आहत यमुना: क्रोधित देव

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चेतावनी सुनो यमुना हां, हां मैं यमुना हूं। मैने ज़रखेज जमीनों को खूबसूरत बागीचों में बदला है। मैने भूख से बिलखते बचपन को जिंदगी दी है। चांदी सी रेत पर हरियाली का समंदर सींचा है। मैने जल दिया; जीवन दिया; काली अंधेरी रात में बिजली के लट्टुओं सी चमचमाती आबादी को रोशनी दी है। श्रृद्धा… Read more »

यम की बहन को यमलोक पहुंचाती शीला

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लिमटी खरे कभी देश की राजनैतिक राजधानी दिल्ली की शान हुआ करने वाली कल कल बहने वाली यमुना नदी पिछले दो तीन दशकों से गंदे और बदबूदार नाले में तब्दील होकर रह गई है। विडम्बना यह है कि दिल्ली में केंद्र और राज्य सरकार की नाक के नीचे सारी वर्जनाएं तोड़ने वाले प्रदूषण ने यम… Read more »