जिन्दगी की कुछ सच्चाईयां

आर के रस्तोगी  

जो चाहा कभी पाया नहीं
जो पाया कभी चाहा नहीं
जो सोचा कभी मिला नहीं
जो मिला कभी पाया नहीं

जो मिला कभी रास आया नहीं
जो रास आया कभी मिला नहीं
जो पाया कभी वो सभाला नहीं
जो संभाला कभी वो खोया नहीं

अजीब सी पहेली ये जिन्दगी
काटने से कभी ये कटती नहीं
झूकता है वही जिसमे जान होती है
अकड तो मुर्दे की पहचान होती है

जिन्दगी जीने के दो तरीके है खरे
पहला जो पसन्द है उसे हासिल करे
दूसरा जो हासिल हे उसे पसन्द करे
आने वाली मुसीबतों से कभी न डरे

जिन्दगी जीना आसन नहीं है
जिन्दगी बहुत कुछ सिखाती है
कभी हँसती है कभी रुलाती है
जिन्दगी बस आदत बन जाती है

चेहरे की ख़ुशी से गम को चुराओ
बहुत कुछ बोलो पर कुछ न छिपाओ
खुद रूठो नहीं, पर सबको मनाओ
यही राज है जिन्दगी का जीते जाओ

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