मेरी लिखने की प्रकिया

लिखने से पहले,मै माँ सरस्वती को नमन करता हूँ ,
जो विचार मन में आये,उसको फिर मै लिखता हूँ |
देखता रहता हूँ,लोगो की क्रियाओ प्रतिकिर्याओ को ,
फिर उनका मंथन कर,उनको कलम से लिखता हूँ ||

मंच पर चढ़ने से पहले,माँ सरस्वती को नमन करता हूँ,
मंच पर बैठने से पहले,सब कवियों को नमन करता हूँ |
उद्घोषणा होती है जब,मेरे नाम की मंच संचालक द्वारा ,
कविता पाठ करने से पहले,श्रोताओ को नमन करता हूँ ||

आर के रस्तोगी

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