लेखक परिचय

सुधीर मौर्य

सुधीर मौर्य

मूलत: कानपुर (उ.प्र.) के रहने वाले सुधीरजी साहित्‍यकार हैं और इनकी आठ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। इन दिनों आप मुंबई में रहते हैं।

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– सुधीर मौर्य-      images

युग पर युग बदल गए, पर अपने नारद भाई जस के तस। रत्ती पर भी बदलाव नहीं। हाथ में तानपूरा, होठों पे नारायण – नारायण और वही खबरनवीसी का काम।जाने कहां से टहलते-घूमते आपके चरन भारत मैया की धरती पर आटिके। तनिक देर में हीनारायनी शक्ति केबल पर आपने खबरनवीसी के  हायटेक टेक्नोलॉजी की महत्ता समझली। इस टेक्नोलॉजी की महत्तासे घबराकर बेचारे पतली गली ढूंढ़ ही रहे थे कि एक उपकरणों से लैस पत्रकार के हाथों धरे गये। देखते ही पत्रकार मुस्कराकर बोला, क्या हल है तानपुरा मास्टर ? बेचारे नारद जी पत्रकार की स्टाइल से सिटपिटा गए। संभल के बोले अरे बोलने की गरिमा रखो। गरिमा को बांधो, कंधे पर पड़े अंगोछे में मिस्टर जानते नहीं हमारे सर पे किसका हाथ है। अब तो नारद और सिटपिटाये, सोचा कहीं इसने भोले की भक्ति करके कोई वरदान – सरदान का मालिक न बन बैठा हो।डरते – सहमते पूछा किसका हाथ है आपके सर पर ? 2 मिमी. के मूछ के बाल को सहलाते हुए बोला पत्रकार दिल्ली की नई नवेली सरकार का। दिल्ली का नाम सुनकर नारद जी कि बची-खुची हवा भी निकल गई। भागने की जुगत में बोले अच्छा चलता हूं। पर पत्रकार तो अपने नशे में था, इसी नशे में डोलता बोला। अरे यहां आये तो कुछ मांग लो। बेचारे नारद जी, पिंड छुड़ाने की गरज़ से बोले, अब  क्या मांगू साहब, आप तो महाज्ञानी हैं जो उचित समझें, दे दें। नारद की बात सुनकर वो तनिक सोचकर बोला, कुछ  भी तुमने खबर नवीसी का काम किया, सो आप  हमारी बिरादरी के ठहरे इसलिए हम आपको पत्रकारिता का आशुतोष सम्मान प्रदान करते हैं। शाल, प्रशस्ति पत्र और नोटों का लिफाफा लेकर नारद जी अभी खिसके ही थे कि पीछे से फिर आवाज़ आई, अरे सुनते जाओ। बेचारे नारद जी ठिठक के पलटे और मुंह खोलके सवालिया अंदाज़ में खड़े हो गये। अरे भाई, हम आपकी तरह और लोगों को सम्मानित करना चाहते ही जिनकी अब तक किसी ने खबर नहीं ली। कौन है वो खुशनसीब, नारद जी नोटों का लिफाफा कमर में खोंसते हुए बोले। अरे भई, अपने हरिश्चंद्र महाराज को ईमानदारी का अरविन्द पुरस्कार, कालिदास को कुमार विश्वास सम्मान और … पत्रकार और भी कई नाम गिना रहा था और अपने नारद मुनि सर पर पैर रखकर भाग रहे थे।

One Response to “… जब नारद जी सम्मानित हुए”

  1. शिवेंद्र मोहन सिंह

    हा हा हा …. बहुत खूब सुधीर जी अभी तक इस तरह के चुटकुले रजनीकांत के चल रहे थे, और अब लगता है फिर नया ट्रेंड स्वयंभू हरिश्चंद जी का भी निकलेगा.

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