More
    Homeराजनीतिसुदर्शन चक्र बनाम प्रतिशोध चक्र

    सुदर्शन चक्र बनाम प्रतिशोध चक्र

    महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार के एक बरस मुकम्मल होने पर मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र-सामना मराठी को दिए अभिनन्दन साक्षात्कार में न केवल भारतीय जनता पार्टी को आईना दिखाया है, बल्कि अपनी सरकार की बेमिसाल उपलब्धियां भी गिनाई हैं। अपने इस आक्रामक इंटरव्यू में श्री ठाकरे के तल्ख़ तेवर और कठोर भाषा रही। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से भारतीय जनता पार्टी, भाजपा के आकाओं, सत्ता, राजधर्म, कोविड-19, ईडी, सीबीआई को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। इस लम्बी गुफ़्तगू के महत्वपूर्ण अंश आप जैसे सुधी पाठकों के अवलोकनार्थ प्रस्तुत हैं…

    • श्याम सुंदर भाटिया

    राजनीति में बदले की भावना कतई नहीं चलती है। हम पर हावी होने वाले लोगों का भी परिवार और बच्चे हैं। तुम धोए हुए चावल नहीं हो, तुम्हारी खिचड़ी कैसे पका सकते हैं, हम पका सकते हैं। महाराष्ट्र की सरकार आज गिराएंगे, कल गिराएंगे -ऐसा बोलने वालों के दांत गिर पड़ें हैं। वर्षा बंगले से लेकर मातोश्री तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे ने साझा सरकार के दूसरे वर्ष में मंगल प्रवेश पर राजसभा के सदस्य एवं मराठी सामना के कार्यकारी संपादक श्री संजय राउत से लंबी गुफ़्तगू में उन्होंने हर सवाल का जवाब बड़ी बेबाकी से दिया। शिवसेना के मुखपत्र- सामना मराठी को दिया यह साक्षात्कार परोक्ष रुप से शिवसेना पुरानी दोस्त भारतीय जनता पार्टी और उसके आकाओं पर जोरदार हमला है। हालाँकि इस इंटरव्यू की खास बात यह है, न तो सवाल और न ही जवाब में कहीं भी भाजपा, राज्यपाल या किसी विरोधी दल का नाम नहीं लिया गया है। इशारों ही इशारों में भाजपा को अपनी हैसियत में रहने की हिदायत दे डाली है। साथ ही राजधर्म का भी स्मरण करा दिया है। इस इंटरव्यू में उन्होंने चेताया- फ़िलहाल में सिर्फ हाथ धो रहा हूँ। हावी होंगे तो हाथ धोकर पीछे पड़ जाऊंगा। तीखा प्रहार करते हुए कहते हैं, कुछ लोगों के दिमाग में विकार आ गया है। इसका इलाज करना ही होगा। इस बहुचर्चित, बहुपठनीय और दमदार गुफ़्तगू में बोले, मराठी माणुस को गाड़ कर उस पर कोई नाच नहीं सकता है।

    अभिनन्दन साक्षात्कार में उन्होंने स्वीकार किया, शिवसेना के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस का आना और साझा सरकार का गठन किसी लोकतांत्रिक चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, कांग्रेस की कार्यवाहक श्रीमती सोनिया गांधी और राष्ट्रवादी कांग्रेस के सुप्रीमो श्री शरद पवार का ह्रदय से आभारी हूँ। अपने विरोधियों को करारा जवाब देते हुए बोले, यह अप्राकृतिक सरकार नहीं है। यह गठबंधन सियासी साहस, नए प्रयोग और विश्वास के प्रतीक हैं। एक बरस की सरकार चलाने में उन्हें किसी प्रकार की कसरत नहीं करनी पड़ी है। मुझे भरोसा है, आगामी चार साल भी महाविकास आघाड़ी सरकार और बेहतर प्रदर्शन करेगी। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगी। ईडी और सीबीआई के मिसयूज पर कहते हैं, सच्चाई यह है- जब भी मुझे चुनौती मिलती है तो ज्यादा स्फूर्ति आ जाती है। वह अपने दादा जी का भावपूर्व स्मरण करते हुए इस इंटरव्यू में कहते हैं, दशहरे के मैंने अपने भाषण में कहा था, महाराष्ट्र ने मरी हुई माँ का दूध नहीं पिया हुआ है। महाराष्ट्र बाघ की संतान है। कोई भी महाराष्ट्र के आड़े आएगा और फिर नाहक बिना वजह दबाने की कोशिश करेगा तो क्या होगा, इसका उदाहरण इतिहास में दर्ज है। महाराष्ट्र कभी रुका नहीं है। महाराष्ट्र कभी रुकेगा नहीं। महाराष्ट्र हमेशा आगे बढ़ता रहा है, बढ़ता रहेगा।  

