हर समस्या का समाधान – ग्रह उपचार उपाय

जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना सभी को करना पड़ता है। दुनिया में ऐसा कौन है जो सुखी है, जिसे कोई दुख नहीं, नानक दुखिया सब संसार, सभी को कोई ना कोई दुख सता रहा है। आज की भाग दौड़ की दुनिया में हर व्यक्ति कभी रोजगार, कभी धन, कभी विवाह और कभी संतान जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। प्रत्येक व्यक्ति सुखी जीवन जीने के लिए संघर्ष कर रहा है। इसी संघर्ष को कम करने में ज्योतिषीय उपाय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। यदि आप भी लम्बे समय से किसी न किसी समस्या का सामना कर रहे हैं और आपको जीवन की कोई राह नजर नहीं आ रही है, तो आप आपको निम्न बताए गए कुछ उपायों में से कुछ उपायों का सहारा लेने से लाभ प्राप्त हो सकता है।- 

  • जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं से बाहर आने के लिए सप्ताह में एक बार रुद्राभिषेक कराना अतिशुभ रहता है। एक निश्चित वार से शुरु कर यह उपाय आप लगातार 11 सप्ताह तक करें। इससे आपको अच्छी सेहत और सफलता दोनों प्राप्त हो सकती है।
  • यदि आप अपने करियर में स्थिरता की तलाश कर रहे हैं तो आपको रविवार के दिन 5 तांबे के बर्तनों में बेसन से बनी मिठाई भर कर किसी को दान देनी चाहिए। यह उपाय लगातार 11 रविवार करें।
  • इसी के साथ आप ऊं विघ्नेश्वराय नम: का 5 माला पाठ भी करें। इसे कार्यक्षेत्र की बाधाओं में कमी होगी और जीवन में शुभता का आगमन होगा।
  • जीवन में धन की कमी का सामना कर रहे हैं तो आप निशित काल (20:00 से 23:30 तक) में ऊं
  • ह्रीं अं स: मंत्र का लगातार 45 दिन मंत्र जाप करने से धन की कमी दूर होती है। और धनागमन के नवीन साधन सामने आते है। गंभीर रुप से आर्थिक परेशानियां आने पर ही इस मंत्र का प्रयोग करें। परीक्षा के लिए इस मंत्र का जाप करने से बचना चाहिए।
    हम सभी की सोच दूसरों से बहुत अलग है और हम सभी के आपसी विचारों में एक बड़ा अंतर देखने में आता है, परन्तु फिर भी कभी कभी किसी न किसी बात को लेकर आपस में गलतफहमी बन ही जाती है। यदि आप अपने जीवन में ऐसी गलतफहमियों को दूर करना चाहते है तो आपको इसे दूर करने के लिए गुरुवार के दिन चावल और बेसन का दान करना चाहिए। यह दान यदि किसी पुरोहित, बुजुर्ग या फकीर को दिया जाए तो सबसे उत्तम रहता है।
  • यदि आप बढ़ चढ़ कर दूसरों की सेवा करते हैं और फिर भी लोग आपकी सराहना नहीं करते हैं तो आपको शनिवार के दिन सरसों के तेल का छाया दान करना चाहिए। शनिवार के दिन आपको काले वस्त्र धारण करने से बचना चाहिए। शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से पूर्व पूर्व की ओर मुख कर शनि मंत्र का जाप करना चाहिए। शनि मंत्र – ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: ।
  • धन प्रवाह के परेशानियों को हल करने के लिए सात अनाज लें और गाय का गोबर लें। इस गाय के गोबर से शिवलिंग बनाए और सप्त अनाज अर्जित करें। और परिवर के प्रत्येक सदस्य को उस पर एक बूंद गंगाजल अर्पित करने के लिए कहें। कुछ समय बाद आप देखेंगे कि आपके घर में धन का प्रवाह सामान्य हो रहा है। धन संबंधी समस्याओं को दूर करने का यह एक सरल और सहज उपाय है। 
  • यदि आपके पिता का स्वास्थ्य उत्तम नहीं रहता है और नियमित रुप से उनके साथ कुछ न कुछ परेशानी लगी रहती है तो इसके लिए आपको रविवार के दिन किसी गरीब व्यक्ति को 5 बादाम का दान करना चाहिए।
