resignation of Mayawati

माया का राज्यसभा से इस्तीफा  : लाचारी भरी ललकार

  दरअसल, माया को य सूझ ही नहीं रहा था कि कैसे दलितों को अपनी तरफ खींचा जाये ? ऐसे में उन्हें जब राज्यसभा से इस्तीफे के सहारे दलितों को लुभाने की उम्मीद जागी तो उन्होंने इस्तीफे का दंाव चल दिया। दलितों का भाजपा और मोदी केे प्रति बढ़ता लगाव बसपा के लिए बड़ी चुनौती है। रही सही कसर बीजेपी ने दलित राष्ट्रपति बनाकर पूरी कर दी। ऐसे में माया के लियें  दलितों को यह संदेश देना जरूरी था कि वह अपने लोगों के हित में कोई भी कुर्बानी दे सकती हैं।