निष्काम कर्मयोगी, पितृभक्त ब्रह्मचारी भीष्म

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अशोक “प्रवृद्ध” महाभारत के सबसे महत्वपूर्ण पात्रों में से एक देवव्रत गंगा तथा हस्तिनापुर नरेश शान्तनु के पुत्र थे। गंगापुत्र देवव्रत का आजीवन ब्रह्मचर्य रहने की दृढ प्रतिज्ञा करने के कारण भीष्म नाम हुआ । भीष्म पाण्डव व कौरवों के पितामह थे इसलिए उन्हें भीष्म पितामह के नाम से भी जाना जाता है । अपनी… Read more »