जीवन की कुछ सच्चाईयां

पांच तत्वों से बना है शरीर,इसमें ही मिल जायेगा ||
न कुछ लाया था मानव,ना कुछ वह ले जायेगा ||
फिर भी हाहाकार मचा है,बन्दे में कैसी नासमझी |
माया मोह में फसी है दुनिया,इसमें है पूरी उलझी ||

कर ले कुछ नेक काम,फिर ये शरीर नही मिल पायेगा |
दुनिया की इस आपा धापी में वक्त नहीं मिल पायेगा ||
छोड़ मोह माया का चक्कर,भगवान का ध्यान कर ले |
समय नहीं मिल पायेगा,कब मृत्यु तुझे गले लगा ले ||

न कुछ तेरा न कुछ मेरा,बस चिड़िया रैन बसेरा है |
उठ जाग मुसाफिर अब भोर भई हो गया सबेरा है ||
निपट अपने नित्य कर्मो से,भगवान् को याद कर ले |
जब अंत समय आयेगा लोग कहेगे इसको ले चल ले ||

आर के रस्तोगी 
मो 9971006425

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