रेल यात्रा और रेल यात्रियों की परेशानियाँ

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निर्मल रानी भारतीय मीडिया का एक बड़ा वर्ग देश के लोगों को दिन-रात गुमराह करने में लगा रहता है। चाहे वह देश की अर्थव्यवस्था की बात हो, देश की रक्षा तथा उद्योग से जुड़े विषय हों, रोज़गार या मंहगाई संबंधी बातें हों या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय विदेश नीति से जुड़े मामले हों, हमारे देश… Read more »

रेल यात्रा और स्वामी दयानन्द

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 महर्षि दयानन्द ने सन् 1863 में वैदिक धर्म के प्रचार प्रसार के क्षेत्र में कदम रखा था। इसके बाद उन्होने अक्तूबर, 1883 तक सारे देश का भ्रमण कर प्रचार किया। देश के एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में वह सड़़क मार्ग के अतिरिक्त रेल यात्रा का भी प्रयोग करते थे। यात्रा में उनके… Read more »

रेल यात्रा और क़ानून का यह दोहरा मापदंड !

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निर्मल रानी कहने को तो हमारे देश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान कानून बनाए गए हैं। परंतु यदि इस बात की धरातलीय पड़ताल की जाए तो कई ऐसे विषय हैं जिन्हें देखकरयह कहा जा सकता है कि या तो वर्ग विशेष  कानून की धज्जियां उड़ाने पर तुला हुआ है और कानून की नज़रें कानून… Read more »