टीएमयू कोविड इलाज में यूपी में अव्वल

  • श्याम सुंदर भाटिया

कोरोना वॉरियर्स और मेडिकल स्टाफ का सेवा-समर्पण और कोविड मरीजों की अपनी विल पॉवर के बूते पर कुल 3,409 में से 30 सितम्बर तक 2,928 कोरोना पॉजिटिव मरीज टीएमयू कोविड-19 हॉस्पिटल से सेहतमंद होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। नार्थ इंडिया के बेस्ट चिकित्सालयों में शुमार इस प्राइवेट मेडिकल चिकित्सालय का अपने में यह उल्लेखनीय रिकॉर्ड है। यह ही नहीं, पॉजिटिव महिलाओं की न केवल सफल डिलीवरी हुई बल्कि छोटे-छोटे बच्चों से लेकर उम्रदराज लोग तक अपने चेहरों पर मुस्कान लेकर अपने घरों को लौट चुके हैं। 2,928 पॉजिटिव मरीजों में एक साल तक के बच्चे भी शामिल हैं। इनके अलावा 90 साल के कोविड रोगियों के अलावा वेंटीलेटर मरीज भी स्वस्थ होकर अपने घरों को जा चुके हैं। एक दर्जन से अधिक कोविड महिलाओं की डिलीवरी सफलतापूर्वक हो चुकी है। इस मानव सेवा और देशप्रेम की मिसाल से गदगद बॉलीवुड सेलिब्रेटी – श्री सोनू निगम, श्री सुखविंदर सिंह, श्री शान, श्री अरमान मलिक, श्री तलत अजीज सरीखे सिंगर्स अलग-अलग वीडियो जारी करके कोरोना देवदूतों के संग-संग आला प्रबंधन की भी हौसला अफजाई कर चुके हैं। तीर्थंकर महावीर चिकित्सालय में प्लाज़्मा बैंक के साथ बीएसएल-2 लैब भी मानव सेवा को समर्पित हैं।

कोविड-19 से जमकर मोर्चा ले रहे टीएमयू कोविड हॉस्पिटल की अपर मुख्य सचिव-चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने मुक्तकंठ तारीफ करते हुए कहा, कोविड मरीजों के बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद टीएमयू-19 कोविड हॉस्पिटल सूबे में नंबर वन है। अपर प्रमुख सचिव ने यह बड़ी बात सूबे के 58 प्राइवेट और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, नोडल अफसरों, जिला मजिस्ट्रेट या उनके नामित प्रतिनिधियों से कोविद-19 की व्यवस्थाओं की प्रगति, सुविधाओं, इलाज और कोरोना मरीजों के मौजूदा स्टेटस् को लेकर समीक्षा बैठक के दौरान कही। यूपी में समस्त सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की तुलना में टीएमयू-19 कोविड हॉस्पिटल में सर्वाधिक कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हुए जबकि सबसे ज्यादा सेहतमंद होकर डिस्चार्ज हुए। 28 सितम्बर तक टीएमयू में 3,385 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हुए हैं जबकि सूबे में सर्वाधिक 2,901 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। प्लाज्मा थेरेपी में भी टीएमयू कोविड हॉस्पिटल को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। केजीएमयू में लगभग 220 मरीजों जबकि टीएमयू हास्पिटल में लगभग 85 मरीजों को प्लाज्मा दिया गया है, नतीजन टीएमयू के डाक्टर्स आईसीयू के मरीजों को दुरुस्त कर पाए हैं। उल्लेखनीय है,  यूपी के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री आदित्य योगी नाथ ने भी टीएमयू की लैब के वर्चुअली उद्घाटन समारोह में कहा था, कोविड के खिलाफ जंग में टीएमयू हॉस्पिटल का आला प्रबंधन पहले दिन से ही हमारे साथ खड़ा है। आला प्रबंधन का सहयोग काबिल -ए – तारीफ है। यूपी के चिकित्सा शिक्षा, वित्त एवं संसदीय मंत्री श्री सुरेश खन्ना भी कोरोना योद्धाओं की कोरोना से जंग के खिलाफ हिम्मत बंधा चुके हैं। उन्होंने कहा, डॉक्टर्स ईश्वर का दूसरा रूप है। वह भर्ती कोविड मरीजों से कुशलक्षेम लेना भी नहीं भूले।

