ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव

जीवन में कामयाबी पाने में शुभ ऊर्जा और सकारात्मक सोच बनाये रखने की विशेष जरूरत होती है। यह हमें अपने आसपास के माहौल और हमारे निवास से मिलती है। ऎसे में यदि आप भविष्य में अपने लिए घर का नवनिर्माण कराने जा रही है या पहले से निर्मित भवन का क्रय करने की योजना हो तो आपको यह जान लेना चाहिए की आपके लिए किस दिशा के मुख वाला घर उत्तम रहेगा। मकान को घर बनाने में घर की महिला के साथ-साथ, घर में प्रयोग किए गए रंगों की भी विशेष भूमिका रहती है। यदि वास्तु सम्मत घर में रहा जाए तो घर का हर कोना आपको सकारात्मक ऊर्जा से भर देगा। घर में रहने वाले सदस्यों को कम मेहनत में भी अच्छी सफलता, उन्नति और समृद्धि की प्राप्ति होगी। यदि किसी कारणवश नए घर का निर्माण करना या क्रय करना भविष्य में संभव न हो तो आप अधिक से अधिक अपने शुभ रंगों का प्रयोग कर अपने घर को वास्तु दोष रहित कर सकती है। इससे आपका आशियाना मुस्कुराने लगेगा।

मेष : आपके लिए दक्षिण मुखी भवन या प्लाट में रहना अत्यंत शुभ रहेगा। यहाँ रहने से आपके व्यक्तित्व का विकास होगा। अपने घर को आप लाल, पीला, गुलाबी और ऑरेंज रंगों से सजाएं यह आपको विशेष शुभता देगा। घर की सजावट के लिए आपको इन्ही रंगों का प्रयोग करना चाहिए। बेड कवर, चादर व परदे इन्हीं रंगों के इस्तेमाल करें। पूजन कक्ष की दीवारों पर लाल रंग करवायें व घर के पूजा घर में पारद हनुमान जी की स्थापना करें। इससे आपके घर में शांति व खुशहाली बनी रहेगी।  

वृषभ : वृषभ राशि की महिला होने के कारण आपके लिए दक्षिण-पूर्व मुखी भवन शुभ है। यह आपके वैवाहिक जीवन को सौहार्दपूर्ण रखेगा। अपने घर की दिवारों और कमरों को सजाने के लिए आप गुलाबी और सफेद रंग का प्रयोग करें। बेडशीट, पर्दे नीले रंग के प्रयोग कर सकती हैं। इन्ही रंगों के सोफा कवर या पिलो कवर इस्तेमाल कर सकती है। पूजन कक्ष की दीवारों पर विशेष रुप से सफेद रंग करवाएँ। स्फटिक श्रीयंत्र की स्थापना कर पूजन करें। इसकी शुभता से वास्तुदोषों में कमी आएगी। 

मिथुन : आपका अपने लिए उत्तर मुखी भवन का चयन करना उन्नतिकारक और शुभप्रदायक रहेगा। घर की शुभता को बढ़ाने के लिए आप घर में हल्का हरा व हल्के नीले रंग का इस्तेमाल करें। ये रंग आपको विशेष शुभता देंगे। अपने रहन-सहन व पहनावे में भी आपको ज्यादातर इन्ही रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। पूजन कक्ष में हरे रंग का विशेष रुप से प्रयोग कराना शुभ रहेगा। हरिद्रा गणपति का नित्य पूजन करें। घर की यह दिशा वास्तुदोष से मुक्त होने पर घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है। 

कर्क : आप अपने लिए घर का क्रय करें या भवन का निर्माण करें, दोनों ही स्थितियों में आपके लिए उत्तर-पश्चिम दिशा मुखी भवन उत्तम रहेगा। इसके साथ ही यदि आप अपने घर को सफेद, सिल्वर और क्रीम रंग से सजाते है तो घर को विशेष शुभता प्राप्त होगी। पूजन कक्ष में सफेद रंग करावायें अथवा कोई हल्का रंग भी शुभ रहेगा। इसके अतिरिक्त आपको अपने कमरे के उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा के कोने में पानी का घडा या बहते हुए पानी का चित्र अवश्य रखें तथा पारद शिवलिंग की उपासना करें। 

सिंह : आपके लिए सबसे उत्तम पूर्व मुखी भवन रहेगा। पूर्व मुखी भवन में आपको संतरी, सिल्वर और सुनहरी पीले रंग का प्रयोग करना चाहिए। परदे व चादर आदि में भी इन रंगों का इस्तेमाल करने से आपके घर में सुख-समृद्धि सदैव बनी रहेगी। आपको अपनी रसोई घर दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा में बनानी चाहिए। यह आपको आरोग्यता, आत्मविश्वास, उच्चपद और उन्नति देगा। पूजन कक्ष में लाल रंग कराने व स्फटिक सूर्य का नित्य पूजन करने से सफलता के साथ ही जीवन में प्रगति के भी अवसर मिलेंगे।

