धनु राशी (ये,यो,भा,भी,भू,धा,फा,दा,भे ) का राशिफल(2012 )—-

2012 का यह राशिफल चन्द्र राशि आधारित है और वैदिक ज्‍योतिष के सिद्धान्‍तों के आधार पर तैयार किया गया है।

नव वर्ष उत्साह, खुशियों, नई उर्जा से परिपूर्ण होगा | शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी | धनु राशी देव गुरु वृहस्पति की राशी हें जो इस समय पंचम भाव में भ्रमण कर रहे हें..किन्तु मई माह से वे शत्रु भाव मेंप्रस्थान करेंगे..रहू द्वादश एवं शनि दे वर्ष के पूर्वार्ध में एकादश और उत्तरार्ध में दशम स्थान में संचरण करेंगे…व्यापारी वर्ग को व्यापार विस्तार से लाभ अथवा कोई नई योजना फलीभूत होगी | नया साल खुशियों भरा होगा. नौकरीपेशा लोगों को अच्छी खबर मिलेगी. व्यापारी वर्ग को लाभ होगा. जीवन में नई उमंग आएगी. शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी. वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है. मनचाहा नतीजा मिलेगा. आलस्य से बचें, आपका ढुलमुल रवैया आपकी अच्छायई को ढक सकता है. मुकद्दमेबाजी में राहत मिलेगी. धनु राशि वाले जातको के एकादश भाव में शनि होने के कारण अचानक लाभ होने की सम्भावना है। लेकिन नौकरी वाले व्यक्ति अपने बॉस से सावधानी बरतें। माता पिता से विवाद हो सकता है. शत्रु वरिष्‍ठ अधिकारियों को आपके खिलाफ भड़का सकते है. ऑफिस पॉलिटिक्‍स से दूर रहने में ही फायदा है.आपका ढुलमुल रवैया आपकी कामयाबी को ढक सकता है. अधिकारी भी आपके इस रवैये से नाराज हो सकते है. वाहन आदि चलाते समय सावधानी बरतें.नौकरीपेशा लोगों को अच्‍छी खबर मिलेगी. व्‍यापारी वर्ग को लाभ होगा. जीवन में नयी उमंग आएगी. शत्रुओं पर विजय प्राप्‍त होगी. वृश्चिक राशि में राहु होने के कारण कर्ज व ब्याज आदि से सावधान रहें। जो लोग साथ में सहयोग का कार्य करते है। उनकी उन्नति होगी। राजनीतिक संबंधों का लाभ हो सकता है. जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग आपको मिलता रहेगा.नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा | शेयर में निवेश से लाभ होगा | पुराने समय से चल रहे न्यायिक मामलो में राहत मिलेगी | पैसे और वित्त के मामले में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ अवधि है. धन भाव का स्वामी लाभ भाव में स्थित है और लाभ भाव का स्वामी धन भाव में स्थित है…अपने क्रोध पर काबू रखें. किसी भी तरह के विवाद से दूर रहने में ही भलाई है.

वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा तथा जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग आपको मिलता रहेगा | विद्यार्थियों के लिए समय उत्तम है | थोड़े परिश्रम से शिक्षा प्रतियोगिता में उत्तम लाभ प्राप्त होगा | मेनेजमेंट के छात्र विदेश जा सकेंगे..किन्तु आलस्य से बचें | राजनीतिक संबंधों का भरपूर लाभ प्राप्त हो सकता है |

स्वास्थ्य —-

आपका छठा भाव केतु के स्थित होने से मजबूत हो गया है इसलिए आपको स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है..यह आपके गुप्त रोगों को भी बढा़ सकता है. आपके स्वास्थ्य में कुछ न कुछ उतार-चढा़व बने ही रहेंगे.भोग विलास से खुद को दूर रखने का प्रयास करें अधिक भोग या आसक्ति आपके शरीर और मन के लिए हानिकारक हो सकती है.धनु राशी जांघों, कूल्हों और धमनियों की प्रणाली को नियंत्रित करती है शरीर के इन अंगों पर बुरा प्रभाव दर्शाता है कि आप धनु राशि के प्रभाव में हें.. आप या आपके पिता हृदय से संबंधित परेशानी से जूझ रहें हैं तो अधिक सावधान रहें..

ये करें उपाय—

01 .–गुरुवार के दिन पीपल के पेड़ पर गंगाजल,कच्चा दूध,शहद मिलकर अर्पित करें

02 .-भगवान विष्णु की सेवा-पूजा-आराधना करें..

03 .–सात गुरुवार तक गोमाता या घोड़े को रोटी में भीगी हुयी चने की दाल रखकर खिलाएं..

04 .–सत्ताईस गुरुवार तक मंदिर/धर्मस्थान में लड्डू का प्रसाद अर्पित करें..

05 .–पीला पुखराज/सुनहला/पीला गोमेद/पीला हकिक,..कोई भी रत्न्य उपरत्न परामर्श लेकर धारण करें..

06 .–गुरुवार के दिन भगवान साईनाथ की आरती और अनुष्ठान भी लाभ करी रहेगा…

07 .–दान करें-केसर,हल्दी,केला,चना दाल आदि का(पीले वस्त्र-वस्तु का)गुरुवार के दिन सुबह किसी योग्य ब्रह्मण को..

08 .–गुरुवार का उपवास-वृत रखें..खाने में पिली वस्तुओ का प्रयोग करें..

 

वास्तु और धनु राशी के जातक–

इस राशी के जातकों के लिए पूर्व और पश्चिम दिश शुभ-लाभकारी रहती हें..इन लोगों को किसी भी शहर के पश्चिमी भाग/क्षेत्र में निवास नहीं करना चाहिए..यदि इस राशी के जातक अपने भवन/आवास/मकान पर सुनहरे रंग का प्रयोग करे तो उत्तम रहेगा..

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