सक्सेस स्टोरी -1 

कोरोना महामारी के दौरान टीएमयू कोविड-19 हॉस्पिटल में बुलंद इरादों की दर्जनों कहानियां हैं, लेकिन आपको चुनिंदा सक्सेस स्टोरी बताते हैं। यह दो बार के पॉजिटिव छोटे से बच्चे- दस माह के अब्दुल गनी की बड़ी जीत की कहानी है। इसमें कोई संदेह नहीं है, कोरोना वायरस न धर्म, न जाति, न लिंग और न ही उम्र देखकर किसी को अपनी चपेट में लेता है। मुगलपुरा के पेशे से टेलर मुख्तार अली की अकेली संतान 10 माह के अब्दुल गनी के साथ ऐसे ही हुआ।अब्दुल गनी को माँ यास्मीन के साथ टीएमयू कोविड -19 हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया। लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इस बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया। गनी जैसे न जाने कितने मासूम बच्चे सेहतमंद होकर अपने घर जा चुके हैं।

सक्सेस स्टोरी -2

दूसरी बुलंद इरादों की कोविड पॉज़िटिव रही 90 साल की धर्मवती अग्रवाल की कहानी है। बिजनौर जनपद के नगीना की 90 वर्ष की कोरोना पॉज़िटिव रिपोर्ट आने के बाद  11 जून को टीएमयू कोविड -19 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दो बार लगातार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद तीर्थंकर महावीर चिकित्सालय के आला प्रबंधन, वारियर्स और मेडिकल स्टाफ ने तालियां बजाकर और फूलों की बारिश के बीच उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।   आइसोलेशन वार्ड में साथ रहे उनके पौत्र एवं दिल्ली यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रो. डॉ. अंकित अग्रवाल कहते हैं, दादी जी अब पूर्णतः स्वस्थ हैं। वह टीएमयू कोविड -19 हॉस्पिटल के डॉक्टरों के प्रति अपनी कृतज्ञता जताते हुए कहते हैं, मैं निःशब्द हूँ। दादी जी की टीएमयू यूनिवर्सिटी में जितनी देखभाल की गई, बेमिसाल है। वह योगी सरकार का भी शुक्रिया अदा करना भी नहीं चूकते हैं कहते हैं , सरकार ने जिस चुस्ती और मुस्तैदी से कोरोना पर नियंत्रण किया है, वह उल्लेखनीय उदाहरण हैं। योगी सरकार का भी शुक्रिया। नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का नाश्ता और रात का खाना सब समय पर होता। दो वक्त डॉक्टर विजिट करते। सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाता। वह बताते हैं, दादी जी की दिनचर्या पूर्ववत है जबकि खान-पीन डॉक्टरों के मुताबिक चल रहा है। 90 साल के दो वृद्ध भी इस जंग में विजेता बनकर जा चुके हैं। अमरोहा के राधे लाल और रामपुर के मुन्ने खां भी लक्की रहे हैं।  

सक्सेस स्टोरी -3

टीएमयू कोविड हॉस्पिटल के लिए यह भी गुड न्यूज़ से कम नहीं है। गुरुग्राम के बाशिंदे एवं 