    श्री ठाकरे चुनौती देने वालों से कहते हैं, ऐसी चुनौती देकर आप प्रतिशोध चक्र चलाने वाले होंगे तो फ़िलहाल प्रतिशोध चक्र में उलझने की मेरा कोई इच्छा नहीं है। यदि आपने इसके लिए विवश किया तो आप हमें हिंदूवादी कहते हो ना तो फिर ठीक है। प्रतिशोध चक्र आपके पास है तो हमारे पास सुदर्शन चक्र है। वह नाम लिए बिना भाजपा को सलाह देते हैं, राजनीति, राजनीति की तरह करो। सत्ता हमेशा किसी के पास नहीं रहती है। लोकत्रंत में जनता ही सबसे बड़ी ताकत है। प्रतिशोध का विचार महाराष्ट्र में कभी पनपा ही नहीं है। शत्रु को पराजित करना है, लेकिन इस तरह से बेवजह… राजनीतिक शत्रु का कांटा निकलना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है। ऐसी प्रतिशोध की भावना महाराष्ट्र की मिट्टी में नहीं है। ललकारते और नेक सलाह देते हुए वह कहते हैं, क्रांतिकारी और पराक्रमी महाराष्ट्र की महाराष्ट्र की मिट्टी में जन्म लेते हैं। इस साक्षात्कार में वह ईमानदारी से स्वीकारते हैं, मैं शासन- प्रशासन की श्रेणी का नहीं हूँ। हमारा घराना सेवाव्रती है। महाराष्ट्र की सेवा करनी वाली है, छठवीं पीढ़ी है। सरकार चलाने में मनपा का वर्षों का अनुभव काम आया है। हालांकि पूर्व में प्रत्यक्ष रुप से भले की सत्ता का उपभोग नहीं किया हो, लेकिन फिर भी सत्ता को करीब से देखता आया हूँ, इसीलिए एक बरस के कामकाज में कोई दबाव महसूस नहीं हुआ। हाँ, इस एक साल में शिव सैनिकों से थोड़ा दूर हो गया। मुलाकातें नहीं हो पाती हैं, इसकी बड़ी वजह कोविड-19 है, लेकिन जल्द ही मेलमिलाप का सिलसिला प्रारभ्म हो जाएगा। महाराष्ट्र में कोविड-19 पर भी उन्होंने अपना नजरिया साफ़ किया। महाराष्ट्र की मेरा परिवार- मेरी जिम्मेदारी को बेमिसाल बताते हुए बोले, सूबे में इस अनसीन महामारी में डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मी- आशा, आंगनबाड़ी सेविका के संग-संग पुलिस और स्वयं सेवी संगठनों का योगदान अनमोल रहा। प्रधानमंत्री को मेरी यह सलाह है, कोरोना को लेकर पुरे देश में एक नीति तय करें। वैक्सीन कब आएगी, नहीं पता -लेकिन मास्क लगाओ, फासला रखो और हाथ धोओ सरीखे उपायों के चलते वायरस हमसे दूरी रखेगा, वैश्विक सच्चाई यही है।

    बोले, इस कालावधि में वर्क फ्रॉम होम का उदय हुआ है। ऑनलाइन एजुकेशन को लेकर महाराष्ट्र सरकार संजीदा है, लेकिन इसके लिए नेटवर्किंग सुविधा पुख्ता होनी चाहिए। धरतीपुत्रों के प्रति हमारी सरकार का समर्पण उल्लेखनीय है। मैंने सीएम की शपथ लेते ही काश्तकारों को दो लाख का खर्च माफ़ कर दिया था। इसका लाभ सूबे के साढ़े 29 लाख किसानों को हुआ। उद्योगों और रोजगार को लेकर भी सरकार गंभीर है। बिना नाम लिए इशारों-इशारों में भाजपा और राजभवन पर बोले, मैं शिवसेना प्रमुख और अपने दादा जी के हिंदुत्व का हिमायती हूँ। वह कहते हैं , बेवजह किसी भी धर्म की आड़ में आप राजनीति मत करो… हमें हिंदुत्व सिखाने के पचड़े में मत पड़ो। इस देश में भगवा का पहला स्वराज्य छत्रपति शिवाजी महाराज ने ही स्थापित किया। मुख्यमंत्री का पद तो आता-जाता है। कुछ लोग पद और उसके सिंहासन को सर्वाधिक तवज्जो देते हैं, लेकिन ऐसा होना नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री भी इंसान होता है। प्रधानमंत्री भी इंसान होता है। सीएम हो या पीएम हो, अंदर की इंसानियत  हमेशा जिन्दी रहनी चाहिए।

    श्याम सुंदर भाटिया
    श्याम सुंदर भाटिया
    लेखक सीनियर जर्नलिस्ट हैं। रिसर्च स्कॉलर हैं। दो बार यूपी सरकार से मान्यता प्राप्त हैं। हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने में उल्लेखनीय योगदान और पत्रकारिता में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए बापू की 150वीं जयंती वर्ष पर मॉरिशस में पत्रकार भूषण सम्मान से अलंकृत किए जा चुके हैं।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Must Read