‘सेक्युलर्टाइटिस

सेक्युलर्टाइटिस के एक विषाणु के पंख झडे 

किन्तु नरेन्द्र मोदी और भाजपाध्यक्ष अमित शाह की राजनीति को क्या कहा जाए ; ‘कूटनीति’ या ‘टूटनीति’ ? सच तो यह है कि राजनीति और कूटनीति के इन दोनों धुरन्धरों की युगलबन्दी से उत्त्पन्न भाजपाई ‘टूटनीति’ ने ही ‘सेक्युलर्टाइटिस’ के ‘विषाणुओं’ के आसमानी घरौंदे में भी जलती लुआठी घुसा कर उन्हें बिखरा देने में उल्लेखनीय सफलता पायी है । किन्तु सच यह भी है कि नरेन्द्र मोदी के विरूद्ध लगातार पैंतराबाजी करते रहने वाले इस विषाणु के अभी केवल पंख ही झडे हैं , नख-दन्त जडे ही हैं यथावत ।

‘सेक्युलर्टाइटिस’- एक ऐसा उपन्यास, . जिसकी पूरी कहानी हो गई घटित

धारा ३७० को आधार बना कर लिखे गये इस उपन्यास में धर्मनिरपेक्षता पर व्यापक विमर्श हुआ है और देश के तमाम धर्मनिरपेक्ष दलों की भिन्न-भिन्न धर्मनिरपेक्षी नीतियों-करतुतों को उजागर करते हुए उन्हें तरह-तरह की व्यंग्यात्मक संज्ञा देकर चूभनेवाले विशेषण प्रदान किये गये है । मसलन- कांगेस की जजिया, हजिया, सफेद, रंगीन, दुधारु, गोधरी, निर्माणकारी व तीन सौ सतरी धर्मनिरपेक्षता, तो जदयू के नीतीश की