सावन में शिव-भक्ति

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सावन का है महीना,शिवे भक्तो का हैअब जोर
बम बम भोले बाबा का,चारो तरफ मचा है शोर

हर तरफ भंडारे लगे हुये,शिव भक्तो का है शोर
शिव भक्त ऐसे नाच रहे,जैसे बन में नाचे मोर

कोई लपेटे हुये है तोलिये,कोई पहने हुए हाफ पेंट
केसरिया वस्त्र पहने हुए है,सब शिवे भक्तो के सैंट

भक्त तांडव नृत्य कर रहे,कोई नहीं हो रहा है बोर
शिव को ऐसे खुश कर रहे,जैसे मोरनी को करता मोर

कोई हरिद्वार जा रहा,कोई जा रहा काशी की ओर
सारे शिव भक्त जा रहे ,गंगा गोमती जल की ओर

कोई भांग धतुरा खा रहा,कोई मदिरा पीके मचाये शोर
सब अपनी मस्ती में झूम रहे,कोई हो रहा नहीं है बोर

कोई डमरू बजा रहा,कोई लाउड स्पीकरो से मचाये शोर
चारो तरफ ख़ुशी ही ख़ुशी,मचा है शिव शंकर का शोर

रस्तोगी ने यह शिव द्र्श्य दिखाया हो के आत्म विभोर
लिखा जो मन में आया,उसके आनन्द का नही है छोर

आर के रस्तोगी

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आर के रस्तोगी
जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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