  • यदि आपका बचपन संघर्षों से युक्त रहा है और कोई न कोई समस्या आपके जीवन में लगी ही रहती है। तो आप ध्यान से अनुभव करने पर पायेंगे कि जीवन के समस्याएं 18 वर्ष के बाद स्वयं को दोहराती है। इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए आपको राहु के उपाय करने चाहिए। किसी कोढियों के आश्रम में जाकर आपको उनकी सेवा करनी चाहिए। या फिर यथा संभव उन्हें द्वाईयां दान करनी चाहिए। इसी के साथ यदि आप अपने ससुराल वालों के साथ भी सम्मान का व्यवहार करें तो आपके लिए उत्तम रहेगा।
  • अपने जीवन साथी के परिवार जिसमें जीवन साथी के माता-पिता, बहन भाई और अन्य सदस्यों के साथ अच्छा व्यवहार करने से राहु ग्रह की शुभता बढ़ती है। ससुराल से अपने रिश्ते बेहतर करने केल इए आप बुधवार के दिन एक तांबे का सिक्का किसी नदी में डालें। यह उपाय माह में एक बार करें। और लगातार 11 माह करें।
  • यदि आपके अपने माता-पिता से संबंध मजबूत नहीं रहते हैं और किसी न किसी बात को लेकर उनके साथ वाद-विवाद होते ही रहते हैं तो ऐसे में
  • आपको सर्दी, खांसी, कमजोरी और कमर दर्द की समस्याएं जल्द परेशान कर सकती है। इस स्थिति में संघर्ष अधिक और सफलता 27 वर्ष की आयु के बाद प्राप्त होती है। ऐसे जातकों को इस प्रकार की समस्याओं से मुक्ति के लिए किसी कब्रिस्तान से जाकर पानी लाना चाहिए। इस पानी को घर के पूजा घर या तिजोरी में रखना चाहिए। इससे रिश्तों के मध्य का तनाव दूर होता है और आपसी रिश्ते मजबूत होते है। 
  • कई बार आप सही होते हैं परन्तु आपको लोग सही नहीं समझते है। इससे आपकी छवि प्रभावित होती है। इससे बचने के लिए आप प्रात:काल में निम्न मंत्र का जाप करें। बगलामुखी मंत्र -ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ॐ नम:। 
  • नए कार्यों में सफलता प्राप्त करने के लिए किसी शुभ मुहुर्त में ही कार्यों को शुरु करने का प्रयास करें। शुभ मुहूर्त किसी पंचांग या किसी पुरोहित से जाना जा सकता है। इससे कार्यसिद्धि के प्राप्त सहज होती है। चंद्रमा इस दिन सकारात्मक होना चाहिए। कार्य शुरु करने से पूर्व गणेश जी का पूजन सुपारी और पान से करें। ध्यान रखें कि पूजन करते समय आपका मुख पूर्वाभिमुख होना चाहिए। इसके अतिरिक्त राहु काल का भी त्याग करें। राहु काल में कार्य शुरु करने से कार्यसिद्धि प्राप्ति में बाधाएं आती है।
  • यदि आपका कोई रोग आपको लम्बे समय से परेशान कर रहा है। इससे बचाव के लिए आप उपाय के रुप में एक दिन की दवा अपने ऊपर से सात बार वार कर फेंक दें। उसके बाद उन दवाओं को फिर से खरीद लें, और दवाओं को लेने की शुरुआत शुक्ल पक्ष की पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी या त्रयोदशी तिथि से करें, इस प्रकार दवाएं शीघ्र काम करेंगी और रोग निवारण में सहायता मिलेगी। 
  • जन्मपत्री में अपने चंद्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि आप अपने दादी एवं दादा से रिश्ते मजबूत रखें। जिन जातको अपने जीवन में अपने दादा, दादी का प्यार मिलता है, उन जातकों का चंद्रमा अधिक मजबूत रहता है। यदि आपकी दादी या दादा जी नहीं है तो आप को अपने निकट की बुजुर्ग जो दादी या दादा जी जैसी हो, उनका ख्याल रखना चाहिए, उनकी केयर रखनी चाहिए। इससे आपका चंद्र मजबूत होगा। 
