बदलनी शुरु हो गई आगरा में यमुना की तस्बीर

यमुना निर्मलीकरण से सम्बन्धित समिति के दिनांक 06.08.2009 के आवेदनपत्र पर तत्कालीन आयुक्त महोदया माननीया राधा एस. चैहान की अध्यक्षता में दिनांक 17.08.2009 को आयुक्त सभागार में एक बैठक भी आहूत हो चुकी है। इसके कुछ विन्दुओं पर कुछ कार्यवाही भी हुई थी और कई अभी भी लम्बित पड़े हैं। इस कार्य के सम्पन्न होने पर जहां भारत की स्वच्छता व हरीतिमा का पुनः दर्शन सुगम हो सकेगा वहीं आगरा शहर एक हेरिटेज सिटी की ओर भी बढ़ सकेगा।

डा. राधेश्याम द्विवेदी
आगरा। पांच राज्यों में सम्पन्न हुए विधान सभाओं के आम चुनावों में भाजपा को भारी सफलता से उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड की नई सरकारों ने सत्ता संभाल लिया है। इसी बीच 20 मार्च को नैनीताल हाई कोर्ट के नदी विषयक नये आदेश पारित हुए हैं। इन बदली हुई परिस्थितियों से अब भारत की प्रमुख नदियों से सम्बन्धित समस्याओं पर कार्यवाही शुरु हो गयी है। प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी के स्वच्छता कार्यक्रम से अनुप्राणित उत्तर प्रदेश के प्रायः हर जिले में जोर शोर से इसे अपनाया जाने लगा है। आगरा इससे अछूता नहीं रहा है। यहां यमुना की साफ सफाई का काम दिखने लगा है। इस कार्य में गति लाने के लिए श्रीगुरु वशिष्ठ मानव सर्वांगीण विकास सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष सत्याग्रही श्री अश्विनी कुमार मिश्र ने आयुक्त आगरा , जिलाधिकारी आगरा तथा नगर आयुक्त आगरा को अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। जिसमें अब तक हुई कार्यवाही का सारांश देते हुए एक विस्तृत पत्र लिखा गया है।
ज्ञातव्य हो, पंडित अश्विनी कुमार मिश्र के संयोजन में जनजागरुकता, स्वयंसेवियों तथा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आगरा के एक दर्जन घाटों के स्वच्छता के लिए प्रयास शुरु हुआ था। विगत लगभग दो-तीन दशकों से यमुना शुद्धीकरण तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए यह समिति अपने सीमित संसाधनों द्वारा प्रसासशील रहा है। समिति के प्रयास एवं जन सहयोग से आगरा शहर में निरन्तर प्रसास चल रहा है। जन चेतना और आगरा विकास प्राधिकरण के प्रयास से आगरा शहर के यमुना तट स्थित बल्केश्वर घाट का सुधार तथा पुनरुद्धार 2008-2010 तक की अवधि में सफलतापूर्वक हुआ है। समिति के बार बार आग्रह के फलस्वरुप आगरा नगर निगम ने यमुना पर बने अनेक पुलों पर लोहे की जालियां भी लगवायी है। कुछ कुछ नालों में सुधार कार्य हुआ है। इससे यमुना प्रदूषण में कुछ कमी भी आयी है। इस संस्था द्वारा 13.06.2008 से हाथीघाट आगरा पर 2100 से ज्यादा दिनों तक भारत का सबसे बड़ा दीर्घकालीन यमुना सत्याग्रह भी किया जा चुका है। जिसे राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिला है। आई आई टी कानपुर के पर्यावरणविद् श्री जी डी अग्रवाल भी यहां सत्याग्रह कर चुके है।
यमुना निर्मलीकरण से सम्बन्धित समिति के दिनांक 06.08.2009 के आवेदनपत्र पर तत्कालीन आयुक्त महोदया माननीया राधा एस. चैहान की अध्यक्षता में दिनांक 17.08.2009 को आयुक्त सभागार में एक बैठक भी आहूत हो चुकी है। इसके कुछ विन्दुओं पर कुछ कार्यवाही भी हुई थी और कई अभी भी लम्बित पड़े हैं। इस कार्य के सम्पन्न होने पर जहां भारत की स्वच्छता व हरीतिमा का पुनः दर्शन सुगम हो सकेगा वहीं आगरा शहर एक हेरिटेज सिटी की ओर भी बढ़ सकेगा। इससे इस शहर और प्रदेश के आय के श्रोत बढ़ेगें तथा यहां रोजगार के नये-नये अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे। आगरा किला, एत्मादौला तथा आगरा शहर में मध्य में स्थित इस एतिहासिक हाथीघाट की स्थति बहुत महत्वपूर्ण है। यहां समय समय पर सांस्कृतिक तथा पारम्परिक कार्यक्रम सम्पन्न होते रहते हैं। यहां नियमित रुप से साप्ताहिक यमुना आरती की जा रही है। शनिवार अमावस्या तथा पूर्णिमा आदि तिथियों पर तथा जिले के विभिन्न भागों से पूजन सामग्री के विसर्जन के लिए भारी संख्या में शहर के गणमान्य यमुनाप्रेमी श्रद्धालुजनों का आगमन होता रहता है। दिनांक 7.02.2017 को हाथीघाट के परिकल्पित मानचित्र का लोकार्पण जलपुरुष माननीय श्री राजेन्द्र सिंह जी के कर कमलों से सम्पन्न हो चुका है।
श्रीगुरु वशिष्ठ मानव सर्वांगीण विकास सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पंडित अश्विनी कुमार मिश्र के निरन्तर प्रयास और पौरवी से आगरा नगर निगम ने हाथी घाट के सफाई का काम पिछले दिनों से शुरू करा दिया है। आगामी 2 अप्रैल को यमुना प्रकटोत्सव समारोह को ध्यान में रखकर यहां के सारे झाड़ झंखाड़ साफ हो चुके हैं। नगर निगम आगरा के पर्यावरण अभियन्ता श्री संजीव प्रधान अपने इन्सपेक्टर सुपरवाइजर तथा सफाई कर्मियों के साथ स्वयं उपस्थित होकर इस कार्य की निगरानी किया है। इस घाट की काया कल्प हो गयी है। आगे और सौन्द्रयीकरण का काम जारी है।

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