कूटनीति के गलियारे में जन लोकपाल

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प्रमोद भार्गव अण्णा आंदोलन जन लोकपाल की बड़ी तस्वीर बन जाने के बावजूद उनका जन लोकपाल राजनीतिक कूटनीति का शिकार एक सोची-समझी चाल के जरिए फिलहाल बना दिया गया है। प्रधानमंत्री ने अण्णा को राजनीतिक चतुराई से भरी जो चिट्ठी लिखी थी, उसी से साफ हो गया था कि सरकार इस मसले को राजनीति के… Read more »

जन लोकपाल की खीचातानी कब तक?

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अप्रैल 2011 से लेकर आज तक जन लोकपाल विधेयक के समर्थन पर देश के स्वयं सेवी संगठन, भ्रष्टाचार से ग्रसित व्यक्ति ने अन्ना भाई को निरन्तर समर्थन करते देखे जा रहे हैं लेकिन ये राजनैतिक दल के लोग इस पर खीचातानी करने में कभी भी पीछे नहीं रहते। उसी तरह योग गुरू रामदेव बाबा द्वारा… Read more »