कन्या : उत्तर मुखी भवन में निवास करना आपके लिए सुख-सौभाग्य, धन, धान्य और जीवन में बढ़ोतरी देगा। जब आप अपने लिए घर बनवा रहे हों या क्रय कर रहें हों तो अपने घर को रंगने के लिए हल्के हरें, हल्के नीले, गुलाबी और क्रीम रंगों का अधिकतम प्रयोग करें। अपने घर की उत्तर दिशा में थोड़ा खाली स्थान अवश्य रखें। पूजन कक्ष में हल्का पीला रंग कराना शुभ रहेगा। स्फटिक गणेश लक्ष्मी जी का पूजन करें।  यह आपको आर्थिक क्षेत्रों, वाणी और शिक्षा-अध्ययन कार्यों में शुभता देगा। 

तुला : स्वयं के लिए निवास का निर्धारण करने के लिए आप दक्षिण-पूर्व मुखी भवन का चयन करें। तथा अपने घर को क्रीम, गुलाबी व हल्के नीले रंगों से संवारें। आप देखेंगे की आपका घर और आपका भाग्य दोनों जगमगा जायेंगे। पूजन कक्ष की दीवारों पर हरा रंग करवाना शुभ रहेगा। साथ ही पारद लक्ष्मी पादुका का दर्शन पूजन करें। इस दिशा की शुभता प्रेम संबंधों में सफलता, सुखद दांपत्य जीवन और वाहनों से कष्ट से बचाती है। इस प्रकार का घर सदस्यों के लिए भाग्यशाली रहेगा। 

वृश्चिक : वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको दक्षिण दिशा मुखी घर में निवास करना चाहिए। घर में रंग रोगन करने के लिए लाल, हल्का पीला और संतरी रंग का विशेष रुप से प्रयोग करें तथा कपडे व गहनों के इस्तेमाल में भी इन्हीं रंगों का प्रयोग करें। घर के दक्षिण कोने में भारी फर्नीचर रखने से वैभव की प्राप्ति होगी। पूजन कक्ष में कोई भी हल्का लाल रंग कराना शुभ है। इससे आपकी संतान को शिक्षा, कामयाबी और समृद्धि मिलेगी।

धनु : उत्तर-पूर्व (ईशान) मुखी भवन आपके लिए विशेष शुभ रहेगा। जहां तक संभव हो आपको ईशान मुखी भवन में रहने का प्रयास करना चाहिए। अपने भवन को पीले, लाल व संतरी रंग से संवारें। पूजन कक्ष में हल्का पीला रंग कराना शुभता देगा। आप घर के ईशान कोण में चांदी के घडे में पानी भरकर मोती की माला से सजाकर रखें। इस दिशा को हमेशा साफ-सुथरा रखकर पूजा करने से आपके जीवन में सुख व शांति बनी रहेगी। तथा धन बचाने में सहजता रहेगी।  

मकर : अपने लिए घर की तलाश करते समय या घर का निर्माण कराते समय आप पश्चिम मुखी भवन पसंद करें। इस प्रकार बना भवन आपको उन्नति, सफलता, सुख-शान्ति देगा। इस घर को आप हल्का नीला, हरा, आसमानी नीला और हल्के भूरे रंगों से सजायें। यह भवन आपको पैरों में दर्द एवं वायु विकारों से मुक्ति देगा। वास्तु शुभता पाने के लिए आपको पूजन कक्ष में हरा रंग करवाना चाहिए और पारद शिव परिवार का पूजन करने से शुभता की प्राप्ति होगी। 

कुंभ : आपके राशि स्वामी शनि की सबसे शुभ दिशा पश्चिम दिशा है। अत: पश्चिम दिशा मुखी भवन में रहना आपकी उन्नति के नये मार्ग खोलेगा। यदि आप अपने घर में आसमानी व हल्का भूरा रंग कराते है तो यह अति शुभ रहेगा। आप अपने कमरे की सजावट की वस्तुओं के लिए भी इन रंगों का प्रयोग कर सकते हैं। नौकरी व आजीविका क्षेत्रों में सफलता मिलेगी तथा रोगों का शीघ्र निवारण होगा। आप अपने पूजन कक्ष के विशेष शुभता पाने के लिए सफेद रंग करायें व पारद शिवलिंग का पूजन करें।

मीन : अपने घर को वास्तु सम्मत रखने के लिए आपको उत्तर-पूर्व मुखी भवन में रहना चाहिए। इस दिशा का भवन आपके लिए शुभ व भाग्यशाली रहेगा। अपने सपनों के घर को आप पीले, क्रीम व सुनहरी रंगों से सजाएं। साथ ही घर की सजावट और पहनावे में इन रंगों का ज्यादा इस्तेमाल करें। पूजन कक्ष में पीला रंग कराना भाग्य प्राप्ति में सहयोग करेगा और स्फटिक कछुआ पूजा घर में स्थापित करें और पूजन करें। इससे आपके घर की सुख-शांति बनी रहेगी 

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