संविधान बचाने निकले हैं ?

वो देश बचाने निकले हैं और उसे ही फूँक रहे हैं,

बहुसंख्यक आबादी के मुंह पर सीधे ही थूक रहे हैं।

कैब वैब बकवास बात है ताकत सिर्फ दिखाना है,

मोदी से नफरत मे ये अपना ही घर लूट रहे हैं॥

सन सैंतालिस मे ऐसा ही मंजर सबने देखा था।  

पर उस दौर मे देशभक्ति पर कांग्रेस का ठेका था॥   

आज देश की सत्ता पर शेरों का कब्जा है।   

भारत को फिर विश्वगुरु बनवाने का जज्बा है॥   

सुनो! अनैतिक बातों पर सरकार नहीं झुकने वाली।     

और एनआरसी- सीएबी पर बात नहीं बनने वाली॥   

बहुत हुआ अब बस करदो संसद का सम्मान करो।  

यदि घुसपैठ नहीं की है तो घर पर आराम करो॥    

देश तुम्हारा भी उतना जितना मुकेश या मोदी का।  

लट्ठ पड़ रही तुमपर क्या जाता राहुल या दीदी का॥   

आग नहीं रुकती है तो फिर महाप्रलय आ जाएगा।  

घर बैठा बहुसंख्यक भी सड़कों पर ही आएगा॥    

क्या होगा तब समझें सायद या इसमे भी चूक रहे हैं।

वो देश बचाने निकले हैं और उसे ही फूँक रहे हैं॥

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