खेल दिवस पर यशोधराराजे सिंधिया बधाई की पक्की हकदार हैं

विवेक कुमार पाठक
मप्र में खेल और खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण बनाने के लिए यशोधराराज सिंधिया को साधुवाद। खेल मंत्री के रुप में उनकी पारी का मैं भले ही व्यक्तिगत प्रशंसक हूं मगर उनकी सफलता के आंकड़े सार्वजनिक हैं एवं जिस पर हर कोई पार्टी पंथ समर्थक और विरोधी का चोला उतारकर उनके काम को देख और समझ सकता है। खेल दिवस है तो आज एशियाड में बीमारु मप्र से निकलकर आए खिलाड़ी मप्र की छवि की कुछ तारीफ तो बनती है। मप्र जैसे हिन्दी  भाषी राज्य जो बीमारु स्टेट कहलाते रहे हैं उनमें खेल की अधोसंरचना और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन की कमी पदकों की खाली सूची के रुप में देश को दिखती रही है मगर पिछले कुछ सालों में मप्र में खेल का ऐसा वातावरण बना है कि एशियाड में मप्र के खिलाड़ी धूम मचाए हुए हैं। 
मप्र के खिलाड़ियों ने हॉकी, सेलिंग और कियाकिंग में अपने पदक पक्के कर लिए हैं। सेलिंग में हर्षित तोमर तीसरे पायदान पर हैं जबकि केनोए सिंगल में मीरा दास फायनल में आ गए हैं। कयाक में सोनिया देवी, केनोए डबल में अंजलि वशिष्ठ और इनोचा देवी फाइनल में पहुंच गई हैं। महिला हॉकी में मध्यप्रदेश की खिलाड़ी रजत पदक की खुशी का उत्सव मना सकेंगीं। मप्र के खिलाड़ियों का यह उम्दा प्रदर्शन उनकी मेहनत का नतीजा है तो इस मेहनत को प्रोत्साहित करने और सरकार से हर संभव साधन दिलाने वाली प्रदेश की खेल एवं युवक कल्याण मंत्री यशोधराराजे सिंधिया के जज्बे को दरकिनार नहीं किया जा सकता। वे स्पोर्टसमैन स्पिरिट रखती हैं और गांव देहात और कस्बे से आए नए खिलाड़ियों को इसके लिए बराबर प्रोत्साहित करती हैं। यशोधराराजे के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि उनके समय में उन सामान्य घरों के खिलाड़ी खेल के मैदान पर अपना भविष्य बनाने आने लगे हैं जिनमें खेलना मतलब समय खराब करना माना जाता था। आज ग्वालियर में राज्य महिला हॉकी अकेडमी में जाकर देख लीजिए। अधिकतर महिला खिलाड़ी वे हैं जो बहुत ही सामान्य और आम घरों से हॉकी खेलने आईं हुईं थीं। मप्र की महिला हॉकी अकादमी से 6 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय टीम में चयन बीते साल अखबारों की बड़ी खबर बना था। ये मेहनती लड़कियां बढ़िया हॉकी खेल रही हैं और इन्होंने देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है।
मप्र की अन्य खेल अकादमियों से भी अच्छे खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। एशिया में हॉकी, सेलिंग और कयाकिंग में मप्र का डंका बोल रहा है तो मप्र में इन खेल अकादिमयों की मेहनत को नकारा नहीं जा सकता।
ये मेहनत देश दुनिया के तमाम खिलाड़ियों से गहरी दोस्ती रखने वाली एवं प्रदेश की खेल एवं युवक कल्याण मंत्री की देखरेख और प्रोत्साहन के बीच साकार हुई है इसलिए खेल दिवस पर यशोधराराजे सिंधिया बधाई की पक्की हकदार हैं।

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