज के जरिये ग्लैमरस गर्ल बन गई.
परवीन बॉबी के जीवन की बात करें तो 4 अप्रैल 1949 को गुजरात के जूनागढ़ में एक मध्यम वर्गीय मुस्लिम परिवार में इनका जन्म हुआ था. इन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत बतौर मॉडल की थी. मॉडलिंग के दिनों में परवीन बॉबी अहमदाबाद यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई भी पूरी कर रही थीं. इसी दौरान उनपर प्रसिद्ध निर्माता निर्देशक बीआर इशारा की नजर पड़ी. जब बीआर इशारा ने उन्हें देखा, उस वक्त उन्होंने मिनी स्कर्ट पहनी हुई थी.
उस समय उनके हाथ में सिगरेट भी था. इशारा उनके इस लुक से इतने ज्यादा प्रभावित हो गये कि उन्होंने अपनी फिल्म में उनको तुरंत ही साइन कर लिया.
1973 में शुरू किया फिल्मी सफर
इस तरह परवीन ने बतौर अभिनेत्री 1973 से अपना फिल्मी कॅरियर शुरू कर दिया. उनकी पहली फिल्म में परवीन के अपोजिट क्रिकेटर सलीम दुर्रानी थे. वो अलग बात थी कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप हुई, लेकिन इसके बाद परवीन बॉबी ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा. फिल्म जगत में एंट्री लेने के बाद परवीन के वेस्टर्न लुक ने सबको उनका दीवाना बना दिया. इसके बाद उनकी फिल्म आई धुएं. यही वह राइट टाइम था जब उन्होंने डैनी डोंगजप्पा को अपना दिल दे दिया. वो और बात थी कि उनका अफेयर ज्यादा दिनों तक नहीं चला.
परवीन बॉबी के कॅरियर की पहली जबरदस्त हिट फिल्म थी ‘मजबूर’. 1974 में रिलीज हुई इस फिल्म में पहली बार परवीन बॉबी को अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मौका मिला. इसके बाद 1975 में रिलीज फिल्म ‘दीवार’ में भी परवीन बॉबी को एक बार फिर से अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मौका मिलाl
इसके बाद 1975 में रिलीज फिल्म ‘दीवार’ में भी परवीन बॉबी को एक बार फिर से अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मौका मिला. इस फिल्म में परवीन बॉबी ने अपने सबसे ज्यादा बोल्ड किरदार से दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया. इसके बाद 1977 में मनमोहन देसाई के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘अमर अकबर एंथोनी’ में एक बार फिर परवीन ने अमिताभ के साथ काम किया. उनकी यह फिल्म भी सुपरहिट रही. इस बीच उन्होंने ‘काला पत्थर’ और ‘सुहाग’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में शशि कपूर के साथ किरदार निभाया. 1981 में परवीन बॉबी ने ‘कालिया’, ‘क्रांति’ और ‘आहिस्ता-आहिस्ता’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में एक्टिंग की. इसके बाद फिल्म ‘नमक हलाल’ परवीन बॉबी के फिल्मी कॅरियर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुयी.
अमिताभ और परवीन की जोड़ी को मिली खासी सराहना
जानकारी है कि अमिताभ बच्चन के साथ परवीन बॉबी ने करीब आठ फिल्मों में काम किया. दर्शकों ने उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया. बताया जाता है कि बॉलीवुड में शुरुआती दिनों से ही परवीन बॉबी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खासी सुर्खियों में रहीं. उनके करीब तीन साल के कॅरिअर में उन्हें तीन आदमियों के साथ जोड़ा गया.
बदकिस्मती से तीनों ही शादीशुदा थे. डैनी से हुए ब्रेकअप ने परवीन बॉबी को काफी दर्द पहुंचाया.
कुछ ऐसी रही परवीन की दर्दनाक मौत
उनकी दर्दनाक मौत के बारे में बताया जाता है कि जीवन भर सच्चे प्यार को तरसती रहीं परवीन बॉबी 22 जनवरी 2005 को मुंबई के जुहू स्थित अपने फ्लैट में मृत मिलीं. परवीन के घर के बाहर दूध के पैकेट और अखबार पिछले दो दिनों से जैसे के तैसे पड़े हुए थे. यह भी बताया जाता है कि परवीन बॉबी की मौत 20 जनवरी को ही हो गई थी. बताते हैं कि परवीन डायबिटीज़ और पैर की बीमारी गैंगरीन से पीड़ित थीं. इसकी वजह से उनकी किडनी और शरीर के कई अंगों ने तो पहले ही काम करना बंद कर दिया था और आखिर में बंद घर के अंदर उन्होंने कब दुनिया को अलविदा कहा, किसी को मालूम भी नहीं पड़ा.
