एक दिन ये शहर मुझ को अजनबी हो जायेगा

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 शादाब जफर ‘‘शादाब’’ पुण्यतिथि:- 10 अगस्त पर विशेष हर कदम नजर-ए-गम-ए- आवारगी हो जायेगा, एक दिन ये शहर मुझको अजनबी हो जायेगा, हर नफस मरना है तो मरने दे अब ऐ जिन्दगी, तू सलामत है तो जीना भी कभी हो जायेगा। स्वः राम अवतार गुप्ता ‘‘मुज्तर’’ साहब का ये मतला और एक शेर उन की… Read more »