  • समाज या सोसाईटी में उत्तम सम्मान प्राप्त नहीं हो रहा हो तो आपको एक छोटा सा उपाय करना चाहिए। समाज या अपने निकट के लोगों से सम्मान प्राप्ति के लिए आपको रविवार को रावल या मिश्री कुछ मात्रा में ले जाकर किसी नदी में डाल देना चाहिए। इसके बाद कुछ और मिश्री और चावल लेकर एक सफेद वस्त्र में बांधकर किसी गरीब व्यक्ति को दान में दे दें। इससे लोगों का विश्वास आप पर बढ़ेगा और आपकी सम्मान में वृद्धि होगी। सम्मान में वॄद्धि करने के लिए एक मोमबत्ती लेकर किसी कांच के प्लेटफार्म पर रखें और उसके बगल में मिश्री और नारियल को एक छोटे से डिब्बे में रखें। फिर मोमबत्ती जलाएं और अपने ईष्ट को याद करें। इसके बाद घर में सभी को मिठाई बांटें।
  • जन्मपत्री में मंगल की स्थिति में सुधार करने के लिए दायें हाथ में तांबे का एक कंगन पहनें। तांबे के बर्तन में पानी पीएं। 
  • शनिग्रह को बल प्रदान करने के लिए सौंफ खाना शुरु करें। शनिवार के दिन काले कपड़े का दान करें। 
  • शुक्रग्रह को मजबूत करने के लिए प्रात: काल में दायें कान को रगड़े। इससे शुक्र ग्रह की शुभता में वॄद्धि होती है। 
  • यदि बहुत भाग-दौड़ करने पर भी आपके कार्य बन नहीं पा रहे है, और अधिक काम करने पर भी परिणाम बहुत कम प्राप्त हो रहे है। तो रात्रि में चंद्र के सम्मुख हाथ जोड़कर नमस्कार करें और कम से कम एक वर्ष तक प्रतिदिन एक माला चंद्र मंत्र- ऊं श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नम: का जाप करें। 
  • इस मंत्र के जाप से आपके जीवन की व्यर्थ की अस्थिरता दूर होगी और जीवन में स्थिरता आएगी, बाधाओं में कमी करने और उत्तम परिणाम प्राप्त करने में भी यह मंत्र सहयोग करेगा।  
  • यदि आपके मस्तिष्क में बहुत सारे विचार विचरण कर रहें है और आप अपने जीवन के महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय नहीं ले पा रहें है तो आप को यं मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे आपकी निर्णायक क्षमता बेहतर होगी। 
  • यदि आपके बहुत सारे शत्रु है और आप बहुत अधिक बीमार भी रहते हैं तो आपको सुबह और सायंकाल में बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। पाठ करने के लिए आसन का प्रयोग करें। चमेली के तेल का तिलक करें, हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लगाए। यह आपके शरी को स्वस्थ रखेगा और शत्रुओं को शांत करेगा। 
  • विवाहित जीवन में सफल होने के लिए, अपने “मंगल-सूत्र” को एक थाली में लें और गणेश मंत्र – श्री गणेश बीज मंत्र ऊँ गं गणपतये नमः का 150,000 बार जाप करें। इस मंत्र का जाप आप गणेश चतुर्थी से शुरू करें, इसका नियमित और अनुशासित रुप से जाप करें। 
  • इसके अतिरिक्त आप मंगल सूत्र को पूजा करते समय सामने थाली में रखें और सप्तशती के ११ पाठ करें।
  • आप नियमित पाठ भी कर सकते है। मंगल मंत्र –  क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:। का जाप करना भी उपयुक्त रहत है, इस मंत्र का जाप आप शुक्ल पक्ष के मंगलवार से शुरु करे। लाल चंदन की माला पर इस मंत्र का 151000 बार जाप करना चाहिए। यह मंत्र जाप विशेष रुप से उन महिलाओं को करना होता है जिनकी कुंडली में मंगल दोष होता है।
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  • जिन परिवारों में अत्यधिक तनाव रहता है और उस परिवार के सदस्यों को रात्रि में सोने से पूर्व रात्रिसुक्त का पाठ करना चाहिए। इस प्रकार पाठ करने से बहुत सकारात्मक फल प्राप्त होते है।