परवीन बॉबी एक ऐसी अदाकारा हैं जिनकी चर्चा उनकी फिल्मों से ज्यादा उनकी जिंदगी पर होती रही है। कई फिल्मकार उनकी जिंदगी पर फिल्म बना चुके हैं। इसमें उनके करीबी महेश भट्ट से लेकर हॉलीवुड फिल्म मेकर तक शामिल हैं।
2006 में एक फिल्म आई थी ‘वो लम्हे’। इस फिल्म के बारे में कहा जाता है कि यह परवीन बॉबी के जीवन पर आधारित थी। मशहूर फिल्मकार महेश भट्ट ने परवीन बॉबी के संघर्ष के दिनों को इस फिल्म में दिखाया था।
बॉलीवुड गलियारों में इस बात की चर्चा थी कि इस फिल्म को बनाकर महेश भट्ट ने परवीन बॉबी के प्रति एक श्रृद्घांजलि व्यक्त की थी। यह फिल्म बहुत तो नहीं चली पर फिल्मी गलियारों में इस फिल्म की गॉसिप खूब बनीं।
परवीन बॉबी की जिंदगी के साथ उनकी मौत भी रहस्यमयी रही है। वह सीजोफ्रेनिया बीमारी की चपेट में आ गई थीं जिससे उनकी जिंदगी तनावग्रस्त हो गई थी। उन्होंने शादी नहीं की थी, लेकिन कहा जाता रहा कि महेश भट्ट, कबीर बेदी एवं डैनी से उनके घनिष्ठ संबंध थे।
परवीन बॉबी की जिंदगी पर फिल्म निर्माता रवि अहलावत ने फिल्म बनायी। उन्होंने उनकी जिंदगी के प्रसंगों को फिल्म में उतारा। 2010 में रिलीज हुई ‘परवीन बॉबी’ नाम की इस बी ग्रेड फिल्म में नई अभिनेत्री अमृता धनोआ टाइटिल भूमिका में नजर आयीं।
सुनने में यह भी आता रहा है कि हॉलीवुड फिल्म निर्माता रेनोल्डस बेन्स परवीन के जीवन की त्रासदी से इतने प्रभावित हुए है कि उन पर फिल्म बना डाली। रेनोल्डस ने फिल्म के बारे में कहा था कि मेरी फिल्म ‘द थ्री किंग’ पूरी तरह से परवीन पर नहीं है, हां लेकिन उनके व्यक्तिगत जीवन पर है।
11 साल से चले आ रहे दिवंगत अभिनेत्री परवीन बॉबी के संपत्ति विवाद का निपटारा हो गया है। अब उनका आखिरी सपना भी पूरा होगा। परवीन की संपत्ति दान की जाएगी और इसका इस्तेमाल गरीब बच्चों और महिलाओं की मदद करने में किया जाएगा।
दरअसल, बॉलीवुड एक्ट्रेस परवीन बॉबी की मौत के बाद उनकी संपत्ति को लेकर विवाद छिड़ा। परवीन के घरवालों और उनके मामा ने संपत्ति को लेकर दावा किया।
इसके बाद जांच में परवीन की वसीयत सामने आई, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति परिवार और रिश्तेदारों को न देने की बजाए एक ट्रस्ट और चाचा मुराद खान बॉबी को सौंपने की बात कही हुई थी।
परवीन के मामा ने साल 2005 में इस वसीयत को बॉम्बे हाईकोर्ट में चैलेंज किया। परवीन के पिता ने भी इस वसीयत को गलत बताया। जिसके बाद कोर्ट ने पूरे मामले की जांच करवाई और वसीयत सही पाई गई। इस पर वसीयत को वैध मानते हुए कोर्ट ने 11 साल बाद वही फैसला सुनाया जो कि परवीन की अंतिम इच्छा थी।
कोर्ट ने कहा कि वसीयत के मुताबिक, परवीन की 80 प्रतिशत संपत्ति का इस्तेमाल एक ट्रस्ट बनाने में होगा, जो कि गरीब महिलाओं और बच्चों की मदद करेगा। जबकि 20 प्रतिशत संपत्ति उनके चाचा को दी जाएगी। जो कि इस ट्रस्ट को चलाएंगे।
-अनिल अनूप

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