भारतीय मीडिया

बात मुद्दे की करो, बकवास न करो चीन

चीनी सरकार के साथ चीन की मीडिया का भारत के प्रति रुख लगातार धमकाने वाला है, जिससे भारत कतई नहीं डरने वाला। हाल ही में चीन के सरकारी मीडिया ने बीजिंग द्वारा अरुणाचल प्रदेश के छह स्थानों का नाम रखने पर भारत की प्रतिक्रिया को ‘बेतुका’ कहकर खारिज करते हुए चेताया कि अगर भारत ने दलाई लामा का ‘तुच्छ खेल’ खेलना जारी रखा तो उसे ‘बहुत भारी’ कीमत चुकानी होगी। दलाई लामा की अरूणाचल यात्रा से बौखलाये चीन ने इन छह स्थानों के ‘मानकीकृत’ आधिकारिक नामों की घोषणा कर पहले से जटिल चल रही स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।

मानव अधिकारों का संरक्षण और भारतीय मीडिया

मानव अधिकारों के संरक्षण की चर्चा आरंभ करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर यह मानवाधिकार क्या हैं और इसके बाद यह जानेंगे कि भारतीय मीडिया का इनके विकास में क्या योगदान रहा है। वस्तुतः मानव अधिकारों से अभिप्राय ‘‘मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी मानव प्राणी हकदार है।