Home साहित्‍य कविता आरक्षण या सरक्षण

आरक्षण या सरक्षण

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नारी ने नर को जन्म दिया
नर ने उस को बाजार दिया
जब चाहा उसका रेप किया
जब चाहा उसको मार दिया

ये नेता नहीं,नारी पिशाच है
जो नारी का शोषण करते है
अपनी काम वासना पूरी कर
पिता को जेल भिजवाते है

ये कैसी हमारी पुलिस व्यवस्था है
जहाँ नेताओ को संरक्षण मिलता है
निर्दोष व्यक्ति को बिना अपराध के
यूही दिन रात जेलों में ठूसा जाता है

ये कैसी हमारी न्याय व्यवस्था है
जहाँ नारी को न्याय नहीं मिलता है
धिक्कार है उस न्याय व्यवस्था को
जहाँ वर्षो तक एक केस चलता है

उन्नाव की नारी का केस देखो
जिसने सीएम तक गुहार लगाई थी
अपने पिता का बलिदान देकर भी
उसने कही भी सुरक्षा नहीं पाई थी

धिक्कार है उस चीफ मिनिस्टर को
जिसके राज्य में ऐसा होता हो
अपने झूठे दिए आश्वासनों को
वह कभी भी पूरा न करता हो

वह कहाँ गयी उनकी घोषणा
यूपी गुंडा राज रहित होगा
वह चले जाये इस राज्य से
वर्ना उनका स्थान जेल होगा

हम आरक्षण की बात करते है
सरक्षण की बात नहीं करते है
केवल अधिकारों की बात करते है
कर्तव्यो की बात क्यों नहीं करते है ?

आर के रस्तोगी

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आर के रस्तोगी
जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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