दिल्ली हाई कोर्ट में 85 वर्षीय सीनियर एडवोकेट श्री आरके शर्मा चंद रोज पहले कोरोना से जंग जीतकर अपने घर लौटे हैं। श्री शर्मा के अलावा उनके बेटे और पुत्रवधू भी पॉजिटिव हो गए थे। डिस्चार्ज से पूर्व श्री शर्मा टीएमयू कोविड के आला प्रबंधन-श्री सुरेश जैन और श्री मनीष जैन का आभार व्यक्त करते हुए कहा, बड़े शहरों की तुलना में टीएमयू हॉस्पिटल में बेशुमार सहूलियतें हैं। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का समर्पण बेमिसाल है। कोविड मरीजों के प्रति नर्सों का सेवाभाव उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा, कोरोना से बुजुगों को डरने की जरुरत नहीं है। अमरोहा के मोहल्ला चौक निवासी 65 साल के इजहार कोविड होने के अलावा शुगर के रोगी भी थे। बावजूद इसके बेहतर इलाज और पौष्टिक आहार के चलते वह निगेटिव हो गए। इससे इलाज में जुटे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का उत्साह दोगुना हो गया है। नोडल आफिसर डॉ. वी. के. सिंह के मुताबिक इजहार की दो रिपोर्ट्स लगातार निगेटिव आयी हैं तो उन्हें छुट्टी दे दी गयी। जाते वक़्त इजहार बोले, कोरोना को मज़ाक में मत लीजिएगा। उन्होंने इलाज में जुटे डॉक्टर्स और सभी नर्सिंग स्टाफ का शुक्रिया अदा किया। साथ ही उनके व्यवहार और खान पीन के बंदोबस्त पर संतुष्टि जताते हुए कहा,अल्लाह सबको महफूज़ रखे।

सक्सेस स्टोरी-4

कोरोना से जंग में आई चौथी बड़ी खुशखबरी यह भी है, टीएमयू हास्पिटल के लिए यह पहला ऐसा केस है कि वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहे कोरोना संक्रमित कोई मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौटा है। रामपुर निवासी 27 वर्षीय फैजान मियाँ 15 जुलाई 2020 को बुखार, खांसी और सांस फूलने की परेशानी के कारण बहुत गंभीर हालत में टीएमयू हॉस्पिटल में तुरंत आक्सीजन सहायता के लिए आईसीयू में भर्ती कराया गया था।  लेकिन 17 जुलाई को उनकी तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अगले 5 दिनों के लिए वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। वेंटिलेटर से सफलता पूर्वक हटाने के पश्चात 3  दिनों के बाद उन्हें आक्सीजन सपोर्ट पर सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया तथा धीरे-धीरे उन्होंने आक्सीजन सपोर्ट से भी तौबा कर ली और आखिरकर 1 अगस्त को उन्हें टीएमयू हास्पिटल से छुट्टी दे दी गई है। इसके अलावा बिजनौर के श्री रमेश सिंह और एहतेशाम भी वेंटीलेटर पर थे, लेकिन उम्दा मेडिकल ट्रीटमेंट और अपनी विल पॉवर के बाद ठीक हो गए।  

सक्सेस स्टोरी -5

मुरादाबाद के कांशीराम कॉलोनी की रहने वाली कोरोना पॉजिटिव 23 वर्षीया सुमन की भी उल्लेखनीय सक्सेस स्टोरी है। सुमन की 08 जून की सुबह सफल नार्मल डिलीवरी हुई । यह मुरादाबाद मंडल का पहला केस है, कोविड पॉजिटिव महिला की सफल नार्मल डिलीवरी हुई। ऐसा सुखद परिणाम सुमना के साथ ही नहीं हुआ बल्कि लम्बी फ़ेहरिस्त है। टीएमयू कोविड-19 हॉस्पिटल में एक दर्जन और महिलाओं- अर्शी, नसरीन, नेहा खां, इरम, प्रीति, नादरा, सुरभि आदि की भी सफल डिलीवरी हो चुकी है। ये सभी महिलाएं दोहरी खुशियों के साथ गोद में चहकते और महकते बच्चों को भी ले गईं। इनके अलावा भी अनगिनत बुलंद इरादों की स्टोरी हैं। उल्लेखनीय है कि टीएमयू कोविड-19 हॉस्पिटल में पहला मरीज 08 अप्रैल को भर्ती हुआ था।  

