राजनीतिक भ्रष्टाचार-भाग-2

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राकेश कुमार आर्य गतांक से आगे………….. तानाशाही वृत्ति : वस्तुत: इतिहास पर यह आक्षेप ऐसे ही नही लग जाता है। इसके पीछे कारण है-शासक वर्ग के भीतर उपजी तानाशाही वृत्ति। जिसने शनै: शनै: शासक वर्ग से लोककल्याण की भावना का हनन कर लिया। प्रजाहित-संवर्धन के स्थान पर निजी हित-संवर्धन उनका एकमात्र जीवन ध्येय हो गया।… Read more »

राजनीतिक भ्रष्टाचार-भाग-1

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राकेश कुमार आर्य आज राजनीति भ्रष्टाचार की जननी बन चुकी है। भारत के रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं। शासक ही शोषक हो गया है। अंग्रेजों के जाने के पश्चात सत्ता परिवर्तन तो हुआ किंतु ‘व्यवस्था परिवर्तन’ नही हो पाया। फलस्वरूप नई बोतल में वही पुरानी शराब चल रही है। इससे पूर्व कि हम इस… Read more »

भारत में राजनीतिक भ्रष्टाचार

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डा. राधेश्याम द्विवेदी भारत की राजनीति संयुक्त संसदीय प्रतिनिधीय लोकतांत्रिक राज्य के ढाँचे में ढली है, जहां पर प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता है और बहु-दलीय तंत्र होता है। शासन एवं सत्ता सरकार के हाथ में होती है। संयुक्त वैधानिक बागडोर सरकार एवं संसद के दोनो सदनों, लोक सभा एवं राज्य सभा के हाथ में… Read more »

राज्य और राजनैतिक भ्रष्टाचार

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राकेश कुमार आर्य आज राजनीति भ्रष्टाचार की जननी बन चुकी है। भारत के रक्षक ही भारत के भक्षक बन चुके हैं। शासक ही शोषक हो गया है। अंग्रेजों के जाने के पश्चात सत्ता परिवर्तन तो हुआ, किंतु व्यवस्था परिवर्तन नही हो पाया। फलस्वरूप नई बोतल में वही पुरानी शराब चल रही है। इससे पूर्व कि… Read more »