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    Homeसाहित्‍यकवितातो कोरोना क्यों होय ||

    तो कोरोना क्यों होय ||

    साबुन से सब धोइये,अपने दोनों हाथ |
    कोरोना से छूट जायेगा,तुम्हारा साथ ||

    जनता कर्फ़यु लगाईये,आगामी रविवार |
    कम हो जायेगा तुम पर,कोरोना का वार ||

    डॉक्टर्स,नर्स का करो तुम प्रगट आभार |
    ये लोग सदा करते ,तुम्हारा ही उपकार ||

    बुजर्गो को मत भेजिए,घर से तुम बाहर |
    झेल न पात है,ये कोरोना का तीखा वार ||

    करो दूर से नमस्ते,हाथ न अब मिलाये |
    एक दूजे से दूर रहकर,कोरोना को भगाये ||

    आगामी रविवार को सब,पांच बजे शाम |
    धन्यवाद दो उनका जो करते नेक काम ||

    कोरोना कोरोना सब कहे,करुणा करे न कोय |
    जो एक बार करुणा करे,तो कोरोना क्यों होय ||

    आर के रस्तोगी

    आर के रस्तोगी
    आर के रस्तोगी
    जन्म हिंडन नदी के किनारे बसे ग्राम सुराना जो कि गाज़ियाबाद जिले में है एक वैश्य परिवार में हुआ | इनकी शुरू की शिक्षा तीसरी कक्षा तक गोंव में हुई | बाद में डैकेती पड़ने के कारण इनका सारा परिवार मेरठ में आ गया वही पर इनकी शिक्षा पूरी हुई |प्रारम्भ से ही श्री रस्तोगी जी पढने लिखने में काफी होशियार ओर होनहार छात्र रहे और काव्य रचना करते रहे |आप डबल पोस्ट ग्रेजुएट (अर्थशास्त्र व कामर्स) में है तथा सी ए आई आई बी भी है जो बैंकिंग क्षेत्र में सबसे उच्चतम डिग्री है | हिंदी में विशेष रूचि रखते है ओर पिछले तीस वर्षो से लिख रहे है | ये व्यंगात्मक शैली में देश की परीस्थितियो पर कभी भी लिखने से नहीं चूकते | ये लन्दन भी रहे और वहाँ पर भी बैंको से सम्बंधित लेख लिखते रहे थे| आप भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबन्धक पद से रिटायर हुए है | बैंक में भी हाउस मैगजीन के सम्पादक रहे और बैंक की बुक ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का हिंदी में अनुवाद किया जो एक कठिन कार्य था| संपर्क : 9971006425

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