  • गुरुओं, ग्यानियों और विद्वान व्यक्तियों के संपर्क में बैठने से संगति में सुधार होता है और जीवन में सकारात्मक सुधार सामने आते है, इससे धन में भी वॄद्धि होनी प्रारम्भ होती है। यदि आप अपने गुरु के निकट नहीं है, तो और आपको अपने गुरु की संगति प्राप्त नहीं हो सकती है तो आप अपने गुरु की तस्वीर के सामने जाएं और तस्वीर पर ध्यान लगाये, धीरे धीरे सांस लेना शुरु करें। गुरु को देखते हुए धीरे धीरे सांस लेना शुरु करें। इस प्रकार कुछ समय बाद आप उनकी उपस्थिति महसूस करने लगेंगे।
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  • यदि आपकी बचत कम हो रही है, तो परिवार के किसी भी एक सदस्य को बुधवार के दिन हरे रंग के धागे में तांबे का सिक्का पहनना चाहिए। यह सिक्का ऐसे सदस्य को पहनना चाहिए जो घर के खर्च में योगदान देता हो। इससे रोगों के कारण परिवार की संपत्ति का ह्रास हो रहा हो तो इसमें भी कमी होती है। इस स्थिति में भी रात्रि सूक्त का पाठ करना चाहिए। इससे धन की कमी दूर होगी। 
  • यदि आपकी समस्याएं बढ़ती जा रहती हैं और आपको कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है तो आप तो महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुरू करें।
  • यदि आपकी माँ के साथ आपका संबंध अच्छा नहीं है, तो 11 सोमवार के दिन बहते जल में कच्चे दूध की कुछ बूंदें (उबली नहीं) डालें।
  • गणेश मंत्र- ऊं गं गणपतये नम:- इस मंत्र का 108 बार सुबह-शाम पाठ करने से बाधाओं से छुटकारा मिलता है। छात्रों को पढ़ाई में आने वाली समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
  • यदि जन्मपत्री में शुक्र और गुरु एक साथ हो तो आप में असाधरण क्षमता है, अपनी इस क्षमता को बेहतर करने के लिए आप गले में तांबे का सूर्य धारण करें। 
  • सूर्य को मजबूत करने के लिए निम्न गायत्री मंत्र का 108 बार कम से कम जाप करें।  गायत्री मंत्र आपके जीवन में शुभता लाएगा और आपके जीवन में बाधित कार्य पूर्ण होने आरम्भ होंगे ।
  • यदि आपके बच्चे को बोलने में किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो उसे गले मे हरे रंग के धागे में 3 तांबे के सिक्के पहनाएं। इसके साथ ही ऊं बं बुधाय नम: मंत्र का कम से कम 1 माला जाप करें। मंत्र का उच्चारण जैसा भी हो परन्तु मंत्र जाप जरुर कराये। इससे शीघ्र ही उसका वाणी दोष दूर होगा।
  • राहु की शुभता को बढ़ाने के लिए बिजली के उपकरणों का दान करें।
  • किसी गरीब व्यक्ति के घर में बिजली का कनेक्शन लगवायें। 
  • यदि आपको नौकरी मिलने में किसी भी प्रकार की समस्या हो रही हो तो 41 दिनों तक सूर्य को एक चम्मच सरसों का तेल चढ़ाएं। 
  • यदि चंद्र कमजोर है और आपको उसके उत्तम फल प्राप्त नहीं हो पा रहें है तो आप प्यासे लोगों के लिए पानी की व्यवस्था करें अथवा फव्वारे के व्यवस्था करें। 
  • रविवार के दिन जल का दान करना सरकारी क्षेत्रों में सम्मान बढ़ाता है। 
  • यदि आपको कोई न कोई बीमारी लगी रहती है तो आप गुरुवार के दिन पीली सरसों के दानों का दान करते हुए 108 बार ऊं गणपतय नम: मंत्र का जाप करें। इसके बाद इन बीजों को उसी दिन अपने गले में पीले कपड़े में बांध कर धारण करें। 
  • नवग्रह मंत्र – सभी ग्रहों को सकारात्मक बनाने के लिए प्रतिदिन सुबह सुबह गायत्री मंत्र का पाठ करना शुभ माना गया है। 
  • कोई बड़ा और शुभ कार्य करने से पूर्व मुहुर्त का ध्यान रखना और गणपति का पूजन अपने इष्ट देव का दर्शन-पूजन करना अतिशुभ रहता है और इससे नकारात्मक प्रभाव दूर होते है। 

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