लेखक परिचय

अरुण तिवारी

अरुण तिवारी

डाॅक्टरी पेशे की प्रतिष्ठा पर संकट

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संदर्भ: निजी अस्पतालों की लूट पहले मैक्स, फिर फोर्टिस और फिर मेदान्ता। आरोप लगा कि मौतें इलाज में लापरवाही के कारण हुई। डेंगू पीड़ित बच्चे के पिता को पहले तो 16 लाख रुपये का खर्च बता दिया। पिता ने अपना घर गिरवी रखकर किसी तरह 15.88 लाख रुपये का इंतज़ाम किया। अस्पताल को पैसे मिल गये, तो… Read more »

उ. प्र. में न्याय पंचायतों का खात्मा एक अनुचित निर्णय

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स्वयं को भारतीय संस्कृति और परम्पराओं का पोषक दल बताने वाले भारतीय जनता पार्टी के विचारकों के लिए यह आइना देखने की बात है कि उत्तर प्रदेश की योगी केबिनेट ने समाज और संविधान की मान्यता प्राप्त न्याय पंचायत सरीखे एक परम्परागत संस्थान को खत्म करने का निर्णय लिया। उत्तर प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों तथा ग्रामसभाओं… Read more »



सम्यक क्रान्ति का मंथन पर्व  : मकर सक्रान्ति

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संक्रान्ति यानी सम्यक क्रान्ति  – इस नामकरण के नाते तो मकर संक्रान्ति सम्यक का्रंति का दिन है; एक तरह से सकारात्मक बदलाव के लिए संकल्पित होने का दिन। ज्योतिष व नक्षत्र विज्ञान के गणित के मुताबिक कहेें, तो मकर संक्रान्ति ही वह दिन है, जब सूर्य उत्तरायण होना शुरु करता है और एक महीने, मकर… Read more »

एक मेला, अलबेले परिंदों के नाम

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अरुण तिवारी पक्षी बन उड़ती फिरूं मैं मस्त गगन में, आज मैं आज़ाद हूं दुनिया के चमन में….. आसमान में उड़ते परिंदों को देखकर हसरत जयपुरी ने फिल्म चोरी-चोरी के लिए यह गीत लिखा। लता मंगेश्कर की आवाज़, शंकर जयकिशन के संगीत तथा अनंत ठाकुर के निर्देशन ने इस गीत को लोगों के दिल में… Read more »

सांझ सकारे सूर्योदय

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बच्चों और बुजुर्गों  के साझे और संवाद को प्रेरित करता एक प्रसंग अरुण तिवारी राजनाथ शर्मा, वैसे तो काफी गंभीर आदमी थे। लेकिन जब से पचपन के हुए, उन पर अचानक जैसे बचपन का भूत सवार हो गया। जब देखो, तब बचपन की बातें और यादें। रास्ते चलते बच्चों को अक्सर छेड़ देते। रोता हो, तो हंसा… Read more »

हिमालय का अनुपम व्याख्यान

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प्रस्तुति: अरुण तिवारी   श्री अनुपम मिश्र जी कागज़ से लेकर ज़मीन तक पानी की अनुपम इबारतें लिखने वाली शख्सियत थे। उनकी देह के पंचतत्वों में विलीन जाने की तिथि होने के कारण  19 दिसम्बर हम सभी पानी कार्यकर्ताओं तथा लेखकों के लिए खास स्मरण की तिथि है। किंतु अनुपम संबंध में 22 दिसम्बर का… Read more »

ब्रह्मपुत्र मसले पर संजीदगी ज़रूरी

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अरुण तिवारी ब्रह्मपुत्र मूल के तिब्बती हिस्से में अपने हिस्से में अपनी हरकतों को लेकर चीन एक बार फिर विवाद में है। हालंकि यह पहली बार नहीं है कि तिब्बती हिस्से वाले ब्रह्मपुत्र नद पर चीन की अनैतिक हरकतों को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। चीन पर इससे पहले भी बांध निर्माण के अलावा भारत आने वाले तिब्बती प्रवाहों… Read more »

इंसानियत अभी ज़िंदा है

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अरुण तिवारी   सच है कि अधिक से अधिक धन, अधिक से अधिक भौतिक सुविधा, अधिक से अधिक यश व प्रचार हासिल करना आज अधिकांश लोगों की हसरत का हिस्सा बनता जा रहा है। यहीं यह भी सच है कि ऐसी हसरतों की पूर्ति के लिए हमने जो रफ्तार और जीवन शैली अख्तियार कर ली… Read more »

एक ज़रूरी बहस : छत्तीसगढ़ भूजल प्रतिबंध

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अरुण तिवारी 05 नवम्बर को एक एजेंसी के हवाले से छपी एक खबर के मुताबिक, छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने रबी की फसलों के लिए भूमिगत जल के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में धान की खेती पर प्रतिबंध का भी आदेश जारी कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ किसान सभा इसका… Read more »

समाज, प्रकृति और विज्ञान

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समाज का प्रकृति एजेण्डा जगाती एक पुस्तक समीक्षक: अरुण तिवारी   पुस्तक का नाम: समाज, प्रकृति और विज्ञान लेखक: श्री विजयदत्त श्रीधर, श्री राजेन्द्र हरदेनिया, श्री कृष्ण गोपाल व्यास, डाॅ. कपूरमल जैन, श्री चण्डी प्रसाद भट्ट संपादक: श्री राजेन्द्र हरदेनिया प्रकाशक: माधवराव सप्रे स्मृति समाचारप संग्रहालय, एवम् शोध संस्थान, माधवराव सप्रे मार्ग (मेन रोड नंबर… Read more »