टीएमयू कोविड -19 हॉस्पिटल के कोरोना वारियर्स और मेडिकल स्टाफ ने कोविड मरीजों की सेवा में रात-दिन एक कर दिया,वहीँ समाज भी इनके हौसले बुलंद करने में पीछे नहीं रहा। डॉक्टर्स डे पर टीएमयू के दो डॉक्टर्स कोविड-19 में उत्कृष्ट सेवा के लिए भी सम्मानित किए गए। डॉक्टर्स डे पर यह ऑनर इनर क्लब ऑफ मुरादाबाद और इनर व्हील क्लब ऑफ़ मुरादाबाद  मिडटाउन की ओर से टीएमयू कोविड -19 के नोडल ऑफिसर डॉ. विनोद कुमार सिंह और दूसरे नोडल ऑफिसर डॉ. नजमुल हुदा को ऑनलाइन दिया गया। इस सम्मान प्राप्ति के बाद डॉ. सिंह और डॉ. हुदा ने कहा, यह सम्मान टीएमयू कोविड -19 हॉस्पिटल के आला प्रबंधन,सभी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को  समर्पित है। उल्लेखनीय है कि इनर व्हील क्लब ऑफ़ मुरादाबाद ने तीर्थंकर महावीर चिकित्सालय के दो डॉक्टरों समेत कुल 16 चिकित्सकों को इस सम्मान से नवाजा है। इनमें नोएडा के दो डॉक्टर भी शामिल हैं। इनर व्हील क्लब ऑफ़ मुरादाबाद  मिडटाउन ने डॉक्टर्स डे पर टीएमयू के इन दो डॉक्टरों समेत तीन का ऑनर किया। इन क्लबों ने डॉक्टरों को असली हीरो बताते हुए उन्हें सैल्यूट किया। 

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी का आला प्रबंधन अपने सामाजिक दायित्वों को बखूबी समझता है। विश्वविद्यालय सेंट्रल गवर्नमेंट, स्टेट गवर्नमेंट के संग-संग स्थानीय प्रशासन के कंधे से कंधा मिलाकर चलने और दिशा-निर्देशों का सौ फीसदी पालन करने में भरोसा रखता है। कोरोना वायरस से फैली महामारी से निपटने को तीर्थंकर महावीर चिकित्सालय के आला अफसरों और डॉक्टरों ने कमर कस रखी है। कोविड-19 चिकित्सालय में सैकड़ों डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ मानव सेवा में रात-दिन जुटा है। हाॅस्पिटल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी संजीदगी से क्रियान्वित है। अब तक हजारों बेसहारा और जरूरतमंद लोग इस योजना का मुफ्त में लाभ उठा चुके हैं। यूपी के ब्रास सिटी में सोने-सी चमक रखने वाले इस सुपर स्पेशलिटी हाॅस्पिटल का चेहरा मानवतावादी है। 1008 बेड वाले हाॅस्पिटल में ओपीडी फ्री है। हालांकि सामान्य दिनों में दो हजार+ रोगी अपने इलाज को रोज यहां आते रहे हैं, लेकिन उनका पर्चा बिल्कुल निःशुल्क बनता है।

बकौल तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन- शासन और प्रशासन के दिशा-निर्देश पर कोविड-19 हॉस्पिटल के आइसोलेशन और क्वारंटाइन वार्ड के प्रति डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ एकदम समर्पित है। हॉस्पिटल का जर्रा-जर्रा सेनेटाइज है। एम्बुलेंस से वार्ड तक, यहां तक गैलेरी, रेलिंग आदि की सेनेटाइजेशन में भी स्टाफ रात-दिन जुटा है। चांसलर बोले, मानवता की सेवा ही, देश की सच्ची सेवा है। इसे न केवल जैन समाज बल्कि सभी धर्मों में सर्वोपरि माना गया है। उन्होंने कोविड पॉजिटिव से उभर चुके लोगों से विनम्र अनुरोध किया है, प्लाज़्मा डोनेशन के लिए बढ़ चढ़कर वे आगे आएं, ताकि गंभीर कोविड रोगियों को नया जीवन मिल सके। जीवीसी श्री मनीष जैन कहते हैं, मानव कल्याण के लिए तीर्थंकर महावीर हॉस्पिटल के दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। हम केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ प्रशासनिक दिशा -निर्देशों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को  प्रतिबद्ध हैं।

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