लेखक परिचय

एल. आर गान्धी

एल. आर गान्धी

अर्से से पत्रकारिता से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जुड़ा रहा हूँ … हिंदी व् पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है । सरकारी सेवा से अवकाश के बाद अनेक वेबसाईट्स के लिए विभिन्न विषयों पर ब्लॉग लेखन … मुख्यत व्यंग ,राजनीतिक ,समाजिक , धार्मिक व् पौराणिक . बेबाक ! … जो है सो है … सत्य -तथ्य से इतर कुछ भी नहीं .... अंतर्मन की आवाज़ को निर्भीक अभिव्यक्ति सत्य पर निजी विचारों और पारम्परिक सामाजिक कुंठाओं के लिए कोई स्थान नहीं .... उस सुदूर आकाश में उड़ रहे … बाज़ … की मानिंद जो एक निश्चित ऊंचाई पर बिना पंख हिलाए … उस बुलंदी पर है …स्थितप्रज्ञ … उतिष्ठकौन्तेय

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हिन्दुस्तान को कोई भी मुल्क हलके में ‘न’ ले …और इटली भी …..राज माता का अपने मायके के प्रति यह गुस्सा …भारत को बनाना स्टेट मान बैठे लोगों को ‘बहुत हो चूका ‘ का सन्देश  ही तो है. ..?

पहले उड़न खटोलों की खरीद में किरकिरी करवा दी और अब वादा खिलाफी और वह भी …क़ानून भी कोई चीज़ है की नहीं …मायके पर इतनी तल्ख़ पहली बार ‘ दिक्खी ‘ राजमाता … और हों भी क्यों न ..क्या कुछ नहीं किया अब तक ‘पीहर ‘ वालों के लिए … कात्रोची चाचा को बुलाया ..महमान नवाज़ी की सभी सरहदे पार कर दी ..खूब लुटाया .. पकडे गए तो बचाया भी और भगाया भी …और तो और लूट का पकड़ा गया माल छुड़ाया भी …अब मायके का हर कोई ऐरा- गेरा  नत्थू- खैरा …खुद को ‘चाचा -कात्रोची’ मान बैठे और भाग जाए और वह भी एक नहीं दो- दो क़त्ल कर के …यह कोई ‘पकिस्तान ‘ नहीं जो ‘ब्लड मनी ‘ मूंह पर मारो और छूट जाओ ….यहाँ कानून का राज चलता है … कानून के हाथ बहुत लम्बे हैं …कभी तो इटली तक भी पहुँच ही जाएंगे …बशर्ते कि मृत मछ्वारों के परिवार कुछ ले दे कर ही मुकर न जाएं …ब्लड मनी बहुत बड़ी चीज़  है ?6215013_sonia_gandhi_350

One Response to “राजमाता का गुस्सा”

  1. बीनू भटनागर

    अच्छा कटाक्ष, संक्षिप्त और सटीक

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